मनरेगा के बदले जो नई योजना लांच की गई थी, उसको लेकर संसद से लेकर सड़क तक बवाल हुआ था. विपक्षी नेताओं की दलील थी कि योजना में महात्मा गांधी का नाम जुड़ा हुआ है, इसलिए सत्तापक्ष को आपत्ति हो रही है. लेकिन, जब यह योजना महिलाओं की तरक्की का जरिया बन रही है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए.