517 गेंदें और 400 रन: चिन्मय सुतार ने दूसरे फर्स्ट क्लास मैच में ही रचा इतिहास, बनाया रणजी इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने रणजी ट्रॉफी में इतिहास रच दिया. वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में 400 या उससे अधिक रन की पारी खेलने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए. उन्होंने नगालैंड के खिलाफ 517 गेंद पर नाबाद 400 रन बनाए.
रणजी ट्रॉफी क्रिकेट में कुछ ऐसा देखने को मिला है जिस पर किसी भी क्रिकेट प्रेमी को तुरंत भरोसा नहीं होगा. एक बल्लेबाज ने 400 रनों की मैराथन पारी खेल दी. इस टूर्नामेंट में 1948 के बाद कोई बल्लेबाज इतने बड़े स्कोर तक पहुंच पाया है. मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में सोमवार (19 अक्टूबर) को 517 गेंद पर 400 रन बना डाले. उन्होंने अपनी पारी में 46 चौके और सात छक्के लगाए. चिन्मय की पारी की बदौलत मिजोरम ने 581/9 के स्कोर पर अपनी पहली पारी को घोषित किया.
सोविमा स्थित नगालैंड क्रिकेट स्टेडियम में चिन्मय ने मैराथन पारी की नमूना पेश किया. मुंबई के 29 वर्षीय इस बल्लेबाज ने अपने दूसरे फर्स्ट क्लास मैच में ही 400 रन बना डाले. उन्होंने नगालैंड के गेंदबाजों को लगातार दो दिन तक धोया और रणजी क्रिकेट में नया रिकॉर्ड स्थापित किया. यह रणजी ट्रॉफी में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. दिसंबर 1948 में बीबी निंबालकर ने महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ पुणे में नाबाद 443 रन बनाए थे. यह रणजी में अभी भी किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है. यहां तक कि किसी भी भारतीय बल्लेबाज का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर है.
पृथ्वी शॉ को छोड़ा
सुतार ने 400 रनों की पारी खेलकर पृथ्वी शॉ को पीछे छोड़ दिया. पृथ्वी ने 2023 में मुंबई के लिए असम के खिलाफ 379 रन बनाए थे. यह फर्स्ट क्लास में किसी भारतीय की दूसरी सबसे बड़ी पारी थी. सुतार फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 400 रनों तक पहुंचने वाले 10वें बल्लेबाज हैं. वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा इकलौते ऐसे क्रिकेटर हैं, जो 500 रन के आंकड़े तक भी पहुंचे हैं. उनके नाम नाबाद 501 रन बनाने का रिकॉर्ड है. उन्होंने वार्विकशायर के लिए 1994 में डरहम के खिलाफ बर्मिंघम में यह पारी खेली थी.
बच गया निंबालकर का रिकॉर्ड
मैच के दूसरे दिन सोमवार को मिजोरम के लिए चिन्मय चायकाल तक 392 रनों तक पहुंच गए थे. इसके बाद उन्होंने पारी के 155वें ओवर में 400वां रन पूरा किया. उनके इस स्कोर तक पहुंचते ही मिजोरम ने अपनी पारी को घोषित कर दिया. टीम के 581 में से 400 रन अकेले चिन्मय ने बनाए. उन्होंने 10वें विकेट के लिए लालरेमपुइया छकछुआक के साथ 190 रनों की अटूट साझेदारी की. लालरेमपुइया (76 गेंद पर नाबाद 14 रन) के साथ की वजह से ही वह 400 रनों तक पहुंचे. चिन्मय मिजोरम के पारी घोषित करते ही निंबालकर के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए. उनके बाद टीम के लिए जेहू एंडरसन ने सबसे ज्यादा 69 रन बनाए.
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पिता सचिन के साथ खेले
चिन्मय के पिता राजेश सुतार मुंबई के पूर्व ऑफ स्पिनर थे. वह बल्लेबाजी भी अच्छी करते थे और उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के मुंबई के लिए पारी की शुरुआत भी की थी. वह सात फर्स्ट क्लास मैच खेले थे. अब उनके बेटे ने चिन्मय ने रणजी में इतिहास रच दिया. मिजोरम के लिए अपने पहले मैच में वह 99 रन पर ही आउट हो गए थे. इस बार न उन्होंने सिर्फ शतक बनाया, बल्कि इसे 400 रनों में भी बदला.