अपने पहले ट्रॉफी की तलाश कर रही दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल के अगले सीजन से पहले कई बड़े बदलाव किए हैं. स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की कुर्बानी देकर फ्रेंचाइजी ने विकेट कीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत पर एक बार फिर बड़ा दांव लगाया है. इसके अलावा दिल्ली कैपिटल्स ने पूर्व भारतीय दिग्गज कप्तान सौरव गांगुली और भारत को दो बार वर्ल्ड कप जिताने में अहम किरदार निभाने वाले स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह को कोचिंग में शामिल किया है. दादा टीम के मुख्य कोच बने हैं, जबकि युवी बैटिंग कोच और असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे. बड़ा सवाल ये है कि क्या ये जोड़ी 19 साल के सूखे का अंत कर पाएगी?
इस कदम के साथ युवराज सिंह 11 साल बाद दिल्ली फ्रेंचाइजी में वापसी कर रहे हैं. 2015 में, उस समय 'दिल्ली डेयरडेविल्स' के नाम से जानी जाने वाली इस फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिकॉर्ड 16 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था, जिससे वे उस समय IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए थे. उस सीजन में उन्होंने सभी 14 मैच खेले और 19.07 की औसत से 248 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक भी शामिल थे. अब युवी बतौर बैटिंग कोच टीम में वापसी कर रहे हैं.
एक तरफ सौरव गांगुली हैं, जो अपने खिलाड़ियों को बैक करने के लिए जाने जाते हैं. युवराज, सहवाग, हरभजन, जहीर और धोनी जैसे खिलाड़ियों ने भले ही सफलता की तमाम सीढ़ियों को चढ़ा, लेकिन दादा के समर्थन के बिना इन सभी का सफर अधूरा रह जाता. गांगुली ने अपनी कप्तानी में कई युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और उनके चयन के लिए सिलेक्टर्स से लड़े, जो आगे चलकर भारतीय क्रिकेट के हीरोज बने. अब बतौर हेड कोच सौरव गांगुली यही काम कर सकते हैं. वो टैलेंटेड खिलाड़ियों की पहचान करेंगे, जबकि युवराज उन खिलाड़ियों को और काबिल बनाने में मदद करेंगे.
इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद से युवराज सिंह चुप-चाप कोचिंग की दुनिया में घुस गए. लेकिन उन्होंने जिन-जिन खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी, उनके प्रदर्शन के शोर से क्रिकेट जगत में सनसनी मच गई. अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल के प्रोग्रेस में 'गुरु' युवराज का अहम रोल रहा है. युवी अब तक सिर्फ अपने राज्य के खिलाड़ियों पर ध्यान दे रहे थे, लेकिन अब वो दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ियों को निखारेंगे. गांगुली और युवराज एक दूसरे की ताकत से अच्छी तरफ से वाकिफ हैं और दोनों की बॉन्डिंग भी शानदार है, ऐसे में ड्रेसिंग रूम का माहौल भी अच्छा रहेगा, जो आईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट के लिए काफी अहम है.
आईपीएल 2027 की शुरुआत से पहले दिल्ली कैपिटल्स को कई अहम फैसले लेने होंगे. बड़ा सवाल ये होगा कि टीम मैनेजमेंट अक्षर पटेल को ही कप्तान बनाए रखेंगे या किसी और को कमान सौंपी जाएगी? ऋषभ पंत की वापसी से पेंच फंस गया है. वहीं, टीम के पास केएल राहुल के रूप में भी एक अच्छा विकल्प मौजूद है. पंत और राहुल, दोनों के पास आईपीएल में कप्तानी करने का अनुभव है. देखना दिलचस्प होगा कि सौरव गांगुली इन तीनों में से किसपर दांव लगाएंगे?
गांगुली का काम कप्तान चुनने का होगा, वहीं युवराज का फोकस बल्लेबाजों को बेखौफ बनाना. उनकी मौजूदगी से ऋषभ पंत का फायदा हो सकता है, जो पिछले दो सीजन से बल्ले से फ्लॉप साबित हुए हैं. वहीं, नीतीश राणा, समीर रिजवी और पथुम निसांका जैसे बल्लेबाज भी युवराज के अंदर घातक साबित हो सकते हैं.
आईपीएल 2027 से पहले मिनी ऑक्शन होगा. दिल्ली कैपिटल्स की नजर एक अच्छे स्पिनर पर होगी, जो कुलदीप यादव की कमी को पूरा कर सके. सौरव गांगुली और युवराज सिंह मिडिल ऑर्डर को भी दुरुस्त करना चाहेंगे. फ्रेंचाइजी की नजर 1-2 खतरनाक विदेशी बल्लेबाजों पर भी रहेगी, जो डेविड मिलर की तरह 1-2 ओवरों में ही मैच का रुख पलट सकें.

आईपीएल की रेगुलर टीमों में सिर्फ पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स ही दो फ्रेंचाइजी हैं, जिनका ट्रॉफी जीतने का ख्वाब अभी तक अधूरा है. दिल्ली 2020 में खिताब के सबसे करीब आई थी, जब श्रेयस अय्यर की कप्तानी में डीसी ने फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन मुंबई इंडियंस ने उनका सपना तोड़ दिया. पिछले साल दिल्ली कैपिटल्स ने 14 में से 7 मुकाबले जीते थे और 7 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उनका सफर प्लेऑफ से पहले ही समाप्त हो गया और पॉइंट्स टेबल पर डीसी छठे स्थान पर थी.