सहवाग-द्रविड़ के लाल फेल, अर्जुन राजपूत ने पाकिस्तान के खिलाफ ठोक दिया शतक, पिता बेचते थे छोले-कुलचे
अर्जुन राजपूत ने पाकिस्तान के खिलाफ अंडर-19 एशिया कप में शतक ठोक दिया. भारतीय अंडर-19 टीम के लिए उनकी इस पारी ने टीम को 200 रनों के पार पहुंचाया. इस मैच में आर्यवीर सहवाग और अन्यव द्रविड़ फेल हो गए.
अंडर-19 एशिया कप में भारत के बल्लेबाज अर्जुन राजपूत ने पाकिस्तान के खिलाफ दीपावली के दिन धमाकेदार शतक लगाया. उन्होंने ओमान के अल अमरात में रविवार (आठ नवंबर) को 85 गेंद पर 107 रन की पारी खेली. उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाते हुए 11 चौके और पांच छक्के लगाए. अर्जुन ने उस समय यह शतक लगाया, जब टीम इंडिया को इसकी सख्त जरूरत थी. भारतीय अंडर-19 टीम ने पाकिस्तान के सामने 46.3 ओवर में 208 रन बनाए.
मैच में भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान लक्ष्य रायचंदानी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. भारत के 11.4 ओवर में 22 रन पर तीन विकेट गिर गए थे. कप्तान लक्ष्य खाता नहीं खोल पाए. वीके विनीत आठ रन बनाकर आउट हुए. यशवर्धन चौहान एक रन ही बना सके. इसके बाद चौथे विकेट के लिए पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और अर्जुन राजपूत ने 20 रन की साझेदारी की. आर्यवीर बड़ी पारी नहीं खेल पाए और 40 गेंद पर 22 रन बनाकर आउट हो गए. उनके बाद पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ क्रीज पर आए. उन्होंने अर्जुन के साथ पांचवें विकेट के लिए 44 रन जोड़े. अन्वय 10 रन ही बना सके.
अर्जुन ने 80 गेंद पर लगाया शतक
अर्जुन ने एक छोर से लगातार विकेट गिरने के बावजूद तेज बल्लेबाजी जारी रखी और 80 गेंदों पर शतक पूरा किया. उनकी यह सेंचुरी उस समय आई जब टीम इंडिया काफी दबाव में थी. इस पारी को लंबे समय तक याद रखा जाएगा. मनल चौहान ने 11, यशवीर गौड़ ने चार और काव्य पटेल ने 23 रन बनाए. पाकिस्तान अंडर-19 के लिए अली रजा, रिजवानउल्लाह और निकब शफीक ने तीन-तीन विकेट अपने नाम किए.
कौन हैं अर्जुन राजपूत?
अर्जुन एक गरीब परिवार से आते हैं. उनके पिता जालंधर में एक छोटे से स्टॉल पर छोले-कुलचे बेचते थे. पैसों की किल्लत के बावजूद उन्होंने बेटे अर्जुन को क्रिकेट में आगे बढ़ाया. अर्जुन ने भी परिवार की परिस्थितियों को समझते हुए अपनी मेहनत जारी रखी और धीरे-धीरे पंजाब जूनियर क्रिकेट सिस्टम में अपनी अहम जगह बना ली. घरेलू एज-ग्रुप मैचों में बेहतर प्रदर्शन के बाद उन्हें अंडर-19 टीम में शामिल किया और उन्होंने किसी को निराश नहीं किया.
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हरभजन सिंह से कनेक्शन
अर्जुन बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और जरूरत पड़ने पर ऑफ स्पिन गेंदबाजी से भी योगदान देगेत हैं. उनके पिता होती राम छोले-कुलचे का ठेला लगाते थे और अब उन्होंने थोड़ी सी स्थिति ठीक होने के बाद बेकरी का दुकान खोला है. अर्जुन ने हरभजन सिंह क्रिकेट इंस्टीट्यूट में सात साल की उम्र में दाखिला लिया था और विक्रम सिद्धू की कोचिंग में आगे बढ़े. जालंधर के डीएवी कॉलेज के छात्र रहे अर्जुन ने पाकिस्तानी गेंदबाजी की बखिया उधेड़कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.