तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, T20I में बनाया ये प्रचंड रिकॉर्ड, कोहली-रोहित के महान क्लब में मारी एंट्री
तिलक वर्मा ने केवल 68 T20I मुकाबलों में 50 कैच पूरे करके भारतीय फील्डिंग में अपनी अहमियत साबित की है. तिलक वर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में टी20 इंटरनेशनल में 50 कैच पूरे कर इतिहास रच दिया.
टीम इंडिया के स्टार युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में भले ही 16 गेंद पर 28 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन उन्होंने फील्डिंग में एक प्रचंड रिकॉर्ड बना दिया है. तिलक वर्मा ने इसी के साथ ही विराट कोहली और रोहित शर्मा के महान क्लब में एंट्री कर ली है. बता दें कि रविवार को तीसरे T20I मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को 14 रनों से हराकर T20I सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली है.
तिलक वर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इतिहास रचते हुए 50 कैच पूरे कर लिए हैं. तिलक वर्मा ऐसा रिकॉर्ड बनाने वाले भारत के पांचवें फील्डर बन गए है. तिलक वर्मा इसी के साथ ही रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली जैसे दिग्गजों की खास लिस्ट में शामिल हो गए हैं. तिलक वर्मा ने सिर्फ 68 T20I मैचों में 50 कैच लिए हैं, जिससे उनका 'प्रति-पारी कैच' का अनुपात 0.757 हो गया है. इस फॉर्मेट में कम से कम 50 आउटफील्ड कैच लेने वाले भारतीय फील्डरों में यह सबसे अच्छा अनुपात है.
तिलक वर्मा ने रचा इतिहास
दुनियाभर में, तिलक वर्मा का अनुपात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के मुहम्मद वसीम के बाद दूसरे नंबर पर है. मुहम्मद वसीम ने 99 T20I मैचों में 76 कैच लिए हैं और उनका अनुपात 0.767 है. मेंस T20I में कम से कम 50 आउटफील्ड कैच लेने वाले 34 खिलाड़ियों में से केवल मुहम्मद वसीम का अनुपात ही उनसे बेहतर है.इस उपलब्धि के साथ तिलक वर्मा भारत के सबसे बेहतरीन फील्डरों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं. रोहित शर्मा 65 कैच के साथ इस लिस्ट में सबसे आगे हैं. रोहित शर्मा के बाद हार्दिक पांड्या (64), सूर्यकुमार यादव (58) और विराट कोहली (54) का नंबर आता है.
T20I में बनाया ये प्रचंड रिकॉर्ड
तिलक वर्मा का 'प्रति-पारी कैच' का रिकॉर्ड उन्हें मेंस T20I क्रिकेट में सबसे बेहतरीन आउटफील्डरों में से एक बनाता है. यह उपलब्धि उस मैच में मिली जिसमें तिलक वर्मा अजीबोगरीब तरह से रनआउट हो गए. भारत की पारी के 17वें ओवर में बैटिंग करते हुए तिलक वर्मा और अक्षर पटेल को लगा कि वेस्टइंडीज के फील्डर कामिल पूरन ने गुडाकेश मोती की गेंद पर शॉट रोकते समय बाउंड्री रोप को छू लिया था.
दोनों को लगा कि गेंद चौके के लिए चली गई, लेकिन कामिल पूरन ने गेंद को तेजी से वापस फेंक दिया. अक्षर स्ट्राइकर एंड पर अपनी क्रीज में पहुंच गए, जबकि तिलक अपनी क्रीज की ओर बढ़ते रहे और उन्हें शायद स्थिति का अंदाजा नहीं था. गुडाकेश मोती ने गेंद पकड़ी और बॉलर के एंड पर स्टंप्स गिरा दिए, जिसके बाद थर्ड अंपायर ने तिलक को रन-आउट दे दिया. तिलक 16 गेंदों में 28 रन बनाकर आउट हुए.