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इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने 44 रनों की अच्छी पारी खेली. इस दौरान रूट ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 23000 रन पूरे कर लिए. इस मुकाम तक पहुंचने वाले वो इंग्लैंड के पहले क्रिकेटर बने हैं. रूट से पहले दुनिया के 7 बल्लेबाजों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 23 हजार का आंकड़ा पार किया था. वो इस स्पेशल क्लब में शामिल होने वाले 8वें खिलाड़ी बन गए हैं.
इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की ODI सीरीज का आगाज हो चुका है. स्टार बल्लेबाज जो रूट ने पहले वनडे मैच में ये ऐतिहासिक कारनामा किया. टेस्ट में सचिन के रिकॉर्ड के पीछे पड़े इंग्लिश बल्लेबाज ने अब इंटरनेशनल क्रिकेट में भी मास्टर ब्लास्टर को एक मामले में पीछे छोड़ दिया है.
जो रूट इंटरनेशनल क्रिकेट में 23000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 521 पारियां ली, जबकि भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 522 पारियों में 23 हजार रनों का पहाड़ पार किया था. इस मामले में टीम इंडिया के स्टार विराट कोहली पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 490 पारियों में ही 23000 रनों का आंकड़ा पार कर लिया था.
490 पारियां - विराट कोहली
521 पारियां - जो रूट
522 पारियां - सचिन तेंदुलकर
544 पारियां - रिकी पोंटिंग
551 पारियां - जैक्स कैलिस
568 पारियां - कुमार संगाकारा
576 पारियां - राहुल द्रविड़
645 पारियां - महेला जयवर्धने
सचिन तेंदुलकर: 34,357 रन
विराट कोहली: 28,359 रन
कुमार संगाकारा: 28,016) रन
रिकी पोंटिंग: 27,483 रन
महेला जयवर्धने: 25,957 रन
जैक कैलिस: 25,534 रन
राहुल द्रविड़:24,208 रन
जो रूट: 23,041 रन

हाल ही में जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में 69वां अर्धशतक जड़कर इतिहास रचा था. वो इस फॉर्मेट में सबसे अधिक फिफ्टी जड़ने वाले खिलाड़ी बने. इस मामले में उन्होंने पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ा, जिन्होंने टेस्ट में 68 अर्धशतक ठोका था. अब रूट की नजर सचिन के सबसे बड़े रिकॉर्ड पर है. मास्टर ब्लास्टर ने टेस्ट में 329 पारियों में 15,921 रन बनाए हैं. वहीं, रूट ने अब तक खेली गई 309 पारियों में 14,278 रन बना लिए हैं. वो इस महारिकॉर्ड को तोड़ने से 1,643 रन दूर हैं. फिलहाल वो 35 साल के हैं और इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान भी हैं. वो जिस फॉर्म में हैं, उसको देखकर लगता नहीं कि अगले दो सालों तक वो संन्यास के बारे में सोचेंगे भी.