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Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत की 36 वर्षीय एथलीट सुचिका तारियाल ने इतिहास रच दिया. जापान में चल रहे मेगा इवेंट से पहले तक मिश्रित मार्शल आर्ट (MMA) खेल के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी थी. एशियन गेम्स 2026 में पहली बार इस खेल की एंट्री हुई और सुचिका तारियाल ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया. हालांकि, कांस्य पदक जीतकर भी वो टूटकर बिखर गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं. उन्होंने बताया कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है.
सुचिका के रिएक्शन से साफ पता चल रहा था कि उन्हें पक्का यकीन था कि फैसला उनके पक्ष में आना चाहिए था. बीच में खड़े रेफरी भारतीय खिलाड़ी का इंतजार करते रहे, जबकि दूसरी तरफ टेओ खड़ी थीं. सुचिका अनिच्छा से वहां पहुंचीं और रेफरी ने सिंगापुर की खिलाड़ी का हाथ ऊपर उठाकर उन्हें विजेता घोषित कर दिया. इस समय भी भारतीय खिलाड़ी को जो हुआ उस पर यकीन नहीं हो रहा था और वह अविश्वास में अपना सिर हिलाती रहीं.
कड़े मुकाबले के तय समय के बाद मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, जिसमें आखिरी कुछ सेकंड में टेओ ने हमला किया. फिर बजर बजते ही तारियाल अपनी प्रतिद्वंद्वी को नीचे गिराने में कामयाब रहीं. जब मुकाबला ओवरटाइम में पहुंचा, तब भी दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को बराबर की टक्कर दी.
परेशान सुचिका को यकीन नहीं हो रहा था कि क्या हुआ है, और जल्द ही उनका अविश्वास आंसुओं में बदल गया. भावनाओं में बहकर सुचिका घुटनों के बल बैठ गईं, जिसके बाद उनके कोच ने उन्हें सांत्वना दी. फिर भी, सुचिका फूट-फूटकर रोती रहीं.
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) September 21, 2026
सुचिका ने मैच के बाद एक विशेष बातचीत में पीटीआई को बताया,
“मैं आज के मुकाबले के परिणाम से थोड़ी निराश हूं क्योंकि मुझे लगा कि मैंने लड़ाई जीत ली है. मैं इस परिणाम से सहमत नहीं हो पा रही हूं. मैं कह रही थी कि यह उचित नहीं है क्योंकि अगर आप एक खिलाड़ी को देखते हैं, तो वह हर जगह अपना 100 प्रतिशत देता है. और अगर आपको लगता है कि निर्णय अनुचित है, तो यह मेरा अधिकार है.''
सुचिका तारियाल ने जबरदस्त खेल दिखाया, लेकिन वो महिलाओं के ट्रेडिशनल MMA 60kg इवेंट के फ़ाइनल में जगह नहीं बना सकीं. वो सिंगापुर की टेओ हुई हून से सेमीफाइनल में 1-2 से हार गईं. दरअसल, रिव्यू के फैसले के बाद भी दोनों एथलीट के पॉइंट्स बराबर थे और मुकाबला टाई हो गया. हालांकि, सिंगापुर की एथलीट का वजन सुचिका से 700 ग्राम कम था, इसलिए नियमों के अनुसार उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया.
इस तरह सुचिका ने एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना सफ़र खत्म किया. यह इस खेल में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल है और इस बार आइची-नागोया में यह खेल पहली बार शामिल किया गया था. इससे पहले, सुचिका ने मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. 36 साल की इस अनुभवी खिलाड़ी ने जूडो, कुराश, जिउ-जित्सु और अब MMA जैसे कई कॉम्बैट स्पोर्ट्स में अपना करियर बनाया है.