Vastu Tips for Main Entrance: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को लेकर कुछ जरूर नियमों और बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है क्योंकि मुख्य द्वार से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. कुछ घरों में मुख्य द्वार पर देवी-देवताओं की तस्वीर लगाई जाती है. हालांकि, वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर लगाई जाने वाली देवी-देवताओं की तस्वीरों को लेकर कुछ नियमों को कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए. आइए इस लेख में विस्तार से जानें कि घर के मुख्य द्वार पर किन देवी-देवताओं के उग्र और रौद्र रूप की तस्वीरों को नहीं लगाना चाहिए.
भगवान शिव के कई स्वरूपों का वर्णन शास्त्रों में मिलता है. वहीं, वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार पर शिव जी के रौद्र रूप को लगाने से बचना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार नटराज या क्रोधित अवस्था वाली शिव जी की तस्वीर को घर के प्रवेश द्वार पर नहीं लगाना चाहिए. मान्यता है कि इस तरह की तस्वीर घर के मुख्य द्वार पर लगाने से परिवार के सदस्यों में अपनी मनमुटाव और कलह बढ़ने लगती है.
मां काली को शक्ति की देवी माना जाता है और दुष्टों का नाश करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार मां काली के उग्र रूप को घर के मुख्य द्वार पर नहीं लगाना चाहिए. आक्रामक ऊर्जा का प्रतीक मां काली के उग्र रूप की तस्वीर लगाने से घर के वातावरण में भी उग्रता बढ़ती है. विवाद और तनाव बढ़ता है और चिढ़चिढ़ापन बना रहता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव को कर्मफलदाता है और न्याय का देवता है, शनि देव उग्र माने गए हैं. वहीं, जब बात वास्तु शास्त्र की आती है तो शनि देव की फोटो को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि उनकी सीधी दृष्टि जब घर के सदस्यों पर पड़ती है तो घर के लोगों के जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है. जीवन में तनाव और बाधाएं बढ़ती है और सफलता देर से मिलती है.
ध्यान दें कि मुख्य द्वार पर धार्मिक तस्वीर लगाने से पहले देवी-देवताओं के सौम्य स्वरूप और स्थान का ध्यान रखें. वास्तु मान्यताओं के अनुसार शांत व सौम्य स्वरूपों को घर में या घर के मुख्य द्वारा पर लगाने से घर की सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार साफ रखें, जिससे घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहता है.
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)