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Opinion: 'आजाद' विराट कोहली भारत को जिताएंगे वर्ल्ड कप! ODI का 55वां शतक बाकी के 54 से क्यों है अलग?

वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए मैच में विराट कोहली ने अपने ODI करियर का 55वां शतक जड़ा. 88 गेंदों पर 139 रनों की शानदार पारी के दौरान उन्होंने 9 छक्के जड़े. विराट का ये 55वां शतक बाकी के 54 से क्यों अलग है? आइए जानते हैं.

Written By Ritesh Kumar
Published: Sep 27, 2026, 10:56 PM IST | Updated: Sep 27, 2026, 11:14 PM IST
Image Credit: AI Graphic/BCCI
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विराट कोहली पिछले 18 सालों से वनडे क्रिकेट पर राज कर रहे हैं. इस फॉर्मेट में उनके आसपास भी कोई नहीं है. इसके बावजूद जब वो अपने खेल में बदलाव लाने की बात करते हैं तो थोड़ा अजीब लगता है. वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज की शुरुआत से पहले उन्होंने दो बड़े बयान दिए. पहला तो ये कि 2027 में होने वाला वर्ल्ड कप उनके करियर का आखिरी विश्व कप होगा. दूसरा ये कि अब वो ODI में आजादी के साथ खेलना पसंद करते हैं. उनके करोड़ों फैंस थोड़े टेंशन में आ गए, क्योंकि हिंदी की एक बहुत पुरानी कहावत है- जो चीज टूटा ही ना हो, उसे जोड़ना क्यों?

वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए सीरीज के पहले ODI में जब उन्होंने 139 रनों की शानदार पारी खेली, तो फैंस ने राहत की सांस भी ली और उन्हें कोहली का प्लान भी समझ आ गया. ये 'आजाद' विराट विरोधियों के लिए काल साबित हो सकता है और भारत को 2011 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप जीतने में मदद भी कर सकता है.

किस 'आजादी' की बात कर रहे विराट?

क्रिकेट में एक टर्म का अक्सर इस्तेमाल होता है- अपना नेचुरल गेम खेलो. विराट कोहली ने अपने 18 सालों के करियर में इस टर्म को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया. वो हमेशा से जिम्मेदारी के साथ और स्कोरबोर्ड की डिमांड के अनुसार खेलते रहे हैं. यही वजह है कि वो ODI में अब तक 48 पारियों में नाबाद रहे हैं. वो इस फॉर्मेट में पिच और मैच के हालात के अनुसार खुद को ढालते हैं. वो पिछले 18 सालों से लगातार ऐसा कर रहे हैं और इसी प्रोसेस से सफलता की तमाम ऊंचाइयों को छुआ है. फिर क्यों विराट बैटिंग अप्रोच बदलने की बात कर रहे हैं?

दरअसल, ये भी गेम की डिमांड ही है. टी20 के इस युग में ODI क्रिकेट तेजी से बदल रहा है. अब 350 रन भी सेफ नहीं है. 2027 में होने वाले वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए विराट कोहली अपना प्लान बदलना चाहते हैं. वो अब बेबाक, बेखौफ आजादी से बैटिंग करना चाहते हैं. उन्होंने ये कहा भी कि पहले मुझे लगता था कि मैं आउट हो गया तो क्या होगा? लेकिन अब टीम में कई मैच विनर बल्लेबाज मौजूद हैं, जिसकी वजह से वो पहले से अधिक आजादी के साथ बैटिंग कर सकते हैं. उन्होंने जो कहा, वो कर के दिखाया दिया. वेस्टइंडीज के खिलाफ लगाया गया उनका ODI का 55वां शतक कई मायनों में बाकी के 54 शतक से अलग था.

हवाई फायर करने से नहीं घबरा रहे विराट

विराट कोहली ने अब ODI में 15000 से अधिक रन बना लिए हैं. आंकड़े उठाकर देखेंगे तो पता चलेगा कि सिंगल-डबल उनके लिए ऑक्सीजन की तरह काम करते आया है. सेट होने के बाद वो चौकों में भी डील करते हैं, लेकिन हवाई शॉट खेलने से परहेज करते रहे हैं. वक्त बदल रहा है और विराट भी. वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए ODI मैच में उन्होंने 9 छक्के जड़े. इससे पहले किसी वनडे में उन्होंने इतने छक्के नहीं जड़े थे. ये पारी नहीं बल्कि एक स्टेटमेंट थी कि अब मेरा यही रूप देखने को मिलेगा.

