महिला एशिया कप 2026 में पिछले साल की ट्रॉफी कंट्रोवर्सी रिपीट हुई. एक बार फिर पाकिस्तान के गृह मंत्री और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी की वही जिद और पागलपन देखने को मिला. भारत की दो ट्रॉफी नकवी ले गए और ट्रॉफी चोर का धब्बा और गहरा हो गया है. लेकिन कहीं न कहीं भारतीय फैंस के जेहन में सवाल होगा कि आखिर कब तक मोहसिन नकवी भारत के सामने अड़ंगा बनते रहेंगे. एशियन गेम्स का आगाज 19 सितंबर को हो रहा है, वहीं एशिया कप 2027 को लेकर भी यही सवाल कचोट रहा होगा, कि कहीं अगली बार भी भारतीय टीम खाली हाथ न लौटे.
एशिया कप 2027 का आगाज वर्ल्ड कप से पहले वनडे फॉर्मेट में होगा. वहीं, अप्रैल में मोहसिन नकवी का कार्यकाल खत्म हो जाएगा. अगर एसीसी चेयरमैन के तौर पर उनका कार्यकाल नहीं बढ़ता है, तो वह अगले वनडे एशिया कप तक एसीसी के चेयरमैन नहीं रहेंगे. अपने कार्यकाल के दौरान नकवी विवादों से घिरे रहे हैं, ऐसे में उनके इस पद पर बने रहने की उम्मीद कम है. नया कोई चेयरमैन आता है, तो अगले साल भारत का कप घर आएगा.
अब समझते हैं कि क्या एशियन गेम्स पर भी मेडल सेरेमनी में विवाद का खतरा है. इसके पीछे की वजह मोहसिन नकवी की बेशर्मी है. 2025 में भारतीय मेंस टीम से बेइज्जत होने के बाद, महिला एशिया कप में भी नकवी ट्रॉफी देने पहुंच गए. ऐसे में एशियन गेम्स में मौका मिला तो नकवी वहां भी बेइज्जत होने से नहीं कतराएंगे. आइए इस मुद्दे को डिटेल में समझते हैं. क्रिकेट एशिया कप का पूरा नेतृत्व एसीसी पर होता है. एशियन गेम्स में पूरा जिम्मा किसके हाथ में होता है आइए समझते हैं.
एशियन गेम्स की पूरी देखरेख ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया करती है. मेडल सेरेमनी में खास मेहमानों की लिस्ट भी ओलंपिक काउंसिल ही तय करेगी. ऐसा कोई नियम नहीं है कि एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन का होना वहां जरूरी है. लेकिन एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष के तौर पर ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया नकवी को बतौर अतिथि मेडल देने के लिए आमंत्रित कर सकती है. रिजवान की बादशाहत होगी खत्म?
खबरों के मुताबिक महिला एशिया कप फाइनल से पहले ही बीसीसीआई ने साफ कर दिया था, कि भारतीय टीम नकवी से ट्रॉफी नहीं लेगी. अब एशियन गेम्स में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया विवाद से बचने के लिए नकवी को दूरही रखकर समझदारी से फैसला करना चाहेगी. एशियन गेम्स में भी भारत की मेंस और विमेंस दोनों टीमें गोल्ड और सिल्वर की दावेदार हैं. पिछले साल दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीते थे, उस दौरान मेडल सेरेमनी में राजा रंधीर सिंह ने मेडल बांटे थे. अगर नकवी को मेडल सेरेमनी के लिए आमंत्रित किया गया तो निश्चित तौर पर इस विवाद को फिर हवा मिल जाएगी.