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Asian Games: जब ‘उड़न परी’ ने एशिया में मचाई थी सनसनी, पीटी उषा के नाम आज भी दर्ज है ये बड़ा रिकॉर्ड

पीटी उषा ने एशियन गेम्स में अपनी रफ्तार से भारतीय एथलेटिक्स का गौरव बढ़ाया. ‘पय्योली एक्सप्रेस’ ने कुल 11 पदक जीते, जिसमें 4 गोल्ड और 7 सिल्वर शामिल हैं. 1986 सियोल एशियन गेम्स में उन्होंने अकेले 4 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा. वहीं 2022 हांगझोउ गेम्स में भारत ने पहली बार 100 का आंकड़ा पार करते हुए 107 पदक जीते.

Asian Games: जब ‘उड़न परी’ ने एशिया में मचाई थी सनसनी, पीटी उषा के नाम आज भी दर्ज है ये बड़ा रिकॉर्ड
Image Credit: AI Graphics

Asian Games Record: भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में पीटी उषा का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है. 'उड़न परी' और  ‘पय्योली एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर उषा ने ट्रैक पर अपनी रफ्तार से न सिर्फ भारत को गौरवान्वित किया, बल्कि एशियन गेम्स में ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो आज भी उन्हें भारतीय खेल इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल करता है. एशियन गेम्स में उषा ने कुल 11 पदक जीते, 4 गोल्ड और 7 सिल्वर. खास बात यह है कि उनके चारों स्वर्ण पदक एक ही संस्करण में आए थे.

1986 एशियन गेम्स में उषा का 'गोल्डन रन'

पीटी उषा के एशियन गेम्स करियर का सबसे शानदार अध्याय 1986 के सियोल एशियन गेम्स में लिखा गया. उस समय भारतीय एथलेटिक्स की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल पीटी उषा ने ट्रैक पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और चार गोल्ड मेडल अपने नाम किए.

उन्होंने 200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर हर्डल्स और 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते. इसके अलावा 100 मीटर में उन्हें सिल्वर मिला. यानी सियोल में उषा ने अकेले 5 पदक (4 गोल्ड और 1 सिल्वर) जीते. भारतीय एथलेटिक्स के लिए यह आज भी सबसे यादगार एशियन गेम्स अभियानों में से एक है. भारतीय एथलेटिक्स महासंघ भी उनके 1986 प्रदर्शन को ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर दर्ज करता है.

उषा की खासियत सिर्फ पदक जीतना नहीं थी. 1986 में उन्होंने जिन स्पर्धाओं में हिस्सा लिया, उनमें एशियन गेम्स रिकॉर्ड भी बनाए. उनकी रफ्तार और निरंतरता ने उन्हें उस दौर की एशियाई एथलेटिक्स की सबसे बड़ी स्टार बना दिया था.

भारतीय एथलीट में सबसे ज्यादा एशियन गेम्स पदक

उषा के नाम एशियन गेम्स में कुल 11 पदक हैं. इसमें चार गोल्ड और सात सिल्वर शामिल हैं. यह उपलब्धि उन्हें एशियन गेम्स में किसी भारतीय एथलीट द्वारा जीते गए सबसे ज्यादा पदकों के रिकॉर्ड से जोड़ती है.

यही वजह है कि भारतीय खेलों में पीटी उषा की विरासत सिर्फ उनके ओलंपिक प्रदर्शन या राष्ट्रीय रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है. एशियन गेम्स में उनका प्रदर्शन अपने आप में एक अलग अध्याय है.

एशियन गेम्स में भारत का रिकॉर्ड

भारत एशियन गेम्स के इतिहास में शुरुआत से ही मौजूद रहा है. 1951 में दिल्ली में हुए पहले एशियन गेम्स से लेकर 2022 के हांगझोउ गेम्स तक भारत ने हर संस्करण में हिस्सा लिया है. 2022 में भारत के खाते में कुल 107 पदक आए थे (28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज). हांगझोउ में भारत ने पहली बार एक ही एशियन गेम्स में 100 पदकों का आंकड़ा पार किया और कुल 107 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.

भारत के लिए एशियन गेम्स का सफर 1951 में ही शानदार शुरुआत के साथ हुआ था. दिल्ली में हुए पहले संस्करण में भारत ने 15 गोल्ड समेत 51 पदक जीते थे. इसके बाद अलग-अलग दौर में भारतीय खिलाड़ियों ने कुश्ती, शूटिंग, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, हॉकी और अन्य खेलों में देश का झंडा ऊंचा किया.

2022 हांगझोउ में बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

2022 एशियन गेम्स भारत के लिए मील का पत्थर साबित हुआ. भारतीय दल ने पहली बार 100 से ज्यादा पदक जीतते हुए 107 मेडल अपने नाम किए. इनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज शामिल रहे. भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. इस अभियान में एथलेटिक्स, शूटिंग, तीरंदाजी, कुश्ती, बॉक्सिंग और हॉकी समेत कई खेलों ने भारत के पदक अभियान को मजबूती दी.

उषा से नीरज तक जारी है एथलेटिक्स की कहानी

पीटी उषा ने जिस दौर में भारतीय एथलेटिक्स को एशिया के बड़े मंच पर पहचान दिलाई, आज उसी विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर है. नीरज चोपड़ा इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. उन्होंने 2018 और 2022 एशियन गेम्स में पुरुषों की जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीता. हालांकि, चोट की वजह से वो 2026 एशियन गेम्स में भाग नहीं ले रहे हैं.

रिकॉर्ड बुक में पीटी उषा का नाम अपनी खास जगह बनाए हुए है. 11 एशियन गेम्स पदक और एक ही संस्करण में चार गोल्ड. ये आंकड़े बताते हैं कि ‘पय्योली एक्सप्रेस’ ने भारतीय एथलेटिक्स को किस ऊंचाई तक पहुंचाया था. 2026 एशियन गेम्स में भारत के खिलाड़ी जब नए रिकॉर्ड बनाने उतरेंगे, तो उनके सामने उषा जैसी दिग्गजों की विरासत भी एक प्रेरणा होगी.

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About the Author

Ritesh Kumar

Ritesh Kumar

रितेश कुमार स्पोर्ट्स न्यूज करने के लिए 24 घंटे तैयार रहते हैं क्योंकि इसी से सबसे ज्यादा प्यार करते हैं. पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव. The Lallantop से सफर शुरू हुआ और R Bharat के रास्ते अब Zee News तक पहुंचा है. स्पोर्ट्स क्षेत्र में एक सफल पत्रकार बनने का सपना है. भारतीय क्रिकेटर्स, ओलंपिक और पैरालंपिक मेडलिस्ट का इंटरव्यू करने करने का अनुभव. ट्रेडिंग खबरों में डूबे रहने का शौक है.
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