SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

Analysis: 8 साल बाद फिर भड़केगी ‘सैंडपेपर-गेट’ की आग! कड़वी यादें होंगी ताजा, WTC पॉइंट्स के लिए ऑस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका में महायुद्ध

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच डरबन में टेस्ट सीरीज शुरू होने जा रही है. 2017-18 के ‘सैंडपेपर-गेट’ विवाद के बाद दोनों टीमें एक बार फिर आमने-सामने हैं.

Written By Tarun Verma
Published: Oct 08, 2026, 02:28 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 08:36 PM IST
Image Credit: South Africa vs Australia
Join

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट क्रिकेट की पुरानी और बेहद चर्चित जंग एक बार फिर शुरू होने जा रही है. शुक्रवार (9 अक्टूबर) को डरबन में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी. यह मैच भारतीय समय के अनुसार दोपहर 1:00 बजे से शुरू होगा. यह मुकाबला बेहद खास है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका की धरती पर मेजबान टीम के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया 8 साल के बाद कोई टेस्ट सीरीज खेलेने उतरेगा. इससे पहले 2017-18 जब दक्षिण अफ्रीका की धरती पर दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज हुई थी तो उस दौरान ‘सैंडपेपर-गेट’ विवाद ने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया था.

‘सैंडपेपर-गेट’ विवाद को क्रिकेट की सबसे चर्चित घटनाओं में गिना जाता है. करीब 8 साल बाद दक्षिण अफ्रीका अपनी जमीन पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगा. इस सीरीज में पुरानी राइवलरी से कहीं ज्यादा दांव पर लगा है. दक्षिण अफ्रीका मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि ऑस्ट्रेलिया इस समय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है. दोनों टीमों के सामने पहले टेस्ट से पहले खिलाड़ियों के चयन और फिटनेस से जुड़े सवाल भी हैं.

8 साल बाद फिर भड़केगी ‘सैंडपेपर-गेट’ की आग!

पिछले साल लॉर्ड्स में खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब के तौर पर टेस्ट चैंपियनशिप की गदा जीती थी. इस जीत ने दोनों टीमों की प्रतिद्वंद्विता में दक्षिण अफ्रीका को नई बढ़त दी. हालांकि, घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका की पिछली टेस्ट सीरीज जीत 2017-18 में आई थी. यह जीत खास इसलिए भी थी, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने करीब 48 साल बाद अपनी जमीन पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीती थी.

ये भी पढ़ें - 100 का ऐसा कमाल, जो हर किसी के बस की बात नहीं! कुलदीप यादव इतिहास रचने की दहलीज पर, बनेंगे भारत के दूसरे स्पिनर

2017-18 की वह सीरीज आज भी 'सैंडपेपर-गेट विवाद' के लिए याद की जाती है. साउथ अफ्रीका की धरती पर मार्च 2018 में खेले गए केपटाउन टेस्ट मैच में कंगारू टीम के क्रिकेटर्स ने गेंद के साथ छेड़छाड़ की थी और बॉल के शेप को चीज करने के लिए सैंडपेपर का इस्तेमाल किया था. इस दौरान तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट
पकड़े गए थे. कैमरन बैनक्रॉफ्ट ने स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की सलाह पर गेंद पर सैंडपेपर का इस्तेमाल किया था, जिससे गेंद से रिवर्स स्विंग मिले. 

इससे पहले डरबन में खेले गए पहले टेस्ट में कंगारू टीम की इस हरकत से रिवर्स स्विंग देखने को मिली थी. 2017-18 के उस दौरे में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी अटैक का हिस्सा रहे पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लियोन आज भी टीम में मौजूद हैं. हालांकि, इनमें से किसी पर भी उस विवादित घटना में शामिल होने का आरोप नहीं लगा था. उस मामले के बाद तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट पर लंबे समय के लिए प्रतिबंध लगाया गया था.

कड़वी यादें होंगी ताजा

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया दोनों टीमों ने साफ संकेत दिए हैं कि उनका ध्यान अब 8 साल पुरानी घटना पर नहीं, बल्कि मौजूदा सीरीज पर है. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने दौरे से पहले कहा कि यह काफी पुरानी बात है और अब इसमें कुछ और जोड़ने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है. दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री कॉनराड ने भी कहा कि टीम की तैयारियों में इस विवाद की कोई खास भूमिका नहीं रही है. उनका फोकस साफ है, ऑस्ट्रेलिया को पुराने विवाद से नहीं, बल्कि अपने खेल से हराना.

