एशियाड में भारत 75 पार: कुश्ती में सुजीत कलकल ने जीता गोल्ड, बॉक्सिंग में अंकुश ने लगाया स्वर्णिम पंच
भारत ने एशियन गेम्स में कुश्ती और बॉक्सिंग में शुक्रवार को एक-एक गोल्ड मेडल जीता. कुश्ती में सुजीत कलकल और बॉक्सिंग में अंकुश पंघाल ने कमाल करते हुए देश के खाते में एक स्वर्ण डाल दिया.
एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को भारत की झोली में कुश्ती और बॉक्सिंग से एक-एक गोल्ड मेडल आए. भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने पुरुषों की 65kg फ्रीस्टाइल कुश्ती कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता. वहीं, बॉक्सर अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80kg कैटेगरी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है, जिसमें 15 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.
बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा की शानदार गोल्ड मेडल के बाद अंकुश पंघाल ने कमाल कर दिखाया. खिताबी मुकाबले में अंकुश ने दक्षिण कोरिया के किम मिन-सेओंग को पराजित कर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की. पूरे मुकाबले के दौरान अंकुश आक्रामक तेवरों में नजर आए, जबकि दक्षिण कोरियाई मुक्केबाज दूरी बनाए रखने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान भारतीय मुक्केबाज ने सटीक अपरकट लगाए, वहीं मिन-सेओंग को एक चेतावनी अंक भी मिला. अंकुश के दबदबे के साथ पहला राउंड 4-1 के स्कोर से भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में रहा.
काउंटर-पंचिंग से किया कमाल
दूसरे राउंड की शुरुआत में अंकुश ने कुछ तेज पंच जड़े. दोनों मुक्केबाजों ने बॉडी शॉट्स भी लगाए. जब दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ने आक्रामक मोड अपनाया, तो अंकुश ने काउंटर-पंचिंग का सहारा लिया और लगातार अंक बटोरे. अपनी बेहतरीन रणनीति के दम पर अंकुश ने दूसरा राउंड 5-0 के एकतरफा स्कोर से अपने नाम कर लिया. तीसरे राउंड में भी अंकुश ने अपनी काउंटर-पंचिंग की रणनीति जारी रखी. एक तरफ जहां किम मिन-सेओंग वापसी की होड़ में आक्रामक हो रहे थे, वहीं अंकुश ने अपने संयम को बनाए रखा और प्रतिद्वंद्वी पर अपनी मजबूत बढ़त कायम रखी. उन्होंने तीसरा राउंड 4-0 से जीता और एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए मुक्केबाजी में एक और गोल्ड हासिल किया.
डोपिंग विवाद के बाद परवीन हुड्डा की स्वर्णिम वापसी
अंकुश पंघाल के गोल्ड से ठीक पहले भारत के लिए परवीन हुड्डा का प्रदर्शन बेहद खास रहा. स्टार महिला मुक्केबाज परवीन ने महिला 65 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को शिकस्त दी. पिछले एशियाई खेलों में डोपिंग संबंधी चिंताओं के कारण ब्रॉन्ज गंवाने के बाद परवीन के लिए यह गोल्ड जीत और भी अधिक मायने रखती है.
जन्मदिन के दिन लवलीना बोरगोहेन का सपना पूरा
दूसरी ओर, भारतीय मुक्केबाजी की दिग्गज खिलाड़ी लवलीना बोरगोहेन ने भी गोल्ड पर कब्जा जमाया. महिला 75 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में चीन की बाओ जियाई को हराते हुए लवलीना ने शानदार काउंटर-पंचिंग के बल पर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस जीत के साथ उन्होंने एशियाई खेल 2026 में भारत को मुक्केबाजी में एक और ऐतिहासिक स्वर्ण दिलाया. मुकाबले के बाद लवलीना ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अपने जन्मदिन पर यह स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है.
हारे हुए मैच में सुजीत ने कैसे पलटी बाजी?
रेसलिंग की बात करें तो सुजीत कलकल ने फाइनल मुकाबले में ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदीव को हराकर ऐतिहासिक गोल्ड अपने नाम किया. फाइनल मुकाबले में एक समय ऐसा आया जब सुजीत 2-9 से पीछे चल रहे थे और मैच में केवल 1 मिनट 40 सेकंड का समय बचा था. इसके बाद सुजीत ने एक के बाद एक लगातार टेकडाउन करते हुए मैच का रुख पूरी तरह अपनी ओर मोड़ लिया और मुकाबला खत्म होने से महज 11 सेकंड पहले गोल्ड मेडल पक्का कर लिया.
फाइनल मुकाबले की शुरुआत में क्या-क्या हुआ?
कुदीव ने मैच की आक्रामक शुरुआत की. उन्होंने पहले सुजीत को रिंग से बाहर धकेलकर दो अंक हासिल किए और फिर उनके पैरों पर पकड़ बनाकर दो और अंक हासिल करते हुए 4-0 की बढ़त बना ली. हालांकि, सुजीत ने तुरंत पलटवार करते हुए 2 अंक हासिल किए और दोनों पहलवानों ने आक्रामक दांव-पेच का प्रदर्शन किया. आक्रामक दांव लगाने के प्रयास में संतुलन बिगाड़ने के कारण सुजीत को पहले पीरियड में और अंक गंवाने पड़े, जिससे वे 2-5 से पीछे हो गए. इसके बाद अब्दुलमाजिद ने सुजीत को टेकडाउन किया और उन्हें रोल करते हुए 4 अंक का बड़ा दांव लगाया, जिससे ताजिकिस्तानी पहलवान 9-2 से आगे हो गया.
अंतिम क्षणों में सुजीत का जादुई कमबैक
मुकाबले में जब केवल 1 मिनट और 20 सेकंड बचे थे, तब सुजीत ने एक बड़ा टेकडाउन हासिल किया और उसके तुरंत बाद एक और टेकडाउन करते हुए अंक अंतर को घटाकर 6-9 कर दिया. इसके बाद भी भारतीय पहलवान ने लगातार 2-2 अंक जुटाए और मुकाबला समाप्त होने से महज 11 सेकंड पहले 10-9 से जीत दर्ज की.
एशियन गेम्स 2026 मेडल टैली (भारतीय समयानुसार 2 अक्टूबर को दोपहर 3:40 बजे तक)
| रैंक | देश | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
| 1 | चीन | 161 | 79 | 71 | 311 |
| 2 | जापान | 69 | 82 | 85 | 236 |
| 3 | कोरिया | 33 | 39 | 62 | 134 |
| 4 | उज्बेकिस्तान | 19 | 22 | 22 | 63 |
| 5 | भारत | 15 | 25 | 35 | 75 |