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दिवाली का मतलब है रोशनी, सजावट, धन-समृद्धि के लिए लक्ष्मी जी की विशेष पूजा और इसके साथ ही गहनों, कपड़ों, सुख-सुविधाओं की चीजों की खरीदारी. धनतेरस और दिवाली पर लोग खूब शॉपिंग करते हैं और बाजारों की रौनक देखते ही बनती है. इसी तरह पुष्य नक्षत्र को भी सोना-चांदी समेत समृद्धिदायक चीजें खरीदने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. इस साल दीपावली से पहले और बाद में 2 बार नवंबर में पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है. ज्योतिष की मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र में खरीदी गईं चीजें लंबे समय तक समृद्धि देती हैं. जानिए कब हैं पुष्य नक्षत्र और पूरे साल लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए इन खास मौकों पर क्या खरीदें.
द्रिक पंचांग के अनुसार नवंबर 2026 का पहला पुष्य नक्षत्र : 1 नवंबर की सुबह 06:33 बजे से 2 नवंबर की सुबह 04:30 बजे तक.
नवंबर 2026 का दूसरा पुष्य नक्षत्र : 28 नवंबर की दोपहर 12:50 बजे से 29 नवंबर की सुबह 10:59 बजे तक.

27 नक्षत्रों के राजा माने गए पुष्य नक्षत्र का सप्ताह के किसी भी दिन पड़ना बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन गुरुवार और रविवार का पुष्य नक्षत्र विशेष शुभ माना गया है.
1 नवंबर 2026, रविवार को पड़ रहा पुष्य नक्षत्र रवि पुष्य योग कहलाएगा. यह खरीदारी के शुभ मुहूर्त के साथ-साथ सूर्य की ऊर्जा और आरोग्य भी लेकर आता है. इस दिन सोना-चांदी, गहनें, गाड़ी खरीदना, नए काम शुरू करना और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करना बेहद शुभ फल देता है. इसके लिए अलावा विशेष औषधियां लाने के लिए भी यह विशेष योग है. इस साल 8 नवंबर को दिवाली है और उससे 1 हफ्ते पहले रवि पुष्य योग बन रहा है.
28 नवंबर को शनिवार है जो कि शनि पुष्य योग कहलाएगा. इस दिन के देवता शनि देव हैं और पुष्य नक्षत्र के स्वामी भी शनि ग्रह हैं. इस दिन किए गए काम स्थिरता और मजबूती देते हैं. इस योग में जमीन, प्रॉपर्टी खरीदना बहुत अच्छा होता है. साथ ही बिजनेस के लिए बड़ी मशीनें खरीदने और लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट के लिए भी शनि पुष्य नक्षत्र अच्छा है. इस दिन भी माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु की पूजा करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के जानकार या पंडित जी से सलाह जरूर लें.)