गोल्ड विनर्स पर पैसों की बारिश: भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास, कैश प्राइज का एलान, किसे कितने रुपये मिलेंगे?
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद चीन को 1-0 से हराकर एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता. इस शानदार उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है. इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का सीधा टिकट भी हासिल कर लिया.
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. इस शानदार सफलता के बाद हॉकी इंडिया ने राष्ट्रीय टीम की प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 11 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य के लिए 5.5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है. भारत ने फाइनल मुकाबले में मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक सिल्वर मेडल विजेता चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद यह गोल्ड जीता है. इससे पहले भारतीय महिला टीम ने आखिरी बार साल 1982 के एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल हासिल किया था.
फाइनल मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. मैच के 10वें मिनट में लालरेमसियामी ने रिवर्स-स्टिक स्ट्राइक से शानदार फील्ड गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी. इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी बेहतरीन और मजबूत रक्षात्मक रणनीति का प्रदर्शन करते हुए पूरे मैच में चीन को एक भी गोल करने नहीं दिया और ऐतिहासिक जीत दर्ज की.
हॉकी इंडिया के अधिकारियों ने क्या कहा?
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने टीम के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारतीय महिला टीम ने विश्व की चौथे नंबर की टीम और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ 1-0 की बढ़त को बरकरार रखते हुए अद्भुत हिम्मत और जुझारूपन दिखाया. उन्होंने बताया कि 44 साल बाद इतिहास रचने वाली इस चैंपियन टीम को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए यह विशेष नकद पुरस्कार दिया जा रहा है.
ऐतिहासिक जीत का ड्रेसिंग रूम में जश्न
गोल्ड जीतने के तुरंत बाद भारतीय महिला हॉकी टीम के ड्रेसिंग रूम में खुशी और उत्साह का माहौल छा गया. हॉकी इंडिया द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किए गए एक वीडियो में खिलाड़ी क्रिकेटर ड्वेन ब्रावो के प्रसिद्ध गाने 'चैंपियन' पर झूमती और नाचती हुई नजर आईं. पूरी टीम एक साथ 'चैंपियंस, चैंपियंस' के नारे लगा रही थी.
गोल्ड मेडल से भारत को क्या बड़ा फायदा मिला?
इस गोल्ड मेडल जीत का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक गेम्स (LA 2028 Olympics) के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है. टोक्यो 2020 ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने के बाद पेरिस 2024 ओलंपिक में जगह न बना पाने की निराशा के बाद यह उपलब्धि भारतीय हॉकी के लिए संजीवनी की तरह है. इसके अलावा, इस एशियन गेम्स में भारत का कुल मेडल आंकड़ा 76 तक पहुंच गया, जिसमें 16 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज शामिल हैं.
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टूर्नामेंट में किन खिलाड़ियों ने दागे सबसे ज्यादा गोल?
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का आक्रमण बेहद शानदार रहा. भारत की दीपिका सहरावत ने प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा 21 गोल दागकर टॉप गोलस्कोर्नर का खिताब अपने नाम किया. उनके बाद भारत की नवनीत कौर ने 10 गोल किए, जबकि चीन की जियाकी झोंग ने 9 गोल दागे. इस ऐतिहासिक जीत के साथ चार दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारतीय महिला हॉकी एक बार फिर एशिया के शीर्ष शिखर पर पहुंच गई है.