SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

दिवाली से पहले शुरू होते हैं 5 दिन के 'यम पंचक', हर दिन का है विशेष महत्‍व, जानें क्‍या करें?

दिवाली के पहले भी पंचक लगते हैं, लेकिन ये हर महीने लगने वाले सामान्‍य पंचक नहीं, बल्कि यम पंचक होते हैं. ये पांचों दिन बेहद खास होते हैं और इन दिनों में कुछ विशेष काम करने की मान्‍यता है.

Written By Shraddha Jain
Published: Nov 02, 2026, 07:31 AM IST | Updated: Nov 02, 2026, 07:36 AM IST
Image Credit: यम पंचक के 5 दिन में क्‍या-क्‍या करें? (Photo: AI)
Join

हर साल दिवाली से पहले यम पंचक शुरू होते हैं और दिवाली के बाद समाप्‍त होते हैं. यम पंचक की गणना सामान्‍य पंचक की तरह चंद्रमा किस नक्षत्र में है, उससे नहीं होती है. बल्कि इनकी गणना दिवाली पर्व से ही होती है. इसके अलावा इन पंचकों में शुभ कार्य वर्जित नहीं होते हैं. जो कि सामान्‍य पंचकों में होते हैं. बल्कि इस समय में तो खूब उत्‍सव मनाया जाता है. इसलिए 'यम' और 'पंचक' दोनों के नाम से डरने की जरूरत नहीं है. हालांकि यम पंचक में यमदेव या यमराज की पूजा जरूर होती है, इससे अकाल मृत्‍यु का संकट टलता है. जानिए इस साल यम पंचक कब से शुरू हो रहे हैं और कब समाप्‍त होंगे?

यम पंचक 2026

यम पंचक धनतेरस से शुरू होते हैं और भाई दूज के दिन समाप्‍त होते हैं. यानी कि दीपावली के 5 दिन के महापर्व के दौरान ही ये यम पंचक चलते हैं. यम पंचक कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि (धनतेरस) से शुरू होते हैं और कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि (भाई दूज) पर समाप्‍त होते हैं. इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को है और भाई दूज 11 नवंबर 2026 को है. लिहाजा यम पंचक 6 नवंबर से शुरू होकर 11 नवंबर तक रहेंगे.

यम पंचक में किस दिन क्‍या करें?

1. यम पंचक के पहले दिन : यम पंचक के पहले दिन यानी कि धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करें. साथ ही यमराज के लिए यम दीप जरूर जलाएं.

2. यम पंचक के दूसरे दिन : यम पंचक के दूसरे दिन नरक चतुर्दशी की सुबह सूर्योदय से पहले स्‍नान करें और शाम को यमराज के नाम का दीपक जलाएं. दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं, दक्षिण दिशा यम की दिशा होती है. धार्मिक मान्‍यता है कि इससे व्‍यक्ति नरक नहीं जाता है. साथ ही अकाल मृत्‍यु का खतरा टलता है.

3. यम पंचक के तीसरे दिन: यम पंचक के तीसरे दिन यानी कि दिवाली पर धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें और दिवाली महापर्व मनाएं.

4. यम पंचक के चौथे दिन : इस दिन गोवर्धन पूजा पर्व मनाया जाता है और भगवान कृष्‍ण की विशेष पूजा करके 56 भोग लगाए जाते हैं.

5. यम पंचक के पांचवे दिन: यम पंचक का आखिरी दिन बहुत महत्‍वपूर्ण होता है, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे. इस दिन भाई, अपनी बहन के घर जाएं उससे तिलक करवाएं, उसे भेंट दें, उसके घर भोजन करें. इससे अकाल मृत्‍यु का खतरा दूर होता है.

(Disclaimer:  जानकारी पंचांग, धार्मिक मान्यताओं और जनश्रुतियों पर आधारित है. Zee News Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता. कोई भी निर्णय लेने या उपाय को करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें.) 
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES