न्यूजीलैंड की तेज आउटफील्ड, ग्रीन टॉप पिच और सर्द मौसम में किसी भी एशियाई टीम के लिए टेस्ट मैच खेलना आसान नहीं होता है. उनके तेज गेंदबाजों का सामना करना काफी कठिन होता है. भारतीय क्रिकेट टीम इन मुश्किलों का सामना करने के लिए वहां पहुंच चुकी है. सफेद गेंद से अब तक तो प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन लाल गेंद में सबकुछ उलट हो रहा है. एक तरफ टीम इंडिया 5 मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 से आगे है. दूसरी ओर, अनऑफिशियल टेस्ट मैच इंडिया 'ए' की हालत खराब है. इस मैच में टेस्ट टीम के अधिकांश खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और वह बुरी तरह फेल हो रहे हैं.
तीन अनऑफिशियल मैचों की सीरीज लाल गेंद से हो रही है. इसमें ध्रुव जुरेल कप्तान हैं तो यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं. न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों ने पहली पारी में तो इन बल्लेबाजों को दिन में तारे दिखा दिए. पूरी टीम ही 113 रनों पर सिमट गई. राहुल, सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर खाता भी नहीं खोल पाए. देवदत्त पडिक्कल 32, यशस्वी जायसवाल 17 और ध्रुव जुरेल एक रन बनाकर आउट हुए. न्यूजीलैंड ए ने पहली पारी में 317 रन बनाए थे. इससे उसे 204 रनों की लीड मिली.
दूसरी पारी में राहुल और यशस्वी फेल
दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों से बेहतरीन बैटिंग की उम्मीद थी, लेकिन दूसरे दिन स्टंप तक दोनों ओपनर्स पवेलियन लौट गए. इस बार यशस्वी ने 5 और राहुल ने 4 रन बनाए. दोनों भारतीय टेस्ट टीम के नियमित ओपनर्स हैं और इस मैच में उनके प्रदर्शन ने गौतम गंभीर के साथ-साथ शुभमन गिल के माथे पर पसीने जरूर ला दिए होंगे. राहुल तो दूसरी पारी में अजीब तरीके से आउट हुए. वह हिटविकेट आउट होकर पवेलियन लौट गए.
सुदर्शन और पडिक्कल ने संभाला
दूसरी पारी में 5 ओवर के अंदर 10 रन पर दो विकेट गिर जाने के बाद टीम मुश्किल आ गई थी. यहां से देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन ने पारी को संभाला. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 188 गेंदों पर 96 रनों की साझेदारी की. स्टंप के समय पडिक्कल 56 और साई सुदर्शन 39 रन बनाकर नाबाद हैं. इंडिया ए अभी भी दूसरी पारी में 98 रन पीछे है. ऐसे में मैच के तीसरे दिन बल्लेबाजों पर पारी की हार को टालने की जिम्मेदारी होगी.
तीसरे नंबर को लेकर जंग तेज
साई सुदर्शन पिछले कुछ समय से टीम इंडिया के तीसरे नंबर के बल्लेबाज हैं. श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में वह चोट के कारण नहीं खेले थे. उनकी जगह देवदत्त पडिक्कल को मौका मिला था. पडिक्कल ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका और दो शतक ठोक दिए. पडिक्कल ने गाले में खेले पहले टेस्ट में 167 और 44 रनों की पारी खेली. इसके बाद कोलंबो में हुए दूसरे मुकाबले में 117 रन ठोक दिए. इससे उनका नंबर-3 पर दावा मजबूत हो गया. अब इस अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज के बाकी दो मैच नंबर-3 की दावेदारी को लेकर काफी अहम होने वाले हैं. इसमें शानदार प्रदर्शन करने वाले को ही सीनियर टीम में मौका मिल सकता है.
सुदर्शन और पडिक्कल का रिकॉर्ड
टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो सुदर्शन पर पडिक्कल का पलड़ा भारी है. सुदर्शन ने टीम इंडिया के लिए अब तक 7 टेस्ट मैचों में 383 रन बनाए हैं. 12 पारियों में उनका औसत 31.91 का रहा है. उन्होंने तीन अर्धशतक लगाए हैं. दूसरी ओर, पडिक्कल ने 4 टेस्ट मैचों में ही 418 रन बना दिए हैं. उनका औसत सुदर्शन की तुलना में दोगुने से ज्यादा है. पडिक्कल ने 69.66 की औसत से रन बनाए हैं. उन्होंने दो शतक भी ठोके हैं.