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भारत ने जापान के आइची नागोया में एशियन पैरा गेम्स में सोमवार (19 अक्टूबर) को गोल्ड मेडल के साथ शुरुआत की. शूटिंग में मोना अग्रवाल ने गोल्ड तो अवनी लेखरा ने सिल्वर मेडल पर कब्जा किया. दोनों खिलाड़ियों ने 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में कमाल कर दिखाया. मोना ने दिग्गज खिलाड़ी अवनी को परास्त करके पहला स्थान हासिल किया. डिफेंडिंग चैंपियन अवनी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.
मोना और अवनी में 0.4 के अंतर से मेडल का बंटवारा हुआ. मोना ने 250 और अवनी ने 249.6 अंक हासिल किए. फाइनल मैच अंत तक कांटे की टक्कर वाला रहा. मोना और अवनी में 0.4 के अंतर से मेडल का बंटवारा हुआ. मोना ने 250 और अवनी ने 249.6 अंक हासिल किए. फाइनल मैच अंत तक कांटे की टक्कर वाला रहा. मैच के बाद भारत की दोनों खिलाड़ी पोडियम पर नजर आईं और यह देश के लिए एक गौरव का पल रहा. अवनी ने 2022 हांग्झो पैरा एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. वह इस बार खिताब को बचा नहीं पाईं और वह दूसरे स्थान पर रहीं.
DOUBLE THE MEDALS, DOUBLE THE PRIDE! 🇮🇳🔥 A proud moment for India at the #AsianParaGames2026! 💪🏆 Mona Agarwal and Avani Lekhara shine on the podium, bringing home GOLD 🥇 and SILVER 🥈 and making the Tricolour fly high! 🇮🇳 Two champions. One nation. Endless pride! 🚀 #Cheer4Bharat #AsianParaGames2026 #IndianShooting #ProudMoment
— SAI Media (@Media_SAI) October 19, 2026
फाइनल का गजब रोमांच
पैरालंपिक और एशियन गेम्स चैंपियन अवनी ने मैच में अधिकांश मौकों पर बढ़त अपने पास रखा था. वह पहले स्थान पर काबिज रही थीं. मुकाबले के दूसरे चरण की चौथी सीरीज में अवनी का एक शॉट 9.7 का रहा था. यहां से मोना को वापसी का मौका मिल गया और उन्होंने मैच में बढ़त हासिल कर ली.
दबाव में अवनी ने की वापसी
मैच में जब दबाव का क्षण आया तो अवनी ने अपनी काबिलियत दिखाई और मेडल की दौर में खुद को बरकरार रखा. उन्होंने दक्षिण कोरिया की यूनरी ली और कजाकिस्तान की ऐगेरिम तुलेगेनोवा की चुनौती का सामना किया. दोनों ने कुछ देर के लिए अवनी के ऊपर बढ़त बनाई, लेकिन भारतीय दिग्गज ने खुद को मैच में बनाए रखा. उन्होंने एकाग्रता के साथ सिल्वर मेडल को अपने नाम किया.
कौन हैं गोल्ड जीतने वाली मोना अग्रवाल?
मोना के लिए यह गोल्ड मेडल खास है. उन्होंने 2021 में प्रोफेशनल शूटिंग शुरू की थी. राजस्थान के सीकर में जन्मी मोना 9 महीने की उम्र में ही पोलियो का शिकार बन गईं.पैरा-शूटिंग में सफल होने से पहले उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-पावरलिफ्टिंग और सिटिंग वॉलीबॉल में भी हाथ आजमा चुकी थीं. उन्होंने राजस्थान की महिला टीम के साथ नेशनल सिटिंग वॉलीबॉल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था. 2021 में शूटिंग को अपनाने के बाद उन्होंने 2022 में नेशनल लेवल पर सिल्वर मेडल हासिल किया. इसके बाद 2023 में वर्ल्ड कप की मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज हासिल किया. उसी साल उन्होंने वर्ल्ड कप में गोल्ड पर कब्जा किया. अब वह एशियाई चैंपियन बन चुकी हैं.