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क्रिकेट के लिहाज से देखें तो स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव का वक्त अच्छा नहीं चल रहा है. कुछ महीनों पहले तक सूर्या टीम इंडिया के कप्तान थे और उनके नेतृत्व में भारत तीसरी बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने में कामयाब रहा. अब आलम ये है कि वो टीम इंडिया से बाहर तो हैं ही, मुंबई ने भी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है. आगामी रणजी ट्रॉफी सीजन के पहले मैच के लिए मुंबई टीम का ऐलान कर दिया गया है.
सूर्यकुमार यादव सिलेक्शन के लिए उपलब्ध थे, लेकिन इसके बावजूद सेलेक्टर्स ने उन्हें ड्रॉप करने का बड़ा फैसला लिया है. मुंबई की टीम इस सीजन 11 अक्टूबर से अपने रणजी ट्रॉफी अभियान की शुरुआत करेगी, जहां उनका सामना चंडीगढ़ से होगा. चयनकर्ताओं ने शुरुआती मैच के लिए युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को टीम का उप-कप्तान चुना है.
सूर्यकुमार यादव को भले ही टीम इंडिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक हार नहीं मानी है. वो दोबारा इंडियन टीम में वापसी करना चाहते हैं, लेकिन 36 वर्षीय खिलाड़ी के लिए आगे का रास्ता कांटों भरा है. बड़ा सवाल ये है कि सूर्या किन टूर्नामेंट्स में खेलकर चयनकर्ताओं को खुश कर सकते हैं? वो फिलहाल तीनों फॉर्मेट से बाहर हैं. सूर्यकुमार यादव टीम इंडिया में वापसी के लिए टी20 क्रिकेट को ही टारगेट करना चाहेंगे, क्योंकि टेस्ट और वनडे में उनकी वापसी लगभग नामुमकिन है.
टीम इंडिया में वापसी करने के लिए सूर्यकुमार यादव को घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और आईपीएल को हथियार बनाना होगा. इन दोनों टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन के दम पर वो भारतीय टीम में वापसी कर सकते हैं. SMAT 2026-27 सीजन में वो मुंबई टीम का हिस्सा होंगे. आईपीएल के अगले सीजन से पहले सभी टीमों को 15 नवंबर तक अपने-अपने रिटेन और रिलीज किए गए खिलाड़ियों की लिस्ट जारी करनी है.
ये भी देखना दिलचस्प होगा कि मुंबई इंडियंस सूर्या को रिटेन करती है या उनसे मुंह फेरने का फैसला करती है. इस लिहाज से भी सूर्यकुमार यादव के लिए आगामी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी काफी अहम साबित होने वाला है. ये टूर्नामेंट उनके भविष्य का फैसला कर सकता है.
दाएं हाथ के स्टाइलिश बल्लेबाज ने भारत के लिए 113 और ओवरऑल 373 टी20 मुकाबले खेले हैं. 347 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 152.58 के स्ट्राइक रेट से 9729 रन बनाए हैं. आगामी टी20 सीजन में सूर्या की नजर 10000 रनों पर होगी. सूर्या के लिए साल 2025 काफी बुरा रहा था. 21 T20I मैचों में उन्होंने 13.62 की साधारण औसत से सिर्फ 211 रन बनाए और एक बार भी 50 रन का आंकड़ा क्रॉस नहीं किया था. हालांकि, इसके बावजूद वो कप्तान बने रहे और उनके अंदर टीम इंडिया चैंपियन बनी, लेकिन इसके बाद उनसे कप्तानी भी छीनी और बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया.