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शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया अगले साल अक्टूबर-नवंबर में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की धरती पर होने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2027 का खिताब हर हाल में जीतना चाहती है. भारत इस टूर्नामेंट में अपना तीसरा वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीतने के इरादे से उतरेगा. भारत ने इससे पहले कपिल देव की कप्तानी में 1983 वनडे वर्ल्ड कप और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2011 वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. 2023 वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई थी. इसी बीच 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत के हीरो रहे युवराज सिंह ने टीम इंडिया को बड़ी सलाह दी है.
युवराज सिंह ने कहा कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया में बार-बार बदलाव करने के बजाय एक मजबूत और लगातार साथ खेलने वाला स्क्वॉड तैयार करना जरूरी है. युवराज सिंह ने Cricinfo से बातचीत में कहा, 'भारत को ODI टीम में ज्यादा बदलाव करने से बचना चाहिए. वर्ल्ड कप 2027 तक भारत के करीब 16 से 20 खिलाड़ियों के एक कोर ग्रुप को लगातार मौके मिलने चाहिए. अब 50 ओवर के मुकाबले कम और T20I के मैच ज्यादा होने के कारण खिलाड़ियों को वनडे फॉर्मेट में पर्याप्त मैच खेलने का मौका देना बेहद जरूरी है. इससे खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे.'
युवराज सिंह ने भारतीय टीम के पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए कहा, 'कई बार बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले बड़े बदलाव किए गए हैं. टीम को ऐसी स्थिति से बचना चाहिए और जिस स्क्वॉड पर भरोसा हो, उसे लंबे समय तक साथ रखना चाहिए. खिलाड़ियों के सफल होने या असफल होने के बावजूद टीम मैनेजमेंट को अपने चुने हुए खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए. किसी भी बड़े टूर्नामेंट में स्क्वॉड पर विश्वास बेहद अहम होता है. भारत ने 2023 के 50 ओवर वर्ल्ड कप में भी फाइनल तक का सफर तय किया था. इसलिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट में टीम के पास कंसिस्टेंसी के कई उदाहरण मौजूद हैं.'
युवराज सिंह का मानना है कि भारत का पहला लक्ष्य सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करना होना चाहिए और उसके बाद नॉकआउट के अंतिम दो मुकाबलों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, 'अभी वर्ल्ड कप काफी दूर है, इसलिए फिलहाल सबसे बड़ा फोकस ऐसी टीम तैयार करने पर होना चाहिए, जो अलग-अलग हालात में मुकाबला करने के लिए तैयार रहे.'
2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर भी कई सवाल हैं. दोनों दिग्गजों के भविष्य और 2027 वनडे वर्ल्ड कप में उनकी संभावित भागीदारी को लेकर चर्चा होती रही है, खासकर इंटरनेशनल क्रिकेट के अन्य दो फॉर्मेट (टेस्ट और T20I) में उनके संन्यास के बाद. हालांकि, युवराज सिंह का मानना है कि टीम इंडिया का मेन फोकस अब किसी एक खिलाड़ी के बजाय पूरी ODI टीम के लिए निरंतरता, पर्याप्त मैच अभ्यास और मजबूत स्क्वॉड तैयार करने पर होना चाहिए.