क्या आप भी शनिवार की रात लगाते हैं सिर में तेल? जानिए क्यों होता है अशुभ
शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है. शास्त्रों और पद्म पुराण के अनुसार शनिवार के दिन सिर में तेल लगाना कुछ खास लोगों के लिए अशुभ माना जाता है.
अक्सर लोग शनिवार की रात सिर में सरसों या नारियल का तेल लगाकर सो जाते हैं, ताकि रविवार की सुबह आराम से सिर धो सकें. अगर आप भी सालों से ऐसा करते आ रहे हैं, तो रुक जाइए. शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित होता है.
इस दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए तेल चढ़ाया और दान किया जाता है. लेकिन कुछ खास लोगों के लिए शनिवार को खुद के सिर में तेल लगाना बिल्कुल मना होता है. ऐसा करने से फायदे की जगह बड़ा नुकसान हो सकता है.
पद्म पुराण में दर्ज हैं शनि पूजा के खास नियम
शनिवार को शनिदेव की कृपा पाने के लिए लोग कई तरह की पूजा-पाठ और उपाय करते हैं. हिंदू धर्मग्रंथ पद्म पुराण के उत्तरखंड में शनिदेव की आराधना से जुड़े कुछ कड़े नियम बताए गए हैं.
इस पुराण के अध्याय 33 और 34 में साफ लिखा है कि शनिदेव की नियमित उपासना करने वाले भक्तों को शनिवार के दिन अपने सिर में तेल नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने से पूजा का पूरा फल नहीं मिलता और घर में अनावश्यक परेशानियां जन्म लेने लगती हैं.
साढ़ेसाती से परेशान लोग गलती से भी न लगाएं तेल
अगर आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैया का प्रभाव चल रहा है, तो शनिवार के दिन सिर में तेल भूलकर भी न लगाएं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति पहले से ही शनिदेव के न्याय और प्रभाव के अधीन रहता है.
इस नाजुक समय में शनिवार के दिन सिर पर तेल लगाने से मानसिक तनाव बढ़ता है. साथ ही आपके बनते हुए काम अचानक अटक सकते हैं और पैसों का बड़ा नुकसान भी हो सकता है.
सप्तमी तिथि को जन्मे लोगों को बरतनी होगी सावधानी
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की सप्तमी तिथि को हुआ है और उन पर शनि की महादशा या ढैया चल रही है, उन्हें शनिवार को तेल लगाने से बचना चाहिए. शास्त्र के अनुसार सप्तमी तिथि का स्वामी सूर्य देव को माना जाता है.
सूर्य और शनिदेव के बीच पिता-पुत्र का संबंध होने के बाद भी आपस में गहरा बैर माना गया है. ऐसे में सप्तमी तिथि को जन्मे लोग जब शनिवार को तेल लगाते हैं, तो उन्हें जीवन में कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ता है.
तेल का दान करने वाले लोग खुद न करें इस्तेमाल
शनिवार के दिन बहुत से लोग शनि दोष को शांत करने के लिए सरसों का तेल, काले तिल, उड़द और लोहे की चीजें दान करते हैं. शास्त्रों का नियम है कि जिस शनिवार आप शनिदेव के नाम पर तेल का दान कर रहे हैं, उस दिन उस तेल को अपने उपयोग में न लाएं.
दान की हुई चीज का स्वयं के लिए प्रयोग करना बेहद अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से दान का प्रभाव खत्म हो जाता है और जीवन में कंगाली आने का खतरा रहता है.
इन आसान बातों का ध्यान रखकर शनि दोष से बचें
अगर आप शनिवार को तेल लगाने की गलती से बचना चाहते हैं, तो हफ्ते के किसी दूसरे दिन सिर की मालिश करें. शनिवार को केवल शनिदेव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं या पीपल के पेड़ के पास तेल अर्पित करें.
ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं. धार्मिक नियमों का छोटे-छोटे रूप में पालन करने से घर में खुशहाली आती है और शनिदेव का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है.
(Disclaimer): इस आलेख में दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्रों, पद्म पुराण और प्रचलित ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल पाठकों को सामान्य और सांस्कृतिक जानकारी प्रदान करना है.
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