SA vs AUS 1st Test: ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच डरबन में 3 मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट खेला जा रहा है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कंगारू टीम की हालत खराब थी, लेकिन 20 वर्षीय बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने शानदार शतक जड़कर ऑस्ट्रेलिया को संभाला और मेजबान को बैकफुट पर धकेल दिया. रेनशॉ के लिए ये सेंचुरी बेहद खास है, क्योंकि इसके लिए उन्होंने 114 महीने का इंतजार किया है. जी हां, 9 साल और 6 महीने पहले उन्होंने टेस्ट में आखिरी शतक जड़ा था. 2017 के बाद से 19 पारियों के बाद रेनशॉ ने टेस्ट में 100 का आंकड़ा क्रॉस किया है.
मैट रेनशॉ जब बल्लेबाजी करने आए तो उस समय ऑस्ट्रेलिया की हालत पतली थी. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए उसने महज 84 रनों पर 4 विकेट खो दिए थे. स्टीव स्मिथ, मार्नस लाबुशेन और ट्रेविस हेड जैसे स्टार खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे. ऐसा लगा कि कंगारू टीम मुश्किल से 200 रन का आंकड़ा भी पार करेगी, लेकिन रेनशॉ क्रीज पर चट्टान की तरह डट गए और मैच का रंग-रूप बदल दिया.
मैट रेनशॉ ने शतक जड़कर ना सिर्फ अपना इंतजार खत्म किया, बल्कि साउथ अफ्रीका की धरती पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के सालों से चले जा रहे शतकों के सूखे का भी अंत किया. जी हां, 2014 के बाद पहली बार किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने साउथ अफ्रीका की धरती पर टेस्ट में शतक ठोका है. जबकि, डरबन के किंग्समीड में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से आखिरी शतक 2009 में आया था. मैट रेनशॉ ने 17 सालों का इंतजार खत्म किया और डरबन में दहाड़कर कंगारुओं को राहत की सांस दिलाई.
रेनशॉ से पहले दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट शतक लगाने वाले आखिरी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेविड वॉर्नर थे. वॉर्नर ने 2014 में 1 से 5 मार्च के बीच खेले गए केपटाउन टेस्ट की दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए 145 रन बनाए थे. इस दिग्गज बाएं हाथ के बल्लेबाज ने पहली पारी में भी शतक लगाया था. माइकल क्लार्क ने भी इस मैच में शतक ठोका था.
A Test Hundred After 9 Years For Matt Renshaw His 2nd Overall What A Gritty Knock Under Pressure 😮💨🔥 https://t.co/Ti0HMB16WD
— Cricket Dani (@CricketDani56) October 10, 2026
मैट रेनशॉ ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ ही 2016 में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा था. हालांकि, 10 साल के सफर में वो अब तक सिर्फ 16 टेस्ट खेल सके हैं. 2017 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सिडनी टेस्ट में 184 रनों की शानदार पारी खेली थी. उसके बाद वो कुछ मैचों में फेल हुए और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अब तक 16 टेस्ट में 32.87 की औसत से 756 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं.