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2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाना कई टीमों के लिए आसान नहीं होने वाला है. 14 टीमों वाले इस टूर्नामेंट में 10 टीमों की एंट्री सीधे तय होगी, जबकि बाकी चार स्थानों के लिए टीमों को क्वालिफिकेशन के अलग-अलग पड़ाव पार करने होंगे. ऐसे में किसी एक चरण में खराब प्रदर्शन का असर पूरे वर्ल्ड कप अभियान पर पड़ सकता है. क्वालिफिकेशन की दौड़ लीग-2 से शुरू होगी. इसमें अमेरिका, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड्स, ओमान, कनाडा, नामीबिया, नेपाल और यूएई की टीमें आमने-सामने होंगी. इस चरण की अंक तालिका में जगह बनाने वाली शीर्ष चार टीमें सीधे वर्ल्ड कप क्वालिफायर का टिकट हासिल करेंगी, लेकिन लीग-2 में पांचवें से आठवें स्थान तक रहने वाली टीमों की उम्मीदें खत्म नहीं होंगी. इन चार टीमों को क्वालिफायर प्लेऑफ में खेलने का मौका मिलेगा, जहां वे आगे बढ़कर वर्ल्ड कप की रेस में बने रहने की कोशिश करेंगी. यानी लीग-2 में हर मुकाबला और हर अंक बेहद अहम साबित होने वाला है.
चैलेंज लीग से भी चार टीमों के लिए आगे बढ़ने का मौका रहेगा. इस चरण में 12 टीमों को दो अलग-अलग ग्रुप में रखा जाएगा. दोनों ग्रुप में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली दो-दो टीमें अगले राउंड के लिए क्वालिफाई करेंगी. इस तरह चैलेंज लीग की चार टीमें क्वालिफायर प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी. क्वालिफायर प्लेऑफ में कुल आठ टीमों के बीच जंग होगी. इनमें लीग-2 की अंक तालिका में पांचवें से आठवें पायदान तक रहने वाली चार टीमें और चैलेंज लीग से क्वालिफाई करने वाली चार टीमें शामिल होंगी. इस राउंड में गलती की कोई गुंजाइश नहीं होगी, क्योंकि यहां से सिर्फ चार टीमों को ही वर्ल्ड कप क्वालिफायर का टिकट मिलेगा. बाकी चार टीमों का 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहुंचने का अभियान इसी चरण में समाप्त हो जाएगा. इसके बाद वर्ल्ड कप क्वालिफायर में जगह बनाने वाली टीमें अंतिम मौके के लिए मैदान में उतरेंगी. इस टूर्नामेंट की अंक तालिका में शीर्ष चार पायदान हासिल करने वाली टीमों को 2027 वनडे वर्ल्ड कप का टिकट मिल जाएगा. यानी क्वालिफायर का प्रदर्शन तय करेगा कि कौन-सी चार टीमें वर्ल्ड कप के मंच तक पहुंचेंगी.
1. लीग-2 की टॉप 4 टीमें - सीधे 2027 वर्ल्ड कप क्वालिफायर में एंट्री कर लेंगी
2. लीग-2 की नीचे की 4 टीमें + चैलेंज लीग की टॉप 4 टीमें - 2027 वर्ल्ड कप क्वालिफायर प्लेऑफ खेलेंगी
3. क्वालिफायर प्लेऑफ की टॉप 4 टीमें - 2027 वर्ल्ड कप क्वालिफायर में एंट्री कर लेंगी
4. वर्ल्ड कप क्वालिफायर की टॉप 4 टीमें - 2027 वनडे वर्ल्ड कप में एंट्री कर लेंगी
ग्रुप-A: डेनमार्क, जर्सी, केन्या, कुवैत, पापुआ न्यू गिनी और कतर
ग्रुप-B: बहरीन, हांगकांग, इटली, सिंगापुर, तंजानिया और युगांडा
दोनों ग्रुप से टॉप 2-2 टीमें आगे जाएंगी और क्वालिफायर प्लेऑफ में जगह बनाएंगी.
