आतंक ही नहीं, मैच फिक्सिंग का भी 'माफिया' है पाकिस्तान, 31 सालों में कब-कब कटवाई नाक?
पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों फिक्सिंग की खबरों के चलते सुर्खियों में है. इतिहास पलटकर देखें तो पाकिस्तान क्रिकेट में फिक्सिंग के कई मामले देखने को मिले हैं. दुनियाभर में पाकिस्तान क्रिकेट की थू-थू पहले भी हो चुकी है. अब नया मामला सामने आया है, जिसमें मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक का नाम चर्चा में है.
पाकिस्तान क्रिकेट में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है. हाल ही में इंग्लैंड टूर के बीच टीम के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बड़ा एक्शन लिया. 7 खिलाड़ियों को अचानक इंग्लैंड से वापस बुलाया गया. इसके बाद फिक्सिंग का मुद्दा तूल पकड़ गया. मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक का नाम सामने आया है. ये पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान क्रिकेट में फिक्सिंग के चर्चे हैं. पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास को पलटकर देखें तो कई बड़े मामले देखने को मिलते हैं.
रिजवान और इमाम के फोन की जांच
PCB के स्पोक्सपर्सन आमिर मीर ने 7 सितंबर को पुष्टि की. उन्होंने बताया कि बोर्ड टीम के अंदर डिसिप्लिन और व्यवहार से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स की जांच कर रहा है. PCB ने आरोपों की डिटेल्स नहीं दीं हैं और न ही प्लेयर्स के नाम जगजाहिर किए हैं. पाकिस्तानी आउटलेट 365 न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि कुछ खिलाड़ियों ने के मोबाइल फोन पीसीबी के कब्जे हैं, जिनका डेटा ट्रांसफर किया गया है. इसमें मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक के नामों का दावा किया जा रहा है. हालांकि, पीसीबी ने आधिकारिक तौर पर नामों की पुष्टि नहीं की है.
2010 लॉर्ड्स कंट्रोवर्सी की यादें ताजा
इस कंट्रोवर्सी ने 2010 की लॉर्ड्स फिक्सिंग के चर्चे भी तेज कर दिए हैं. उस दौरान पाकिस्तान के कप्तान सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर के साथ, उसी जगह पर इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट के दौरान पहले से तय समय पर जानबूझकर नो-बॉल फेंकने के बदले में एक बुकी से पैसे लेने का दोषी पाए गए थे. तीनों खिलाड़ियों पर बैन और जेल की सजा हुई थी. पीसीबी ने मौजूदा मामले पर फिक्सिंग की पुष्टि नहीं की है बल्कि सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म पर चल रही अटकलों को खारिज किया.
फिक्सिंग का 'पॉवरहाउस' बना पाकिस्तान क्रिकेट
पाकिस्तान क्रिकेट फिक्सिंग का पॉवरहाउस साबित हुआ है. इंटरनेशनल क्रिकेट में पाकिस्तान क्रिकेट फिक्सिंग के चलते कई बार चर्चा में रहा. 1994-95 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों शेन वॉर्न और मार्क वॉ पर तत्कालीन कप्तान सलीम मलिक ने रिश्वत का ऑफर दिया था. साल 2000 में जस्टिस कय्यूम आयोग की जांच में सलीम मलिक और अता-उर-रहमान को दोषी पाया गया. दोनों पर क्रिकेट से बैन लगा दिया गया था. हालांकि, इसे बाद में हटाया भी गया.
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2009 में दानिश कनेरिया पर लगा बैन
साल 2009 में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया पर लाइफटाइम बैन लगाया गया था. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें काउंटी चैंपियनशिप के दौरान स्पॉट फिक्सिंग में दोषी पाया था. साल 2018 में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की थी. इसके अलावा पाकिस्तान सुपर लीग में भी कुछ मामले देखने को मिले थे. अब देखना होगा कि मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक का मुद्दा कहां तक पहुंचता है.