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Navratri 9th Day: नवरात्र की नवमी आज, मां सिद्धिदात्री की पूजा में पढ़ें यह मंत्र, आरती, कथा और चालीसा

आज नवरात्र का नौवा दिन है, नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करने का विधान है. माता सिद्धिदात्री की पूजा में यह आरती करें, मंत्र और स्‍तुति पढ़ें. साथ ही मां सिद्धिदात्री की कथा और चालीसा पढ़ें. इससे पूजा का पूरा फल मिलने की मान्‍यता है.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 19, 2026, 07:34 AM IST | Updated: Oct 19, 2026, 07:37 AM IST
Image Credit: मां सिद्धिदात्री की आराधना करने से ही भगवान शिव को सारी सिद्धियां प्राप्‍त हुईं थीं. (Photo:AI)
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शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि को मोरपंखी हरे रंग के कपड़े पहनकर मां सिद्धिदात्री की पूजा करें. जो आठों सिद्धियां देने वाली देवी हैं. 19 अक्‍टूबर 2026, सोमवार को महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करें, कन्‍याओं का पूजन करें. साथ ही पूजा में माता सिद्धिदात्री की आरती, कथा, चालीसा पढ़ें. माता सिद्धिदात्री के मंत्रों का जाप करें. 4 भुजाओं वाली मां सिद्धिदात्री का वाहन सिंह है लेकिन वे कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं. इसलिए उन्‍हें कमलारानी भी कहते हैं. देवीपुराण के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था और 'अर्द्धनारीश्वर' कहलाए.

मां सिद्धिदात्री का मंत्र: ''ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥''

मां सिद्धिदात्री की स्तुति: सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात्‌ सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

मां सिद्धिदात्री की आरती

जय सिद्धिदात्री तू सिद्धि की दाता

तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता,

तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि

तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि

कठिन काम सिद्ध कराती हो तुम

हाथ सेवक के सर धरती हो तुम,

तेरी पूजा में न कोई विधि है

तू जगदंबे दाती तू सर्वसिद्धि है

रविवार को तेरा सुमरिन करे जो

तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो,

तू सब काज उसके कराती हो पूरे

कभी काम उस के रहे न अधूरे

तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया

रखे जिसके सर पैर मैया अपनी छाया,

सर्व सिद्धि दाती वो है भाग्यशाली

जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली

हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा

महानंदा मंदिर में है वास तेरा,

मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता

वंदना है सवाली तू जिसकी दाता..।

मां सिद्धिदात्री चालीसा

॥ दोहा ॥

नवरात्रि में नवमी दिन, जो सिद्धिदात्री की साध।
उनका कार्य सिद्ध हो, मिट जाए सब बाध।।

॥ चौपाई ॥

जय सिद्धिदात्री जगदंबा, सिद्धि का दान देने वाली।

जो भी करे विनती तेरी, उसकी हर मनोकामना पूरी वाली॥

शक्ति स्वरूपिणी मां अम्बे, जो भी सुमिरे तुझको।

कष्ट हरती, दीनों पर कृपा करती, तेरी महिमा असीम है मां॥

चारों दिशाओं में तेरी महिमा, तुझसे बढ़कर कोई नहीं।

त्रिदेव भी तेरे आगे नतमस्तक, तेरा वरदान सभी मांगे॥

जो सच्चे मन से भजे तुझको, उसके संकट दूर हो जाए।

धन-धान्य की हो प्राप्ति, जीवन में मंगल हो जाए॥

सिद्धिदात्री मां जगदंबे, तेरे चरणों में शीश नवाए।

तू ही शक्ति, तू ही ममता, जग में तेरा ही गुण गाए॥

सिद्धियों की दात्री मां तू, तुझसे बड़ा कोई नहीं।

तेरी महिमा अपरंपार है, तेरा ही गुणगान सभी करते॥

जो भी करे ध्यान तेरा, वह भवसागर से तर जाए।

तेरा स्मरण करते ही मां, सब दुःख दर्द दूर हो जाए॥

भक्तों की रक्षा करने वाली, तू है जगत की पालनहार।

तेरी महिमा गाते गाते, हम भी हो जाएं तुझ पर निसार॥

नवदुर्गा में तेरा स्थान, तुझसे ही है सबका उद्धार।

सिद्धिदात्री मां तू है जग की, तेरा ही भजते बारम्बार॥

मां सिद्धिदात्री की महिमा, कोई कह न पाए।

जो भी हो तेरे ध्यान में लीन, वह सब संकट से छूट जाए॥

सर्व सिद्धियों की दात्री मां, तेरे चरणों में शीश नवाए।

जो तेरा स्मरण करते, वे भवसागर से पार हो जाए॥

॥ दोहा ॥

मां सिद्धिदात्री का जो भी ध्यान करे सुमिरन।
उसके सब कष्ट कट जाएं, हो उसका मंगल सदा॥

मां सिद्धिदात्री व्रत की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार पूरे ब्रह्मांड में अंधकार छा गया. तब उस अंधकार में एक छोटी सी किरण प्रकट हुई, जो कि धीरे-धीरे बड़ी होती गई और उसने एक दिव्य देवी का रूप धारण कर लिया, जो मां सिद्धिदात्री कहलाईं. उन्‍होंने त्रिदेव अर्थात ब्रह्मा, विष्णु, और महेश को जन्म दिया. फिर इन्हीं देवी मां की शिव जी ने आराधना की और देवी ने उन्हें सारी सिद्धियां प्रदान की. इसी कारण मां दुर्गा का नौवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री कहलाया.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और परंपराओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी प्रदान करना है. पूजा-विधि, मंत्र और रीति-रिवाजों में क्षेत्र एवं परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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