2027 वनडे वर्ल्ड कप में 10 टीमों को सीधे एंट्री मिलेगी, जबकि चार टीमों के स्थान क्वालिफिकेशन प्रोसेस के जरिए भरे जाएंगे. इन चार जगहों के लिए टीमों को लीग-2, चैलेंज लीग, क्वालिफायर प्लेऑफ और मेन क्वालिफायर जैसे चरणों से गुजरना होगा. 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए सभी टीमों का रास्ता एक जैसा नहीं है. जो टीमें सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई हैं, उन्हें अलग-अलग चरणों से गुजरना होगा. पूरे प्रोसेस को समझें तो लीग-2 से लेकर वर्ल्ड कप तक चार अहम पड़ाव हैं. सबसे पहले लीग-2 की टॉप चार टीमें सीधे वर्ल्ड कप क्वालिफायर में पहुंचेंगी. इसके बाद लीग-2 में पांचवें से आठवें स्थान पर रहने वाली चार टीमें क्वालिफायर प्लेऑफ में खेलेंगी. क्वालिफायर प्लेऑफ में लीग-2 की नीचे रहने वाली 4 टीमें और चैलेंज लीग से आने वाली 4 टीमें शामिल होंगी. इन 8 टीमों में से टॉप 4 टीमें आगे बढ़कर मेन वर्ल्ड कप क्वालिफायर खेलेंगी. यहां से उनके सामने 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक पहुंचने का आखिरी बड़ा मौका होगा. फिर वर्ल्ड कप क्वालिफायर में टॉप चार स्थान हासिल करने वाली टीमें 2027 वनडे वर्ल्ड कप का टिकट हासिल कर लेंगी.
लीग-2 में शामिल आठ टीमों में से टॉप चार को सीधे मेन क्वालिफायर में जाने का फायदा मिलेगा. दूसरी तरफ, चैलेंज लीग की 12 टीमों में से केवल चार टीमें प्लेऑफ तक पहुंच पाएंगी. यानी लीग-2 की टॉप चार टीमों को एक अतिरिक्त चरण नहीं खेलना पडे़गा.
लीग-2 में टॉप चार में जगह बनाने वाली टीमों के लिए सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उन्हें क्वालिफायर प्लेऑफ नहीं खेलना पड़ेगा. वे सीधे मेन क्वालिफायर में प्रवेश करेंगी और वर्ल्ड कप की चार उपलब्ध सीटों को हासिल करने के लिए सीधे मुकाबला करेंगी.
चैलेंज लीग के दोनों ग्रुप की टॉप दो टीमें अगले चरण (क्वालिफायर प्लेऑफ) का टिकट हासिल करेंगी. इस तरह चार टीमों को क्वालिफायर प्लेऑफ में उतरने का मौका मिलेगा, जहां उनका सामना लीग-2 में नीचे रहने वाली चार टीमों से होगा. क्वालिफायर प्लेऑफ में लीग-2 की नीचे रहने वाली 4 टीमें और चैलेंज लीग से आने वाली 4 टीमें शामिल होंगी. इन 8 टीमों में से टॉप 4 टीमें आगे बढ़कर मेन वर्ल्ड कप क्वालिफायर खेलेंगी. चैलेंज लीग को दो ग्रुप में बांटा गया है. ग्रुप-ए में डेनमार्क, जर्सी, केन्या, कुवैत, पापुआ न्यू गिनी और कतर शामिल हैं. वहीं ग्रुप-बी में बहरीन, हांगकांग, इटली, सिंगापुर, तंजानिया और युगांडा को रखा गया है. दोनों ग्रुप में टीमें अपनी-अपनी स्थिति के लिए मुकाबला करेंगी. हर ग्रुप की टॉप दो टीमें अगले चरण यानी क्वालिफायर प्लेऑफ में पहुंचेंगी. इस तरह चैलेंज लीग से कुल चार टीमें प्लेऑफ में जगह बनाएंगी. यानी चैलेंज लीग की टीमों के लिए भी हर मैच बेहद अहम होगा, क्योंकि ग्रुप में टॉप दो स्थान हासिल करने पर ही उनके पास 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक पहुंचने की दौड़ में आगे बढ़ने का मौका होगा.
वेस्टइंडीज के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक पहुंचने का रास्ता उसके क्वालिफिकेशन चरण और प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. टीम को अपने संबंधित चरण में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए मेन वर्ल्ड कप क्वालिफायर तक पहुंचना होगा. वहां टॉप चार में जगह बनाना ही 2027 वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने की निर्णायक सीढ़ी होगी. वेस्टइंडीज सीधे 2027 वनडे वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की नहीं कर सकी है. अब टीम के सामने क्वालिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए टूर्नामेंट में पहुंचने का रास्ता है. इसका मतलब है कि वेस्टइंडीज को सिर्फ एक मुकाबले या एक चरण में अच्छा प्रदर्शन करने से काम नहीं चलेगा. उसे जिस भी चरण से शुरुआत करनी होगी, वहां लगातार जीत और बेहतर प्रदर्शन के जरिए अगले पड़ाव तक पहुंचना होगा. आखिर में वर्ल्ड कप क्वालिफायर में टॉप चार में जगह बनाना ही उसे वर्ल्ड कप का टिकट दिलाएगा.