Shani Direction Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में हर ग्रह की एक दिशा बताई गई है. ऐसे में घर में इन ग्रहों को शांत रखने के लिए संबंधित दिशा से जुड़ी कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. कुछ सावधानियों को बरतकर उस ग्रह से संबंधित बुरे परिणाम को दूर किया जा सकता है. बात अगर शनि ग्रह की करें तो पश्चिम दिशा शनि की स्वामित्व वाली दिशा है. ज्योतिष में शनि एक क्रूर ग्रह है जिसकी दिशा से जुड़ी कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए. आइए जानें शनि की पश्चिन दिशा को लेकर कौन सी भूल न करें.
पश्चिम दिशा में गलती से भी किचन न बनाएं. ऐसा करने से घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती है. सेहत खराब हो सकती है और घर में अन्न की कमी भी हो सकती है.
पश्चिम दिशा में घर का मंदिर भी न बनाएं. ऐसा करने से जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं. घर के सदस्य को करियर क्षेत्र में दिक्कते होती हैं. ऐसे घर में आर्थिक स्थिति खराब रहती है.
पश्चिम दिशा में बेडरूम न बनवाएं. ऐसे कमरे में रहने वाले कपल के बीच मनमुटाव बना रहता है. पति-पत्नी में अलगाव तक की नौबत आ जाती है. अगर कमरा बना है तो उसे सोने के लिए इस्तेमाल न करें.
पश्चिम दिशा में भूल से भी टूटा हुआ सामान न रखें. ऐसा करने से शनि क्रोधित होते हैं. इससे जीवन की परेशानियां बढ़ रहती है. बने बनाए काम में विघ्न पड़ जाता है.
घर की पश्चिम दिशा में बालकनी या बाथरूम भी नहीं बनाना चाहिए. ऐसा करने से नकारात्मकता ऊर्जा घर में बढ़ जाती है और घर के लोगों के बीच लगातार लड़ाई-झगड़े होते हैं.
पश्चिम दिशा में वरुण यंत्र को स्थापित करना अति शुभ होगा. इससे घर का शनि दोष और वास्तु दोष दूर होगा.
शनि की पश्चिम दिशा मेंतत्व से जुड़ी तस्वीरें लगाएं. जैसे- झरने, झील, नदियां आदि.
भारी फर्नीचर या भारी सामान पश्चिम दिशा में न रखें.
शनि देव को प्रसन्न करना है तो हमेशा ही पश्चिन दिशा को साफ रखें और व्यवस्थित रखें.
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)