'यह आपकी मंजिल का आखिरी पड़ाव नहीं', एशियन पैरा गेम्स के हीरोज से मिले PM मोदी, दिया नया मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन पैरा गेम्स में मेडल जीतने वाले एथलीटों की जमकर तारीफ की है. उन्होंने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान 114 मेडल जीतने और महिलाओं के शानदार प्रदर्शन पर सबको बधाई दी.
भारतीय एथलीटों ने एशियन पैरा गेम्स में कमाल का प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 114 मेडल अपने नाम किए. देश को 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल मिले हैं. भारत से 168 एथलीट जापान गए थे. इनमें से 97 पैरा-एथलीटों ने इस ऐतिहासिक सफलता में अपना योगदान दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडल विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी. प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि आपकी मेहनत और कामयाबियां पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई हैं.
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में हुए इस कार्यक्रम के दौरान खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने हिस्सा लिया. भारतीय एथलीटों में तीरंदाज शीतल देवी और स्प्रिंटर सिमरन भी मौजूद थीं. खिलाड़ियों को संबोधित करते प्रधानमंत्री ने भारत में बदलाव पर जोर दिया. उन्होंने याद दिलाया कि कैसे देश ने 2010 एशियन पैरा गेम्स में एक गोल्ड समेत सिर्फ 14 मेडल अपने नाम किए थे. पीएम मोदी ने कहा, ''14 से 114 तक के इस सफर के बारे में किसने सोचा होगा? यह आपकी कड़ी मेहतन, खेल के प्रति आपकी लगन और विकसित किए गए इकोसिस्टम का नतीजा है.''
भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
भारत ने अपने पैरा-एशियन गेम्स इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. उसने 2023 हांग्जो की सफलता को पीछे छोड़ते हुए बड़ा रिकॉर्ड बनाया. तब भारत ने 108 मेडल जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था. इस बार जापान के नागोया में देश ने 114 मेडल जीतकर उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया. पीएम मोदी ने एशियन पैरा गेम्स में बनाए गए पांच वर्ल्ड रिकॉर्ड और नौ एशियन रिकॉर्ड की इशारा किया, साथ ही महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा.
बेटियों की जमकर तारीफ
प्रधानमंत्री ने मेडल जीतने वाली बेटियों की जमकर तारीफ की और कहा, ''111 मेडल जीतने वालों में से 34 बेटियां हैं.'' उन्होंने पैरा स्पोर्टस मूवमेंट में हिलाओं की बढ़ती मौजूदगी पर जोर दिया. भारत ने गेम्स के आखिरी दिन नौ गोल्ड मेडल जीतकर तालिका को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया. पीएम मोदी ने याद किया कि कैसे एथलीटों ने प्रतियोगिता के आखिरी चरण तक मेडल जीतने का सिलसिला जारी रखा. उन्होंने कहा, ''ऐसा लगा जैसे आपने सिर्फ जीतने का फैसला ही नहीं किया था, लेकिन जब तक गेम्स चल रहे थे, मेडल जीतने का सिलसिला रोकना कोई विकल्प नहीं था.''