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हिंदू धर्म में एक-एक जीव, जंतु और मानव जाति का सम्मान किया जाता है. चाहे वृक्षों की पूजा करने की बात हो या जानवरों की सेवा करनी हो या फिर हर एक जीव में ईश्वर के वास होने की मान्यता हो, इस सोच के साथ हम हर जीव-जंतुओं को सम्मान देते हैं. इसी तरह चींटियों के सम्मान के बारे में भी अक्सर बात होती है. चींटियों के वास्तु और ज्योतिष से जुड़ी कई मान्यताएं हैं जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है. जैसे अगर घर में काली चींटियां दिख जाएं तो इसका क्या मतलब है, काली चींटियों से जुड़े वास्तु उपाय क्या हैं, इनका किन ग्रहों से संबंध है और किस दिशा से निकलीं चींटियां क्या संकेत देती हैं. घर में या पूजा घर में अचानक ही काली चींटियां निकलने का क्या मतलब है, आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
अगर घर में अचानक ही बहुत सी काली चींटियों का दिखना शुभ होता है या अशुभ, यह इस बात पर निर्भर करता है कि चींटियां घर की किस दिशा से निकल रही हैं. हालांकि घर में जब झुंड के झुंड चींटियां दिखें तो इसका मतलब है कि जीवन में जल्दी ही बड़े परिवर्तन होने वाले हैं जोकि सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह के हो सकते हैं. ऐसे समय में अगर पूजा-पाठ करें और भगवान का ध्यान करें तो यह शुभ फलदायी हो सकता है.
अचानक काली चींटियां दिखने लगे तो इसे शुभ माना जाता है. चींटियां घर से भीतर की ओर आ रही हों तो धन-धान्य और समृद्धि के बढ़ने के संकेत मिलते हैं. ये चींटियां भगवान विष्णु का प्रतीक भी मानी गई हैं अगर ये घर के मंदिर से झुंड के झुंड दिखती हों. घर के मंदिर से चींटियों का निकलना घर में सौभाग्य आने का संकेत है.
काली चींटियों का सीधा संबंध शनि ग्रह और छाया ग्रह राहु से है. ऐसे में जब काली चींटियों को भुना हुआ आटा व चीनी का भोग कराया जाता है तो शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या के अशुभ प्रभाव से राहत मिलती है. काली चींटियों को आटा-गुड़ का भोग कराने से भी शनि दोष दूर होता है. काली चींटियों को जब सूखे मेवे का चूरा या मीठा आटा डालते हैं तो इससे छाया ग्रह राहु-केतु के बुरे प्रभावों से छुटकारा मिलता है.
काली चींटियों को अगर चीनी का भोग डालें तो वैवाहिक जीवन की परेशानियों और कलह का नाश होगा.
अगर काली चींटियों को आटे की गोलियां डालें तो दुर्भाग्य का समय खत्म होगा और भाग्य का साथ प्राप्त होगा.
काली चींटियों को चावल का दाना या आटा चीनी डालें तो सौभाग्य प्राप्त होता है. चींटियों को नारियल का बुरादा डालें तो घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
उत्तर दिशा से काली चींटियां आएं तो जल्द ही घर में धन के आगमन का संकेत मिल रहा है क्योंकि उत्तर दिशा कुबेर की दिशा है.
पूर्व दिशा से आयीं काली चींटियां बताती हैं कि घर के लोगों का मान-सम्मान बढ़ेगा. क्योंकि पूर्व दिशा सूर्य से संबंधित है.
पश्चिम दिशा से आने वाली चींटियां संकेत देती हैं कि घर का कोई सदस्य दूर की या विदेश की यात्रा कर सकता है.
दक्षिण दिशा से आने वाली चींटियां संकेत देती हैं कि घर के लोगों का स्वास्थ्य या उनके बीच के रिश्ते खराब हो सकते हैं क्योंकि यह दिशा यम की है. हनुमान चालीसा का पाठ करने से आने वाली परेशानियां दूर हो सकती हैं.
(डिस्क्लेमर- यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)