किस दिन पहनें कौन-सा रत्न? जान लीजिए सही नियम, वर्जित तारीखें और पहनने का सही तरीका
आज हम इस खबर में जानेंगे कि किस दिन कौन-सा रत्न पहनना चाहिए. साथ ही जानेंगे धारण करने के सही नियम, वर्जित तारीखें, शुद्धीकरण और जरूरी सावधानियों के बारे में, ताकि आपको बिना किसी नुकसान के रत्नों का पूरा शुभ फल मिल सके.
रत्न शास्त्र की मानें तो हर रत्न का अपना एक अलग महत्व होता है. इनका कनेक्शन किसी न किसी ग्रह से होता है.
अगर आप इनको धारण करते हैं, तो आपको ग्रहों की बुरी दशा से राहत मिलेगी. साथ ही आपके कुंडली में कोई कमजोर ग्रह हैं तो उनको मजबूत करने के लिए भी ये रत्न पहने जाते हैं.
वैसे तो हर रत्न का अपना अलग असर होता है. लेकिन कोई भी रत्न धारण करने से पहले किसी ज्ञानी और योग्य पंडित से जरूरी सलाह जरूर लेनी चाहिए.
आज हम इस खबर में आपको ये बताएंगे कि किस दिन कौन सा रत्न पहनना चाहिए और इसके क्या नियम हैं.
किस दिन पहनें कौन सा रत्न?
ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से हर रत्न को पहनने का एक तय दिन तय होता है.
रविवार के दिन - माणिक्य
सोमवार के दिन - मोती
मंगलवार का दिन - लाल मूंगा
बुधवार के दिन - पन्ना
गुरुवार के दिन - पीले पुखराज
शुक्रवार का दिन - सफेद पुखराज
शनिवार के दिन - नीलम, गोमेद और लहसुनिया
इन तारीखों पर भूलकर भी न पहनें रत्न
अगर आप रत्न पहनना चाहते हैं तो आपको तारीखों का भी ध्यान रखना चाहिए. ज्योतिष के नियमों के हिसाब से महीने की 4, 9 और 14 तारीख को कभी भी कोई रत्न नहीं पहनना चाहिए.
इसके अलावा अमावस्या के दिन रत्न नहीं पहनना चाहिए. साथ-साथ उस दिन सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण भी नहीं होना चाहिए.
संक्रांति के दिन भी रत्न धारण करने की मनाही होती है. कहा जाता है कि अगर आप इन बातों का ध्यान नहीं रखेंगे तो रत्नों का असर उल्टा हो सकता है.
शरीर से टच होना चाहिए रत्न
अगर आपने रत्न ले लिया है और उसे अंगूठी या लॉकेट में जड़वा रहे हैं तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि रत्न के दूसरे साइड की जगह खुला होना चाहिए.
ऐसा करने के पीछे भी कारण है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि रत्न आपके शरीर से सीधे टच होता रहे.
इससे रत्न से जुड़ी ग्रह की ऊर्जा आपके शरीर के अंदर आती रहेगी. इसलिए बंद फ्रेम वाली अंगूठी या लॉकेट नहीं बनवाना चाहिए.
पहनने से पहले करें शुद्धीकरण
रत्न को खरीद कर सीधे हाथ में नहीं पहन लेना चाहिए. पहनने से पहले रत्नों को शुद्ध करना जरूरी होता है.
रत्न पहनने से पहले उसकी अच्छे से पूजा-पाठ कर लें. इससे उसकी सारी नेगेटिविटी खत्म हो जाती है और वो तेजी से फायदा पहुंचाने लगता है.
सुबह के समय पहनना होता है शुभ
रत्न को हमेशा सुबह के समय सूर्योदय के दौरान पहनना सबसे अच्छा माना जाता है. आपको रत्न पहनने के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए.
इसके बाद साफ कपड़े पहनकर बैठ जाएं. जिस ग्रह का रत्न है, उससे जूड़े हुए ग्रह के मंत्र का जाप करें. मंत्र जाप करने के बाद ही उस रत्न को पूरी आस्था के साथ पहन लें.
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां और सुझाव सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. किसी भी रत्न को पहनने से पहले ज्योतिषी की सलाह जरूर लें.
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