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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बचेली में NMDC की तरफ से शहर के मुख्य मार्गों पर गेट बनाए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों के विरोध के बीच अब क्षेत्रीय बीजेपी विधायक चैतराम अट्टामी भी मैदान में उतर आए हैं. शिकायत मिलने पर विधायक NMDC बचेली कार्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई.
विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि शहर की जनता और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना कोई भी निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि वे इस इलाके के विधायक हैं, उनकी सहमति के बिना यहां कोई काम आगे नहीं बढ़ेगा.
दरअसल, NMDC की तरफ से बचेली शहर में सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य मार्गों पर गेट निर्माण कराया जा रहा है. लेकिन इस निर्माण को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि गेट बनने से बाजार, स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
वहीं स्थानीय लोगों ने आवाजाही के दौरान आधार कार्ड मांगे जाने को लेकर भी NMDC प्रबंधन पर परेशान करने का आरोप लगाया है.
मामले की जानकारी जब बचेली विधायक को मिली तो मौके पर NMDC पहुंचे. इस दौरान विधायक चैतराम अट्टामी ने NMDC कार्यालय में अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने NMDC प्रबंधन और जिला कलेक्टर से बातचीत कर निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की है.
विधायक चैतराम अट्टामी का कहना कि एनएमडीसी को किसी भी तरह का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नगरपालिका से एनओसी और स्थानीय जनता की सहमति लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा के लिहाज से गेट निर्माण जरूरी है, तो इस पर जनप्रतिनिधियों, नगरपालिका और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर सहमति बनाई जाए.
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विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि यदि गेट निर्माण का उद्देश्य धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों को रोकना है, तो यह उचित नहीं है. लोकतंत्र में आम नागरिकों को अपनी मांगों और अधिकारों के लिए आंदोलन करने का संवैधानिक अधिकार है.
फिलहाल, विधायक चैतराम अट्टामी ने NMDC प्रबंधन को चेतावनी भी दी है, कि स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा. अब देखना होगा कि एनएमडीसी प्रबंधन इस विरोध के बाद क्या निर्णय लेता है और किरंदुल के लोगों की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है.
(रिपोर्टः रिकेश्वर राणा, दंतेवाड़ा)