Karva Chauth 2026: करवा चौथ पर बालत्व दोष! नई दुल्हनों को व्रत रखना है या नहीं? ज्योतिषी से जानें वरना...
Shukra Balatva Dosh Karva Chauth 2026: करवा चौथ पर प्यार और वैवाहिक सुख देने वाले शुक्र ग्रह पर बालत्व दोष लग रहा है. ऐसे में नई दुल्हनों को व्रत रखना चाहिए या नहीं? ज्योतिषी से जानें जवाब और उपाय.
इस बार करवा चौथ पर ग्रहों का खेल रंग में भंग कर सकता है. इस दिन एक ऐसा ग्रह बालत्व दोष के साए में रहेगा, जिसे ज्योतिष में प्रेम, विवाह, भौतिक सुख का कारक माना जाता है. इसके चलते पहली बार करवा चौथ व्रत रखकर सुहाग की लंबी उम्र की कामना करने वाली नवविवाहिताओं के लिए अड़चन पैदा हो सकती है. यह दोष शुक्र ग्रह पर लग रहा है. ऐसे में कुछ लोगों का मानना है कि करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण व्रत की शुरुआत इस दोष के दौरान नहीं करनी चाहिए, वहीं कुछ इस बात को नकार रहे हैं. जानिए ये दोष क्या है, कब लगता है और इस दौरान व्रत रखने को लेकर ज्योतिषीय राय क्या है?
बालल्व दोष क्या है?
जिस तरह व्यक्ति की उम्र के पड़ाव होते हैं - बाल अवस्था, जवानी और बुढ़ापा. वैसे ही हर ग्रह के डिग्री के आधार पर ऐसे पड़ाव आते हैं. जब ग्रह राशि परिवर्तन या चाल में बदलाव या अस्त और उदित होने के दौरान शुरुआती अंशों में होता है तो ये उसकी बाल्यावस्था होती है. यानी कि उसका प्रभाव कम रहता है. वहीं जब उसकी डिग्री 12 से 18 या के बीच होती है तो उनका प्रभाव चरम पर होता है. वहीं इसके बाद उनका बुढ़ापा आने से फिर प्रभाव कम होने लगता है. बाल अवस्था में होने पर उसके प्रभाव में जो कमी आती है, उसे बालत्व दोष या बाल दोष कहा जाता है.
शुक्र ग्रह पर लगा बालत्व दोष
इस बार करवा चौथ पर शुक्र ग्रह पर यही बालत्व दोष लग रहा है. शुक्र ग्रह बीते कुछ दिनों से तुला राशि में अस्त थे. कुछ पंचांगों के अनुसार शुक्र 28 अक्टूबर 2026 को उदय हो रहे हैं तो कुछ के अनुसार 29 अक्टूबर को शुक्र उदय हो रहा है. खैर, शुक्र आज उदित हों या कल करवा चौथ के दिन उन पर बालत्व दोष रहेगा. क्योंकि शुक्र को उदित होने के बाद पूरी तरह अपने प्रभाव में आने करीब 3 से 4 दिन लगते हैं.
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नई दुल्हनों के व्रत पर क्यों आई अड़चन?
ज्योतिष में शुक्र ग्रह को शुभ ग्रह माना गया है, खासतौर पर शादी, वैवाहिक सुख, प्रेम और धन जैसे भौतिक सुखों के लिए इसे बेहद अहम माना गया है. यही वजह है कि शुक्र अस्त के दौरान शादी-ब्याह नहीं किए जाते हैं. वरना ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार वैवाहिक सुख में कमी आने की आशंका बनती है.
चूंकि करवा चौथ का व्रत पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखा जाता है और शुक्र उदित होने के बाद भी बालत्व दोष के कारण पूरे प्रभाव में नहीं रहेंगे. ऐसे में नवविवाहिताओं को इस साल पहला करवा चौथ व्रत रखकर इस व्रत की शुरुआत करनी चाहिए या नहीं? इस पर सवाल उठ रहे हैं.
ज्योतिषाचार्य दिलीप गुप्ता कहते हैं कि मोटे तौर पर देखें तो शुक्र का उदय करवा चौथ व्रत रखने की शुरुआत करने के लिए काफी है. वैदिक पंचांग, द्रिक पंचांग समेत कई पंचांग के अनुसार, शुक्र का उदय 28 अक्टूबर 2026 की सुबह 07:35 बजे हो गया है. आमतौर पर शादियों के मुहूर्त भी शुक्र उदय के अगले दिन से प्रारंभ हो जाते हैं. ऐसे में नवविवाहिताएं अपना पहला करवा चौथ व्रत रख सकती हैं. यदि मन में दुविधा हो तो करवा चौथ के दिन शुक्र ग्रह से जुड़े कुछ उपाय कर लें. जैसे - सुहाग की सामग्री सुहागिनों की दान करें.
वहीं जिन परिवारों में शुक्र अस्त उदय यानी कि तारा डूबने और उगने को लेकर सख्त मान्यताएं हैं, वे चाहें तो इस साल की बजाय अगले साल से करवा चौथ व्रत रखने की शुरुआत कर सकती हैं. बेहतर है कि इस मामले में अपने पारिवारिक पंडितजी या बुजुर्ग महिलाओं से राय ले लें. वहीं जो महिलाएं पहले से करवा चौथ व्रत रख रही हैं, उनके लिए तो कोई समस्या है ही नहीं.
व्रत समस्या नहीं निदान है
ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. विक्रमादित्य कहते हैं कि बालत्व दोष अशुभ नहीं होता है. दूसरी अहम बात यह है कि धर्म-त्योतिष में व्रत, पूजा-आराधना को हर समस्या का निदान माना है, न कि ये परेशानी बढ़ाते हैं. लिहाजा करवा चौथ का व्रत रखना अच्छा है, बल्कि ये कई समस्याएं दूर ही करेगा. इसलिए नवविवाहिताएं बेहिचक होकर व्रत रखें, भगवान की पूजा करें.
बता दें कि 29 अक्टूबर को करवा चौथ व्रत रखा जाएगा. इस दिन करवा माता, भगवान गणेश और गौरी-शंकर की पूजा की जाएगी और चंद्र देव को अर्ध्य दिया जाएगा.
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(Disclaimer: यह जानकारी वैदिक पंचांग और ज्योतिष गणना पर आधारित है. ग्रह के बालत्व दोष और उसका उपाय क्षेत्रीय मान्यताओं के अनुसार भिन्न हो सकता है. कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने परिवार की परंपराओं का ध्यान रखें और स्थानीय पुरोहित से सलाह कर लें.)