Mirzapur Kaleen Bhaiya VS Pankaj Tripathi: कालीन भैया जब कमरे में दाखिल होते हैं तो माहौल बदलने के लिए उन्हें न बंदूक उठानी पड़ती है, न आवाज ऊंची करनी पड़ती है. चेहरे पर वही ठहराव, आवाज में वही धीमी-सी गर्माहट और आंखों में ऐसा भाव, जैसे सामने खड़े इंसान की अगली कई चालें वो पहले ही पढ़ चुके हों. यही कालीन भैया की सबसे बड़ी ताकत है और यही वो वजह भी है, जिसने पंकज त्रिपाठी को इस किरदार में बाकी तमाम गैंगस्टर किरदारों से अलग खड़ा कर दिया.
Mirzapur Pankaj Tripathi: किसी एक्टर की पहचान आमतौर पर उसकी फिल्मों, किरदारों और डायलॉग से बनती है, लेकिन बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी की कहानी थोड़ी अलग है. यहां एक तारीख भी उनकी पहचान का हिस्सा बन गई है, जो 5 सितंबर है. हर साल इस दिन सोशल मीडिया पर मिर्जापुर के कालीन भैया के फैंस उन्हें जन्मदिन की बधाइयां देते हैं. मगर खुद पंकज त्रिपाठी ने एक पॉडकास्ट में बताया कि कहानी इतनी सीधी नहीं है.