पूर्व स्पिनर और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच की भूमिका निभा चुके रमेश पवार को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, पवार की एंट्री अब BCCI की सीनियर पुरुष चयन समिति में होने वाली है. वो अजीत अगरकर की जगह लेने के लिए तैयार हैं. हालांकि, वो चीफ सिलेक्टर की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे.
अगर रमेश पवार अगरकर की जगह सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल होंगे तो प्रज्ञान ओझा का चीफ सिलेक्टर बनना कन्फर्म हो जाएगा. आइए इसके पीछे की वजह जानते हैं. बता दें कि बतौर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर, 2026 को समाप्त हो गया. वो 4 जुलाई, 2023 से ये जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
अगर आप सोच रहे हैं कि सिलेक्शन समिति में रमेश पवार अगरकर की जगह लेंगे, इसलिए वो मुख्य चयनकर्ता बन जाएंगे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. चीफ सिलेक्टर बनने के लिए बीसीसीआई की अलग प्रक्रिया है, जहां अधिक अनुभव को तरजीह दी जाती है. पूर्व स्पिनर रमेश पवार ने भारत के लिए सिर्फ 2 टेस्ट खेला है. वहीं, बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने 24 टेस्ट में देश का प्रतिनिधित्व किया है. यही वजह है कि टेस्ट में अधिक अनुभव होने की वजह से ओझा को चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी मिलेगी, जबकि रमेश पवार सीनियर पुरुष चयन समिति का हिस्सा होंगे.
बता दें कि पिछले महीने चयन समिति में अगरकर की जगह लेने के लिए पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने इस भूमिका के लिए आवेदन नहीं किया.
दाएं हाथ के पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पवार ने 2004 में भारत के लिए डेब्यू किया था. उन्होंने देश के लिए 31 ODI और 2 टेस्ट खेले. 31 वनडे में उन्होंने 34 विकेट चटकाए थे. पवार ने 148 फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैचों में 470 विकेट चटकाए. उनके पास 27 आईपीएल मैच खेलने का भी अनुभव है.
रमेश पोवार ने भारतीय महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में दो अलग-अलग अवधियों में काम किया. पहली बार उन्होंने जुलाई से नवंबर 2018 तक ये जिम्मेदारी संभाली और बाद में 13 मई 2021 को उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त किया गया. वे दिसंबर 2022 तक इस भूमिका में रहे, जिसके बाद वे नेशनल क्रिकेट अकादमी चले गए.
रमेश पवार जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच थे, तब पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज मिताली राज के साथ उनका विवाद हुआ था. पवार ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच की प्लेइंग इलेवन से मिताली को बाहर कर दिया. इस मैच में भारत को 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. मिताली राज ने BCCI को एक ईमेल लिखकर पवार पर पक्षपात करने और अपमानित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इन वजहों से वो निराश, उदास और अलग-थलग महसूस कर रही हैं. साथ ही, उन्होंने प्रशासकों की समिति (CoA) की सदस्य डायना एडुलजी की भी आलोचना की.
BCCI को सौंपी अपनी आधिकारिक दौरे की रिपोर्ट में, रमेश पवार ने बताया कि मिताली राज ने धीमी बल्लेबाजी की, ओपनिंग करने का मौका न मिलने पर संन्यास लेने या घर वापस जाने की धमकी दी और टीम की रणनीति के बजाय अपने निजी माइलस्टोन को ज्यादा अहमियत दी. रिपोर्ट के अनुसार, कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना ने पवार की कोचिंग और मिताली को टीम से बाहर करने के रणनीतिक फैसले का समर्थन किया था.