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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मेंस कबड्डी टीम ने एक बार फिर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया. सुनील कुमार की कप्तानी वाली टीम ने चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की. इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप स्टेज में अपना अभियान अजेय रहते हुए खत्म किया और पहले ही सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश के लिए एक और मेडल सुनिश्चित कर लिया.
मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय रेडर्स ने चीनी ताइपे के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा. भारत के लगातार सफल रेड से विपक्षी टीम को वापसी का मौका नहीं मिला. पहले हाफ के खत्म होने तक भारतीय टीम ने 23-11 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी. दूसरी ओर, भारत के डिफेंडर्स ने भी शानदार तालमेल दिखाते हुए चीनी ताइपे के रेडर्स को ज्यादा अंक हासिल नहीं करने दिए.
दूसरे हाफ में चीनी ताइपे ने अपने खेल में सुधार जरूर किया, लेकिन भारत की बढ़त इतनी मजबूत थी कि मुकाबले का रुख नहीं बदल सका. भारत ने अंतिम हाफ में 14 अंक जोड़े, जबकि चीनी ताइपे की टीम 10 अंक ही हासिल कर पाई. आखिरकार भारत ने 16 अंकों के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया.
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत जापान के खिलाफ शानदार जीत से की थी. इसके बाद टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ भी आक्रामक खेल दिखाया और 63-31 के बड़े अंतर से मुकाबला जीता. तीसरे मैच में भारत ने बांग्लादेश को 48-25 से हराया. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली थी.
अब भारतीय पुरुष कबड्डी टीम की नजर सेमीफाइनल मुकाबले पर है, जहां उसका सामना थाईलैंड से होगा. ग्रुप स्टेज में लगातार चार जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट मुकाबले में उतरेगी. हालांकि, सेमीफाइनल में मुकाबला नए सिरे से शुरू होगा और भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए अपना मजबूत प्रदर्शन बरकरार रखना होगा.
भारतीय मेंस कबड्डी टीम का एशियन गेम्स में बेहद मजबूत रिकॉर्ड रहा है. भारत ने अब तक 9 बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है और इनमें से 8 मौकों पर गोल्ड मेडल जीता है. भारत को सिर्फ 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में गोल्ड के बजाय ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा था. 2026 में टीम के पास एक बार फिर गोल्ड मेडल की दौड़ में आगे बढ़ने का मौका है.