WTC पॉइंट्स के लिए ऑस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका में महायुद्ध

दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री कॉनराड को उम्मीद है कि घरेलू दर्शक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों पर दबाव बनाएंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों को अपनी नाराजगी या मजाक सम्मानजनक तरीके से जाहिर करना चाहिए. यानी मैदान पर माहौल गर्म होने की पूरी संभावना है, लेकिन खेल की मर्यादा भी बनी रहनी चाहिए. दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे बड़ा सवाल तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा की फिटनेस है. कैगिसो रबाडा ने मार्च में टी20 वर्ल्ड कप के बाद कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है. हालांकि, पिछले हफ्ते टीम के अंदर खेले गए दो दिवसीय अभ्यास मैच में उन्होंने वापसी की और बिना किसी परेशानी के मैच पूरा किया.

डरबन की पिच कैसी होगी?

दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजी कोच एशवेल प्रिंस के मुताबिक टीम कैगिसो रबाडा की उपलब्धता पर फैसला जितना संभव हो उतना देर से करेगी. कैगिसो रबाडा की फिटनेस इसलिए भी अहम है, क्योंकि डरबन की पिच ने हाल के वर्षों में स्पिन गेंदबाजों को मदद दी है. ऐसे में दक्षिण अफ्रीका केशव महाराज और साइमन हार्मर के रूप में दो स्पिनरों को टीम में शामिल कर सकता है. अगर ऐसा हुआ तो मार्को यानसन के साथ सिर्फ एक विशेषज्ञ तेज गेंदबाज के लिए जगह बचेगी.

ये भी पढ़ें - वर्ल्ड कप 2027: बड़ी मुसीबत में फंस गया पाकिस्तान, ग्रुप ऑफ डेथ में होगी हालत खराब,  दूसरे राउंड से ही हो जाएगा बाहर, ये रहा पूरा समीकरण

दक्षिण अफ्रीका का तेज गेंदबाजी विभाग पहले ही चोटों से परेशान है. कोच शुक्री कॉनराड ने हैमस्ट्रिंग इंजरी की समस्या को लगभग एक ‘महामारी’ जैसा बताया है. ऐसे में टीम के लिए कैगिसो रबाडा की फिटनेस बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.ऑस्ट्रेलिया को भी टीम चुनने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. जोश इंग्लिस उंगली टूटने के कारण बाहर हो चुके हैं, जबकि कैमरन ग्रीन पेट की चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को अपनी प्लेइंग इलेवन का संतुलन सावधानी से तय करना होगा.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

तरुण वर्मा ज़ी न्यूज़ हिंदी डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क में कार्यरत हैं. तरुण वर्मा फरवरी 2021 से ज़ी न्यूज का हिस्सा हैं. तरुण वर्मा किसी भी मैच का बारीकी से विश्‍लेषण करने में माहिर हैं. तरुण वर्मा को क्रिकेट व अन्य खेलों से जुड़ी ख़बरों के विभिन्न एंगल्स पर साइड स्टोरीज़ करने के अलावा खिलाड़ियों पर स्‍पेशल पैकेजेस बनाने में बहुत रुचि है. क्रिकेट व अन्य खेलों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी ज़ी न्यूज़ के पाठकों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी तरुण वर्मा बख़ूबी निभाते हैं. तरुण वर्मा को क्रिकेट खेलने, किताबें पढ़ने और घूमने का बहुत शौक है. तरुण वर्मा साल 2016 में गौतम गंभीर के कोच संजय भारद्वाज का इंटरव्यू कर चुके हैं. तरुण वर्मा खेलों के कई बड़े-बड़े इवेंट्स को कवर करने का अनुभव रखते हैं. ज़ी न्यूज़ से जुड़ने से पहले तरुण वर्मा इंडिया टुडे ग्रुप मीडिया (Aajtak.in) संस्थान का भी हिस्सा रह चुके हैं. आप Tarun.Verma@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. तरुण वर्मा एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES