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Karwa Chauth 2026: अक्टूबर की आखिरी संकष्टी चतुर्थी बेहद खास, व्रत से मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान, घर-घर होगी पूजा

कार्तिक मास 27 अक्‍टूबर 2026 यानी कि आज से शुरू हो गया है और इस महीने की पहली सबसे महत्‍वपूर्ण तिथि कार्तिक कृष्‍ण चतुर्थी तिथि रहेगी. इसी दिन करवा चौथ व्रत रखा जाएगा और घर-घर में करवा माता व शिव परिवार की पूजा होगी.

Karwa Chauth 2026: अक्टूबर की आखिरी संकष्टी चतुर्थी बेहद खास, व्रत से मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान, घर-घर होगी पूजा
Image Credit: कार्तिक कृष्‍ण चतुर्थी इसलिए अहम है क्‍योंकि इसी दिन करवा चौथ व्रत रखा जाएगा. (Photo-AI)

अक्‍टूबर महीना खत्‍म होने को है, लेकिन इसका समापन बहुत महत्‍वपूर्ण व्रत से हो रहा है. 29 अक्‍टूबर 2026, गुरुवार को कार्तिक मास की पहली चतुर्थी है. कार्तिक महीने के कृष्‍ण पक्ष की चतुर्थी साल की प्रमुख चतुर्थी में से एक मानी गई है. इसमें पहली है भाद्रपद महीने की चतुर्थी, जिसमें गणेश स्‍थापना होती है. इसे भगवान गणेश का जन्‍मदिवस भी माना गया है. वहीं दूसरी है कार्तिक कृष्‍ण चतुर्थी, जिसमें करवा चौथ व्रत रखा जाता है. 29 अक्‍टूबर 2026 को यही गणेश चतुर्थी और इस दिन सुहागिनें पति के लिए व्रत रखेंगी.

सिर्फ गणेश नहीं पूरे शिव परिवार की होगी पूजा

करवा चौथ यानी कि कार्तिक कृष्‍ण चतुर्थी ऐसी तिथि होती है, जिसमें सिर्फ गणेश जी की पूजा नहीं होती है, बल्कि पूरे शिव परिवार की पूजा होती है. करवा चौथ व्रत में भगवान गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय और करवा माता की पूजा का विधान है. इससे व्रती महिला को सभी देवी-देवताओं की कृपा से अखंड सौभाग्‍य और सुखी दांपत्‍य जीवन मिलने की मान्‍यता है.

करवा चौथ पर पूजा मुहूर्त और चांद निकलने का समय

द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्‍ण चतुर्थी तिथि 28 व 29 अक्‍टूबर की रात 01:06 बजे शुरू होगी और 29 अक्‍टूबर की रात 10:09 बजे समाप्‍त होगी. इस तरह 29 अक्‍टूबर को पूरे दिन चतुर्थी तिथि रहेगी और इसी दिन करवा चौथ व्रत रखा जाएगा. 
चतुर्थी पूजन मुहूर्त - सुबह 11:39 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक 
करवा चौथ पूजा मुहूर्त - शाम को 05:38 बजे से 06:45 बजे तक  
चांद निकलने का समय - रात 08:17 बजे 
(स्‍थान के अनुसार तिथि, चांद निकलने के समय में कुछ अंतर हो सकता है)

करवा चौथ पूजा के महत्‍वपूर्ण स्‍टेप्‍स

1. सरगी : सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में सास द्वारा दी गई सरगी खाने के बाद करवा चौथ का निर्जला व्रत शुरू होता है. 
2. 16 श्रृंगार और पूजा : शाम को 16 श्रृंगार करके शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय जी की पूजा करें.  
3. चंद्रदर्शन और अर्घ्य: रात में चांद निकलने पर अर्घ्‍य दें, पूजा करें, फिर पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलें.

(यह भी पढ़ें - पति का करवा चौथ: व्रत नहीं रखा तो क्या प्यार अधूरा? करवा चौथ पर पति करें पत्नी के लिए ये काम) 
(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)

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About the Author

Shraddha Jain

Shraddha Jain

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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