तुला संक्रांति पर इतने मिनट का होगा पुण्य-महा पुण्य काल, स्नान-दान के लिए जान लें शुभ मुहूर्त और उपाय
Tula Sankranti 2026: सूर्य देव जब तुला राशि में प्रवेश करेंगे तो इसे तुला संक्रांति कहा जाएगा. तुला संक्रांति 17 अक्टूबर शनिवार को हो रहा है. इस दिन को स्नान-दान के लिए अति शुभ माना जाता है. आइए इस बारे में और जानें.
Tula Sankranti 2026: सूर्य की तुला संक्रांति 17 अक्टूबर शनिवार को है. ग्रहों के राजा सूर्य देव जब तुला राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे तुला संक्रांति कहा जाता है. तुला संक्रांति पर पुण्य काल और महा पुण्य काल का बड़ा महत्व है. इसी समय में स्नान और दान करने के बारे में बताया गया है. आइए तुला संक्रांति पर पुण्य-महा पुण्य काल और स्नान-दान के बारे में जानें.
तुला संक्रांति 2026 कब होगा
पंचांग के अनुसार, सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में 17 अक्टूबर शनिवार को प्रवेश करेंगे. यह राशि परिवर्तन शाम के समय 07 बजकर 57 बजे होगा. यह समय तुला संक्रांति का क्षण होगा. सूर्य का इस राशि गोचर 16 नवंबर तक होगा.
तुला संक्रांति 2026 पुण्य काल और महा पुण्य काल
तुला संक्रांति का पुण्य काल दोपहर के समय 12 बजकर 06 मिनट से शुरू होकर शाम को 05 बजकर 50 मिनट तक होगा. यह समयावधि कुल 05 घंटे 43 मिनट का है. तुला संक्रांति का महा पुण्य काल की शुरुआत दोपहर के 03 बजकर 55 बजे से होगी और शाम को 05 बजकर 50 बजे तक यह काल बना रहेगा. यह समय 01 घंटा 54 मिनट तक बना रहेगा. पूण्य और महा पुण्य काल में स्नान-दान आदि करने का महत्व कहीं अधिक बढ़ जाता है. संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान करने से पाप मिटते हैं. पास में नदी न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं.
तुला संक्रांति पर सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय
तुला संक्रांति पर सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य जरूर दें.
सूर्य देव के प्रभावशाली मंत्रों का जाप करें.
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी लाभकारी होगा.
सूर्य चालीसा का पाठ करें, कुंडली में सूर्य तेज होगा.
तुला संक्रांति पर कुछ विशेष वस्तुओं का दान करें.
तुला संक्रांति पर दान की लिस्ट
सूर्य का प्रभाव बढ़ने से करियर में तरक्की होती है और पिता के साथ संबंध बेहतर होंगे. अगर सूर्य की स्थिति को मजबूत करने के लिए अगर कुछ चीजों का दान करेंगे तो तुरंत शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं.
तुला संक्रांति पर गेहूं, लाल वस्त्र, फल, बर्तन, बिस्तर दान करें.
तुला संक्रांति पर केसर, तांबा या तांबे के बर्तन, क्षमता अनुसार सोना दान करें.
तुला संक्रांति पर घी आदि का दान भी कर सकते हैं. सूर्य दोष दूर होगा.
(डिस्क्लेमर- यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)