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लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए ODI ट्राई-सीरीज के रोमांचक फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने श्रीलंका को 3 विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली. 326 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने 48.3 ओवर में 7 विकेट खोकर 331 रन बनाए और 9 गेंद बाकी रहते ऐतिहासिक जीत दर्ज की. वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में किसी फाइनल मुकाबले का यह दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज है. पाकिस्तान ने 2002 के लॉर्ड्स नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में भारत द्वारा बनाए रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.
इससे पहले 2002 के नेटवेस्ट फाइनल में लॉर्ड्स के मैदान पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ इतने ही रनों का पीछा करके जीत हासिल की थी. फखर जमां पाकिस्तान की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे. फखर जमां ने सिर्फ 99 गेंदों में 11 चौके और 6 छक्कों की मदद से 127 रनों की धमाकेदार पारी खेली. इस शानदार शतक के साथ ही वह ODI फाइनल में दो शतक जड़ने वाले पाकिस्तान के महज दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. 326 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान को शुरुआत में ही झटके लगे. माज सदाकत 5 रन बनाकर आउट हो गए और बाबर आजम बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, जिससे पाकिस्तानी टीम 14 रन पर 2 विकेट गंवाकर मुश्किल में आ गई.
A confident batting display as Pakistan chase down 326 to clinch the ODI tri-series final against Sri Lanka 👏 https://t.co/FlBplyznW9
— ICC (@ICC) October 31, 2026
फखर जमां ने इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज साद बेग के साथ मिलकर पारी को संभाला. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 149 रन जोड़े और पाकिस्तान को वापस मुकाबले में ला खड़ा किया. साद बेग ने 75 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 74 रन बनाए, जिसके बाद महेश तीक्ष्णा ने उन्हें 163 के स्कोर पर आउट कर दिया. फखर जमां ने पारी को आगे बढ़ाया और अपना शतक पूरा किया. अंत में वह दिलशान मदुशंका का शिकार बने और 127 रन बनाकर आउट हुए, उस समय पाकिस्तान का स्कोर 4 विकेट पर 220 रन था. सलमान आगा 17 रन बनाकर आउट हुए, जिससे श्रीलंका ने कुछ समय के लिए मैच पर पकड़ बनाई और पाकिस्तान का स्कोर 5 विकेट पर 230 रन हो गया.
इसके बाद हसन नवाज और अराफात मिन्हास ने रन-चेज की जिम्मेदारी संभाली और छठे विकेट के लिए 94 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की. अराफात मिन्हास ने सिर्फ 31 गेंदों पर 61 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 4 छक्के शामिल थे, जबकि हसन नवाज 45 गेंदों पर 37 रन बनाकर नाबाद रहे. 324 के स्कोर पर अराफात मिन्हास आउट हो गए और फहीम अशरफ अपनी पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए. इसके बाद पाकिस्तान को जीत के लिए 2 रन चाहिए थे और उनके पास 3 विकेट बचे थे.
कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार अंदाज में छक्का लगाकर पाकिस्तान को जीत दिलाई और टीम को खिताब जिताया. इससे पहले, पाकिस्तान के कप्तान शाहीन अफरीदी ने गेंदबाजी करने का फैसला किया. श्रीलंका ने अपने 50 ओवरों में 8 विकेट पर 325 रन बनाए, जिसमें कामिंदु मेंडिस की पहली वनडे सेंचुरी अहम रही.
Spectacular batting sees Pakistan secure victory in the tri-series final over Sri Lanka 💥 📝: https://t.co/hpiOYpz7O2 https://t.co/7md0rayV20
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कामिंदु मेंडिस ने 128 गेंदों पर 131 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे. कामिंदु मेंडिस ने अविष्का फर्नांडो (38 रन) के साथ मिलकर ओपनिंग विकेट के लिए 87 रन जोड़े. इसके बाद, उन्होंने तीसरे विकेट के लिए पवन रत्नायके के साथ 146 रनों की साझेदारी की. पवन रत्नायके ने 65 गेंदों पर 77 रन बनाए, जिसमें 8 बाउंड्री शामिल थीं. श्रीलंका ने मिडिल ओवरों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली.
हालांकि, पाकिस्तान के गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में शानदार वापसी की. उन्होंने अंतिम 10 ओवरों में 6 विकेट लिए और श्रीलंका को 325 रनों पर ही रोक दिया. पाकिस्तान के लिए सलमान आगा, शाहीन अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ ने 2-2 विकेट लिए. पाकिस्तान की पारी को फखर जमां की सेंचुरी ने संभाला, जबकि बेग, नवाज और मिन्हास के अहम योगदान ने टीम को शुरुआती 2 विकेट जल्दी गिरने के झटके से उबारा और उन्हें ट्राई-सीरीज का खिताब जिताने में मदद की.