)
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास की खबर ने सभी को चौंका दिया है. पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री के मुताबिक मोहम्मद शमी के पास अभी टेस्ट क्रिकेट में भारत को देने के लिए काफी कुछ बचा था. रवि शास्त्री ने मोहम्मद शमी की फिटनेस पर लगातार उठाए गए सवालों पर निराशा जताई और कहा कि इस दिग्गज तेज गेंदबाज को संन्यास से पहले एक और मौका हर हाल में मिलना चाहिए था. मोहम्मद शमी ने अपने डेब्यू के ठीक 13 साल बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया.
अपने करियर के 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट हासिल करने वाले मोहम्मद शमी ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट जून 2023 में वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) फाइनल में खेला था. रवि शास्त्री का कहना है कि मोहम्मद शमी के नाम के आगे 30 से 40 टेस्ट विकेट और दर्ज हो सकते थे, यदि उन्हें पिछले 12 महीनों में टीम में लगातार मौका मिला होता. रवि शास्त्री ने कहा, 'यह दुखद है कि देश के लिए इतना शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को विदा लेना पड़ रहा है. मुझे पक्का यकीन था कि वह 30 या 40 विकेट और ले सकते थे. उन्हें पिछले 12 महीनों में खेलना चाहिए था और शायद उन्हें टेस्ट टीम में एक गेंदबाज के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए था.'
2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद, लगातार चोटों की वजह से शमी का भारतीय करियर प्रभावित हुआ. फरवरी 2024 में उनकी टखने की सर्जरी हुई और बाद में उन्हें घुटने की समस्या का भी सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के पांच टेस्ट मैचों के दौरे से बाहर हो गए. जनवरी 2025 में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की. मोहम्मद शमी इंग्लैंड के खिलाफ T20I और ODI सीरीज में खेले और उसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी के सभी पांच मैचों में हिस्सा लिया.
मोहम्मद शमी जून-जुलाई 2025 के इंग्लैंड टेस्ट दौरे से ठीक पहले एक रुकावट के कारण चयन की दौड़ से बाहर हो गए. चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने कहा कि मोहम्मद शमी का वर्कलोड उस लेवल पर नहीं था, जहां उसे होना चाहिए था और मेडिकल स्टाफ ने उन्हें पांच टेस्ट मैचों की कठिन सीरीज के लिए न चुनने की सलाह दी थी. वहीं, रवि शास्त्री ने जिम-आधारित फिटनेस पर दिए जा रहे जोर पर सवाल उठाया, जबकि एक तेज गेंदबाज पहले ही यह दिखा रहा था कि वह मैच के वर्कलोड को संभालने में सक्षम है.
रवि शास्त्री ने कहा, 'अगर आप किसी मैच में 10 या 12 ओवर गेंदबाजी नहीं कर सकते, तो जिम में फिट होने का क्या मतलब है? यहां आपके पास एक ऐसा खिलाड़ी है, जो लगातार गेंदबाजी कर रहा है. इसलिए, मुझे थोड़ी निराशा है कि उन्हें एक और मौका नहीं दिया गया.' जब उसी साल बाद में मोहम्मद शमी को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया, तो फिर से सवाल उठे. अगरकर ने कहा कि उनके पास इस तेज गेंदबाज की फिटनेस के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है और उन्हें लगा कि उन्होंने पर्याप्त प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है. इसके जवाब में मोहम्मद शमी ने जोर देकर कहा कि अगर वह बंगाल के लिए चार दिवसीय क्रिकेट खेलने के लिए फिट हैं, तो वह 50 ओवर का क्रिकेट भी खेल सकते हैं.
टीम इंडिया से बाहर होने के बावजूद मोहम्मद शमी बंगाल के लिए लगातार खेलते रहे हैं. 2026 दलीप ट्रॉफी में उन्होंने ईस्ट जोन के लिए तीन मैचों में सात विकेट लिए, जिससे उनकी टीम को खिताब जीतने में मदद मिली. इसके बाद उन्होंने 2026-27 रणजी ट्रॉफी सीजन की शानदार शुरुआत की और अपने पहले तीन मैचों में 14.00 की औसत से 14 विकेट लिए. उनके बेहतरीन प्रदर्शन में दिल्ली के खिलाफ 5/59 और महाराष्ट्र के खिलाफ 4/37 विकेट लेना शामिल था.
रवि शास्त्री ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की फिटनेस का बचाव करते हुए उनके पिछले प्रदर्शनों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'मैंने उनकी फिटनेस को लेकर आ रही तमाम मीडिया रिपोर्ट्स सुनी हैं, लेकिन वह बंगाल के लिए हर मैच खेल रहे थे. वह 15-20 ओवर गेंदबाजी कर रहे थे. अपनी फिटनेस साबित करने के लिए एक खिलाड़ी को और क्या करना चाहिए?' पूर्व कोच ने यह भी कहा कि गेंदबाजों को लगातार मैच खेलकर अपनी लय बनाए रखने की जरूरत होती है. उन्होंने रिचर्ड हैडली और वसीम अकरम का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे ये तेज गेंदबाज लगातार गेंदबाजी करने और खेलने को अहमियत देते थे.
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का मतलब यह नहीं है कि शमी का इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि वह व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे. इससे साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में उनकी वापसी की संभावना बनी हुई है. भारत के लिए उनका आखिरी मैच 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ था. इस टूर्नामेंट में वह वरुण चक्रवर्ती के साथ संयुक्त रूप से भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे, उन्होंने 5 मैचों में 9 विकेट लिए थे.
शास्त्री का मानना है कि शमी को यह नहीं सोचना चाहिए कि उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया है, बल्कि उन्हें खुद को तैयार रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि व्यस्त इंटरनेशनल कैलेंडर में चोटें लगना आम बात है, और अगर भारत के मुख्य तेज गेंदबाजों में से कोई उपलब्ध नहीं होता है, तो एक अनुभवी गेंदबाज बहुत काम आ सकता है. शास्त्री ने कहा, 'अगर वह अच्छी फॉर्म में हैं, उनका IPL अच्छा रहता है, और अचानक आपका कोई सीनियर गेंदबाज चोटिल हो जाता है, तो आपको अनुभव की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में आपके पास उनके जैसा खिलाड़ी मौजूद है.' फिलहाल, शमी का पूरा ध्यान बंगाल और फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर है. शास्त्री को लगता है कि इस तेज गेंदबाज में अभी भी काफी दम बाकी है, और उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट से पूरी तरह संन्यास लेने से पहले उन्हें इस फॉर्मेट में एक और मौका मिलना चाहिए था.