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हम सभी के घर में एक ब्रह्मस्थान होता है. घर के बीच में स्थित इस खाली जगह या हॉल को आकाश तत्व से जोड़ा जाता है. ये घर के ऊर्जा का मुख्य केंद्र होता है.
कहा जाता है घर के पॉजटिव और नेगेटिव एनर्जी का संतुलन इसी जगह पर निर्भर करता है. अगर इस जगह को अच्छे से रखा जाए तो आपके घर में खुशहाली आएगी.
यही कारण है कि अपने घर को हमेशा साफ-सुथरा और दोषमुक्त रखना चाहिए.
अगर वास्तु की माने तो आपको जहां आपके घर में ब्रह्मस्थान है वहां पर कभी भी भारी पिलर, बीम सीढ़ियां नहीं बनवानी चाहिए.
अगर उस जगह पर किसी भी चीज का निर्माण करवा देते हैं तो आपके घर में पॉजटिव एनर्जी का फ्लो रुक जाएगा.
उसके बाद आपके परिवार पर आर्थिक तंगी और आपके करियर में बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है.
साथ ही वहां कभी भी भारी समान नहीं रखना चाहिए. जिससे ऊर्जा का फ्लो चलता रहे.
घर के ब्रह्मस्थान पर आग या पानी से जुड़ी व्यवस्था करना बहुत बड़ा वास्तु दोष माना जाता है.
इस स्थान पर गैस चूल्हा, इंडक्शन या किचन जैसी अग्नि से जुड़ी चीजें भूलकर भी नहीं रखनी चाहिए.
इससे घर में तनाव बढ़ता है और बेवजह के खर्च होने लगते हैं. इसी तरह जमीन के नीचे पानी की टंकी, बोरिंग या टॉयलेट का सेप्टिक टैंक भी इस जगह पर नहीं बनवाना चाहिए.
इन गलतियों से परिवार की सेहत और घर का माहौल दोनों पर बुरा असर पड़ता है.
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बीच के हिस्से में हमेशा भरपूर रोशनी होनी चाहिए.
इस जगह को कभी भी बंद, घुटन भरा या अंधेरे में नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे खुला और हवादार बनाना चाहिए. आजकल के फ्लैट्स में यह जगह अक्सर लिविंग रूम या हॉल के बीच में पड़ती है.
ऐसे में इस बात का ध्यान रखें कि ब्रह्मस्थान पर कोई भारी सोफा, डाइनिंग टेबल, बड़ी अलमारी या भारी सेंटर टेबल न रखी जाए.
इस जगह को जितना खाली और खुला रखेंगे, घर में उतनी ही बरकत आएगी.
अगर आपका घर या फ्लैट एकदम चौकोर या आयताकार है, तो चारों कोनों को आपस में मिलाकर आसानी से बीच की जगह का पता लगाया जा सकता है.
लेकिन अगर फ्लैट का आकार टेढ़ा मेढ़ा है, तो ब्रह्मस्थान ढूंढना थोड़ा मुश्किल होता है.
ऐसी स्थिति में आप घर के नक्शे पर काल्पनिक सीधी रेखाएं खींचकर उसे एक बड़े वर्ग के रूप में समझ सकते हैं.
इसके अलावा नक्शे को लंबाई और चौड़ाई में 9 9 बराबर हिस्सों में बांटकर कुल 81 छोटे वर्ग बना लें.
इनमें से बीच का जो 3 गुणा 3 वाला हिस्सा होता है, वही घर का मुख्य ब्रह्मस्थान माना जाता है.
वास्तु का कहना है कि आपको अपने घर के बीच वाले भाग को बिल्कुल साफ-सुथरा रखना चाहिए.
अगर आप इस जगह पर कुछ रखना ही चाहते हैं, तो बहुत भारी सामान की बजाय हल्की चीजों का चुनाव करें.
सजावट के लिए इस स्थान पर भारी शोपीस रखने से बचना चाहिए. वैसे तो आप चाहें तो पॉजटिव एनर्जी के फ्लो को बढ़ाने के लिए यहां एक छोटा और सुंदर इनडोर पौधा रख सकते हैं.
लेकिन इस बात का खास ख्याल रखें कि बीच का मुख्य रास्ता और फर्श पूरी तरह खुला हुआ होना चाहिए.
वास्तु शास्त्र में बताए गए इन नियमों का पालन करके हम अपने घर के वास्तु दोषों को काफी हद तक दूर कर सकते हैं.
इस जगह को दिल से माना जाता है, इसलिए यहां साफ-सफाई बनाई रखनी चाहिए.
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(Disclaimer): यह लेख पारंपरिक वास्तु शास्त्र के नियमों और मान्यताओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य पाठकों तक सामान्य जानकारी पहुंचाना है.