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छोटे बच्चे बहुत कोमल दिल के होते हैं. कई बार उन्हें जल्दी नजर लग जाती है. नजर लगने पर बच्चे बिना बात के रोने लगते हैं.
जिसकी वजह से उनका स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है. कई बार उनकी तबीयत भी बार-बार खराब होने लगती है.
इससे छुटकारा पाने के लिए पुरानी परंपराओं में बच्चों की नजर उतारने के बहुत आसान तरीके बताए गए हैं.
आज हम इस खबर में नजर उतारने के कई तरीकों के बारे में डिटेल से बताएंगे.
आपने बचपन में देखा होगा कि बड़े बुजुर्ग लोग नमक से नजर उतारते हैं. नमक से नजर उतारना बहुत पुराना तरीका है.
ऐसे नजर उतारना है तो आपको सबसे पहले थोड़ा-सा सादा नमक लेना होगा. अब इसे बच्चे के सिर के ऊपर से घड़ी की दिशा में 6 बार घुमाएं.
इसके बाद एक बार उल्टी दिशा में घुमाएं. फिर इस नमक को नल के बहते पानी में बहा दें. इससे बच्चे की नजर बहुत जल्दी उतर जाती है.
हिंदू धर्म में कलावा का बहुत महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि हाथ में कलावा बांधने से बुरी नजर से बचाव होता है.
आप हनुमान जी के चरणों से स्पर्श कराया हुआ कलावा बच्चे की कलाई पर बांध सकते हैं.
इसके अलावा मंत्रों का जाप करते हुए भी कलावा बांधा जा सकता है. ये उपाय बच्चों को सुरक्षित रखने में मदद करता है.
पानी की मदद से भी आप अपने बच्चों की नजर उतार सकते हैं. इसके लिए एक लोटे में साफ पानी भर लें.
अब इस लोटे को बच्चे के ऊपर से 6 बार सीधी दिशा में घुमाएं. इसके बाद एक बार उल्टी दिशा में घुमाएं.
इस पानी को ले जाकर किसी तिराहे पर फेंक दें. ऐसा करने से बच्चे को बहुत जल्द राहत मिल जाती है.
बच्चों की नजर उतारने के लिए सूखी लाल मिर्च का इस्तेमाल भी किया जाता है. इसके लिए थोड़ी सी सूखी लाल मिर्च लें.
अब इसे बच्चे के सिर से लेकर पैर तक कम से कम 7 बार घुमाएं. इसके बाद इन लाल मिर्च को आग में डालकर जला दें. माना जाता है कि ऐसा करने से नजर का दोष तुरंत दूर हो जाता है.
नजर दोष दूर करने के लिए नींबू और मिर्च का उपाय बहुत असरदार माना जाता है. एक नींबू और एक हरी मिर्च को लें.
इसे बच्चे के सिर से पैर तक 7 या 21 बार घुमा लें. इसके बाद इसे उठाकर घर के बाहर किसी चौराहे पर फेंक दें. यह बहुत पुरानी और जानी-मानी विधि है.
एक छोटी कटोरी में कपूर का टुकड़ा जलाएं. अब इस जलते हुए कपूर को बच्चे के ऊपर से 11 बार वार लें.
इसके बाद इस कपूर की कटोरी को घर के बाहर या बालकनी में रखकर पूरी तरह जलने दें.
ध्यान रखें कि कपूर जलाते समय बच्चे को आग और धुएं से सुरक्षित दूरी पर रखें.
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और लोक-व्यवहार पर आधारित है. यदि बच्चा ज्यादा अस्वस्थ है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें.