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भारत का एक क्रिकेटर ऐसा है जो सबसे पढ़ा-लिखा माना जाता है और उसके पास PhD की डिग्री भी है. हालांकि इस क्रिकेटर का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर महज 8 महीने में ही खत्म हो गया. भारत के इस पूर्व तेज गेंदबाज की तुलना कभी महान ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा के साथ होती थी, लेकिन यह क्रिकेटर लंबी रेस का घोड़ा साबित नहीं हो पाया. जी हां, हम भारत के सबसे पढ़े-लिखे क्रिकेटर आविष्कार साल्वी की बात कर रहे हैं. आविष्कार साल्वी मौजूदा समय में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच भी हैं.
आविष्कार साल्वी ने भारत के लिए 4 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले और 4 विकेट हासिल किए हैं. आविष्कार साल्वी के पास एस्ट्रोफिजिक्स में PhD की डिग्री है. आविष्कार साल्वी पिछले एक साल से ज्यादा समय से भारतीय महिला क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच हैं. आविष्कार साल्वी इससे पहले ओमान और पंजाब के भी पूर्व कोच रह चुके हैं. आविष्कार साल्वी के भाई ओंकार साल्वी IPL में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के गेंदबाजी कोच रह चुके हैं. आविष्कार साल्वी ने IPL में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के लिए 7 मैच खेले हैं और 7 विकेट चटकाए हैं. मुंबई से निकले लंबे कद के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज आविष्कार साल्वी का गेंदबाजी स्टाइल महान ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा से मिलता था.
आविष्कार साल्वी ने भारत के लिए 11 अप्रैल 2003 को ODI डेब्यू किया था. वहीं, उन्होंने भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मैच 18 नवंबर 2003 को खेला था. आविष्कार साल्वी उनका इंटरनेशनल करियर चोटों की भेंट चढ़ गया. आविष्कार साल्वी का सीधा रन-अप, ऊंचा बॉलिंग आर्म और किफायती एक्शन ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा से काफी मिलता-जुलता था. यही वजह थी कि उस समय उनकी गेंदबाजी को ग्लेन मैक्ग्रा जैसी बताया जाने लगा.
2002-03 रणजी ट्रॉफी सीजन में आविष्कार साल्वी ने सिर्फ 6 मैचों में 28 विकेट झटके. इसके बाद भारत A के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर उन्होंने असाधारण प्रदर्शन करते हुए 29 विकेट हासिल किए. इस दौरान उन्होंने तीन बार पांच विकेट और एक मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया. जमैका के खिलाफ आविष्कार साल्वी का प्रदर्शन खास रहा, जहां उन्होंने पहली पारी में 5 विकेट और मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए हैं. इस प्रदर्शन के बाद आविष्कार साल्वी भारत की सीनियर टीम के दरवाजे पर जोरदार दस्तक देने लगे.
11 अप्रैल 2003 को आविष्कार साल्वी को भारत की ODI टीम में मौका मिला. 11 अप्रैल को बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया और सिर्फ सात ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट झटके. आविष्कार साल्वी ने अपने शुरुआती ओवर में मेहराब हुसैन को एलबीडब्ल्यू आउट किया. इसके बाद आविष्कार साल्वी ने मोहम्मद अशरफुल को वीरेंद्र सहवाग के हाथों स्लिप में कैच कराया. भारत ने उस मुकाबले में बांग्लादेश को सिर्फ 76 रन पर समेट दिया. आविष्कार साल्वी ने इस टूर्नामेंट में तीन मैच खेले और कुल चार विकेट झटके. साउथ अफ्रीका के खिलाफ आविष्कार साल्वी की कसी हुई गेंदबाजी ने उन्हें भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी विकल्पों में मजबूत दावेदार बना दिया. 18 नवंबर को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टीवीएस कप फाइनल खेला गया. आविष्कार साल्वी ने उस मैच में सिर्फ तीन ओवर गेंदबाजी की और 23 रन दिए. इसी दौरान उन्हें कंधे में गंभीर चोट लगी. यह मैच आविष्कार साल्वी के इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच साबित हुआ.