वास्तु शास्त्र में पौधों को विशेष महत्व दिया गया है. कई पौधे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लाते हैं तो कई इसके उलट नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा देते हैं. हालांकि, जिन पौधों को शुभ माना जाता है उन्हें अगर सही जगह पर लगाया जाए या रखा जाए तो घर की सुख- समृ्द्धि बढ़ सकती है. इन्हीं में से एक है बांस का पौधा जिसे लगाने को लेकर मन में कई सवाल आते हैं, जैसे इसे घर में लगाएं या नहीं, ऐसा करना शुभ होता है या अशुभ. आइए इस बारे में विस्तार से जानें कि घर में बास का पौधा लगाएं या नहीं, इससे जुड़े वास्तु नियम क्या कहते हैं.
मान्यता है कि बांस का पौधा घर में लगाने से सौभाग्य आता है और घर के लोगों की तरक्की होती है. हिंदू धर्म में बांस को वंश वृद्धि से जोड़ा जाता है. शास्त्रों में बांस को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है. घर में बांस का पौधा रखना शुभ होता है लेकिन इसे रखने कुछ वास्तु नियमों का जरूर ध्यान रखना चाहिए. मान्यता है कि घर में बांस का पौधा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
वास्तु के अनुसार, बांस का पौधा रखने या लगाने के लिए सही दिशा पूर्व को माना गया है. नई शुरुआत और परिवार में प्रेम की प्रतीक पूर्व दिशा में बांस का पौधा रखने से घर के लोगों के करियर और व्यापार में तरक्की होती है. हालांकि इस पौधे को उत्तर दिशा में भी रख सकते हैं.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बांस के पौधे को हमेशा घर में ड्राइंग रूम या लिविंग रूम में ही रखें. इससे परिवार के सदस्यों में प्रेम बना रहता है और बड़े से बड़ा गृह क्लेश खत्म होने लगता है.
वास्तु के अनुसार, गलती से भी बांस के पौधे को बाथरूम के पास या टॉयलेट के करीब न रखें. किचन में भी बांस के पौधे को न रखें. गंदी जगह पर इस पौधे को न रखें. घर या ऑफिस में दक्षिण-पश्चिम कोने में भूल से भी बांस का पौधा न रखें. ऐसा अशुभ माना गया है.
घर में बांस का पौधा रखने या लगाने से आर्थिक स्थिति सुधरती है और पैसों की बर्बादी रुकती है. यह पौधा सदस्यों की बंद किस्मत के ताले को खोल सकता है. कारोबार में उन्नति के रास्ते खुलते हैं. जीवन में सफलता मिलने लगती है.
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)