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Australia vs Zimbabwe: ऑस्ट्रेलिया ने एकदिवसीय सीरीज में जिम्बाब्वे 3-0 से सफाया कर दिया है. रविवार (20 सितंबर) को खेले गए तीसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे की टीम ने कंगारुओं पर दबाव तो बनाया, लेकिन विकेट कीपर बल्लेबाज जोश इंग्लिस ने अकेले अपने दम पर बाजी पलट दी. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मैच में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 271 रन बनाए थे. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बेहद रोमांचक मुकाबले में आखिरी ओवर में जीत दर्ज की. जोश इंग्लिस के अलावा 9वें नंबर पर बैटिंग करने उतरे नाथन एलिस ने भी इस जीत में अहम योगदान निभाया और 44 गेंदों पर 36 रनों की मैच चेंजिंग पारी खेली.
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे वनडे में मिली शानदार जीत में जोश इंग्लिस का सबसे अहम किरदार रहा. टॉप ऑर्डर के सभी गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए थे, लेकिन इंग्लिस अकेले उनसे लड़ते रहे और 103 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली. हालांकि, 42वें ओवर में जब वो आउट हुए और ऑस्ट्रेलिया को 8वां झटका लगा, तब जिम्बाब्वे को जीत की स्वाद आने लगी, लेकिन एलिस ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया.
जोश इंग्लिस के शतक पर पानी फिर गया, क्योंकि जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार जीत हासिल की. इसके बावजूद इंग्लिस की ये पारी ऐतिहासिक है. दरअसल, जमाने बाद ऑस्ट्रेलिया को एडम गिलक्रिस्ट जैसा विकेट कीपर मिला है, जो बल्ले से भी शतक जड़ने का दम रखता है. जी हां, इंग्लिस ने गिलक्रिस्ट के स्पेशल क्लब में जगह बना ली है.
ऑस्ट्रेलिया ने 1971 में ODI इतिहास का पहला मैच खेला था. क्या आप यकीन करेंगे कि तब से लेकर आज तक ऑस्ट्रेलियाई टीम में सिर्फ तीन ऐसे विकेट कीपर बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने वनडे इंटरनेशनल में एक से अधिक शतक ठोके हैं. पहला नाम है पूर्व दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट का, जिन्होंने ODI में बतौर विकेट कीपर बल्लेबाज 16 शतक जड़े. लेकिन उनके रिटायरमेंट के बाद सूखा पड़ गया.
उनके बाद बतौर विकेट कीपर बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्रैड हैडिन ने इस फॉर्मेट में 2 शतक ठोके. टिम पेन, मैथ्यू वेड और एलेक्स कैरी ने एक-एक सेंचुरी जड़ी. जोश इंग्लिस बतौर ऑस्ट्रेलियाई विकेट कीपर बल्लेबाज ODI क्रिकेट में एक से अधिक शतक ठोकने वाले सिर्फ तीसरे खिलाड़ी बने हैं.
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारी, लेकिन कुछ देर के लिए डिफेंडिंग वर्ल्ड चैंपियन की जान हलक में आ गई थी. 42वें ओवर में जब इंग्लिस आउट हुए, तब भी ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 45 रनों की दरकार थी और उनके हाथ में दो विकेट थे. 245 के स्कोर पर 9वां झटका भी लगा. इसके बाद नाथन एलिस ने सारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और ऑस्ट्रेलिया को बड़ा उलटफेर का शिकार होने से बचा लिया. ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी ओवर में 9 विकेट खोकर 272 रनों का पीछा कर लिया.