ऐसा नहीं है कि विराट कोहली ने 88 गेंदों पर 139 रनों की बड़ी पारी खेली, इसलिए 9 छक्के जड़ दिए. ODI में उनका उच्चतम स्कोर 183 का है. यकीन नहीं करेंगे लेकिन उस मुकाबले में उन्होंने सिर्फ एक छक्का जड़ा था और 22 चौके लगाए थे. तब उनके हिसाब से आजादी से ज्यादा जिम्मेदारी महत्वपूर्ण थी. अब उनकी सोच बदल गई है. वो जिम्मेदारी के साथ-साथ डोमिनेट करना चाहते हैं. गेंदबाजों को ये संदेश भेजना चाहते हैं कि विराट कोहली पहली गेंद पर भी छक्का उड़ा सकता है.

वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में उन्होंने पहली गेंद पर सिंगल लेकर खाता खोला. चौथी गेंद पर उन्होंने हवाई रुख अपनाया और छक्का जड़ा. सिक्स जड़कर 50 का आंकड़ा पार किया और छक्का जड़कर ही शतक ठोका. ये रवैया पहले वाला विराट नहीं अपनाता था. खासकर वैसे मैच में जिसमें आवश्यक रन रेट की बिल्कुल टेंशन ना हो. ये नया विराट है और इसलिए उनका ये 55वां ODI शतक बाकी के 54 से अलग है.

टीम के लिए क्यों साबित होगा फायदेमंद?

बड़ा सवाल ये भी है कि विराट कोहली करियर के उस मुकाम पर हैं, जहां वो बैटिंग अप्रोच या आजादी की बात कर सकते हैं. लेकिन क्या इससे टीम इंडिया का फायदा होगा? रिस्क तो है लेकिन रिवार्ड ज्यादा मिलने की गुंजाइश है. इतने सालों के करियर में वो ज्यादातर एंकर रोल निभाते आए हैं. जब वो एक छोर पर खड़े रहते हैं तो ड्रेसिंग रूम में बैठे बाकी खिलाड़ियों को भी यकीन रहता है कि किसी भी हालात से हम मैच जीत सकते हैं. ज्यादा आक्रामक रवैया अपनाकर कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में तहलका तो मचा दिया, लेकिन इस अप्रोच से वो जल्दी आउट भी हो सकते हैं. क्या टीम इंडिया इसके लिए तैयार है?

विराट कोहली की 'आजादी वाली बैटिंग' अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के काम आ सकती है. पहली बात तो ये कि वो 18 सालों से टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले रहे हैं तो ये अचानक खत्म नहीं हो जाएगा. जरा सोचिए कि इस जिम्मेदारी में विराट कोहली 2.O ऐड हो जाए तो क्या होगा? कहने का मतलब ये है कि वो वर्ल्ड कप में तेजी से बैटिंग वाला अप्रोच तो अपनाएंगे ही, लेकिन जिम्मेदारी वाले रोल को भी जरूर समझेंगे, क्योंकि वो इतने सालों से यही करते आए हैं. जब ये दोनों मिक्स होगा तो विरोधी टीमों के पसीने छूटने तो तय हैं.

एक पहलू ये भी है कि भारत की ODI टीम में फिलहाल शुभमन गिल, रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं, जो विराट कोहली को अपना खेल बदलने में मदद करेंगे. तेजी से रन बनाने के चक्कर में वो आउट भी हो जाएं तो उनके इर्द-गिर्द मौजूद बाकी बल्लेबाज टीम की नैया पार लगाने में सक्षम हैं. वर्ल्ड कप में भारत को स्कोरबोर्ड पर 350-400 रनों का प्लान अपनाना होगा, जिसमें विराट कोहली के इस नए अवतार का अहम किरदार रहेगा.

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रितेश कुमार स्पोर्ट्स न्यूज करने के लिए 24 घंटे तैयार रहते हैं क्योंकि इसी से सबसे ज्यादा प्यार करते हैं. पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव. The Lallantop से सफर शुरू हुआ और R Bharat के रास्ते अब Zee News तक पहुंचा है. स्पोर्ट्स क्षेत्र में एक सफल पत्रकार बनने का सपना है. भारतीय क्रिकेटर्स, ओलंपिक और पैरालंपिक मेडलिस्ट का इंटरव्यू करने करने का अनुभव. ट्रेडिंग खबरों में डूबे रहने का शौक है.
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