)
एशियन गेम्स 2026 में महिला कबड्डी टीम ने भारत की शान में चार चांद लगा दिए हैं. शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया. इस जीत के साथ भारत ने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में जीते अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव भी किया. फाइनल मुकाबला बेहद करीबी रहा और आखिरी मिनट तक ईरान की टीम भारत पर दबाव बनाए हुए थी.
ईरान लगातार वापसी की कोशिश कर रहा था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच अपना संयम बनाए रखा. मुकाबले के अंतिम पलों में भारत की डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान की ऐनाज को अहम टैकल किया, जिससे भारत की जीत लगभग तय हो गई. भारत की जीत में संजू देवी ने एक बार फिर अहम भूमिका निभाई. पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली संजू देवी ने फाइनल में भी टीम को मजबूती दी. भारतीय टीम ने ईरान की लगातार चुनौती का सामना करते हुए आखिरकार 37-34 से मुकाबला अपने नाम कर लिया.
महिला कबड्डी में गोल्ड जीतने के बाद एशियन गेम्स 2026 मेडल टैली में भारत के पदकों की संख्या 27 तक पहुंच गई है, इनमें 3 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं. खबर लिखे जाने तक भारत मेडल टैली में 12वें स्थान पर था. भारत की महिला कबड्डी टीम में पूजा, राज रानी, सोनाली विष्णु शिंगाटे, पुष्पा, भावना देवी, रितु, संजू देवी, रितु नेगी, मनीषा कुमारी, पिंकी रॉय, ज्योति और निकिता शामिल थीं. इन खिलाड़ियों ने मिलकर भारत को एक और एशियन गेम्स गोल्ड दिलाया है.

महिला टीम की शानदार जीत के बाद अब भारतीय फैंस की नजरें पुरुष कबड्डी टीम पर हैं. पुरुष टीम भी शनिवार को ईरान के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच खेलने उतरेगी. ऐसे में भारत के पास कबड्डी में एक और गोल्ड जीतने का मौका होगा. इससे पहले शनिवार को सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने 2:11:37 के नेशनल रिकॉर्ड टाइम के साथ रेस पूरी की. इस पदक के साथ भारत का एशियन गेम्स मैराथन में 44 साल का इंतजार भी खत्म हुआ.
भारत ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता. आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्सा विनोद की टीम ने भारत को यह मेडल दिलाया. व्यक्तिगत फाइनल में तिलोत्तमा चौथे और विदार्सा पांचवें स्थान पर रहीं. स्क्वैश में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. भारतीय जोड़ी को मिक्स्ड डबल्स सेमीफाइनल में हांगकांग की तांग मिंग हांग और ली का यी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन सेमीफाइनल तक पहुंचने के कारण भारत के खाते में ब्रॉन्ज आया.
