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आप सभी ने बचपन से ही देखा होगा कि आपके घर पर बड़े-बुजुर्ग भगवान के साथ-साथ पेड़ों की भी पूजा करते हैं. दरअसल, ये हिंदू धर्म की बहुत पुरानी परंपरा है.
हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि हर ग्रह और देवी-देवता का संबंध किसी न किसी खास पेड़ से होता है.
आपने अक्सर लोगों को गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करते हुए देखा होगा. इसका भी अपना एक अलग ही धार्मिक महत्व है.
धार्मिक मान्यताओं की मानें तो केले के पौधे में स्वयं भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का वास माना जाता है.
अगर आप गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की सही विधि से पूजा करते हैं, तो जीवन के कई बड़े संकट दूर हो जाते हैं.
जैसा कि हम जानते हैं ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह का अपना खास रंग और ऊर्जा होती है. जो हमारे जीवन को प्रभावित करती है.
अब सवाल ये आता है कि केला किससे कनेक्टेड है, तो केले को नवग्रहों में सबसे शुभ माने जाने वाले गुरु बृहस्पति से जोड़ा जाता है.
आपने देखा होगा कि हिंदू धर्म में जब भी शुभ काम होता है तो मंडप केले के पत्ते से बनाए जाते हैं. इतना ही नहीं पूजा-पाठ में भगवान का भोग लगाने और आरती का आसन तैयार करने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.
अगर किसी के भी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर स्थिति में है, तो आपको गरुवार के दिन केले के पौधे में जल देना और हल्दी चढ़ाना शुरू कर देना चाहिए.
कहा जाता है कि अगर आपने अपने घर के आंगन में केले का पौधा लगाया है और उसकी देखभाल करते हैं, तो ये आपके लिए सबसे बेस्ट होगा.
वास्तु शास्त्र और ज्योतिष की मानें तो जिस घर में केले का पौधा लगा होता है और उसका अच्छा ख्याल रखा जाता है तो, वहां देवगुरु बृहस्पति अपनी कृपा हमेशा बनाए रखते हैं.
अगर आप शादी-शुदा हैं और आपके जीवन में अनबन चल रही है या शादी में रुकावटें आ रही हैं, तो घर में केले का पौधा लगाना अच्छा उपाय है.
लगातार जल चढ़ाने से परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और घर की नेगेटिव एनर्जी हमेशा के लिए दूर भाग जाती है.
पौराणिक ग्रंथों में केले का प्राचीन नाम कदली बताया गया है. इसे साक्षात श्री हरि विष्णु का ही एक रूप माना जाता है.
लेकिन गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति दोनों को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन केले के पेड़ की पूजा करने का महत्व दोगुना हो जाता है.
शास्त्रों की मानें तो गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करना सीधे भगवान विष्णु की उपासना करने के बराबर ही फल देता है.
इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से कदली वृक्ष के सामने घी का दीपक जलाता है, उसके जीवन से पैसों की कमी खत्म हो जाती है.
अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति कमजोर है, तो आपको गुरुवार के दिन केले के पौधे से जुड़े कुछ नियम जरूर अपनाने चाहिए.
इस दिन सुबह नहाने के बाद साफ पीले कपड़े पहनकर केले के पौधे में जल देने जाना चाहिए. पानी में थोड़ा गुड़, चने की दाल, चुटकी भर हल्दी मिलाना बहुत शुभ होता है.
इसके बाद पौधे के पास बैठकर गुरु बृहस्पति की व्रत कथा पढ़नी या सुननी चाहिए. ऐसा करने से कुंडली का बृहस्पति बहुत मजबूत होता है, जिससे इंसान को बुद्धि, धन और समाज में इज्जत मिलता है.
शास्त्रों में कुछ छोटे और सरल उपाय भी बताए गए हैं. जो आपके जीवन में बड़ा बदलाव कर सकते हैं. गुरुवार के दिन केले के पेड़ की सेवा करने से घर में खुशहाली और तरक्की का माहौल बनता है.
ध्यान रखें कि जिस दिन आप केले के पेड़ की पूजा करें, उस दिन केले का सेवन भूलकर भी न करें.
अगर आप नियमित रूप से गुरुवार के दिन केले की चौखट पर दीया जलाते हैं और भगवान विष्णु का ध्यान करते हैं, तो आपकी तिजोरी कभी खाली नहीं रहेगी और परिवार में हमेशा सुख-शांति का वास रहेगा.
(Disclaimer): यह लेख हिंदू धर्मशास्त्रों, ज्योतिष शास्त्र के नियमों और प्रचलित धार्मिक मान्यताओं में उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है.