लव मैरिज होगी या अरेंज, कितनी बार टूटेगी रिलेशनशिप? हथेली की इन रेखाओं से चल जाएगा पता
हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की कुछ रेखाओं और चिह्नों को विवाह और प्रेम संबंधों से जुड़ा हुआ माना गया है. इन रेखाओं की स्थिति से व्यक्ति के प्रेम और वैवाहिक जीवन के बारे में जान सकते हैं.
हाथ की लकीरें बहुत कुछ कहती हैं. हस्तरेखा शास्त्र में जिंदगी के लगभग हर क्षेत्र के बारे में जानने के लिए रेखाएं, चिह्न आदि के बारे में विस्तार से बताया गया है. आज हम हस्तरेखा विशेषज्ञ इंदुबाला शर्मा से लव-रिलेशनशिप और शादी की रेखा के बारे में जानेंगे, जिनके बारे में जानने की उत्सुकता अधिकांश लोगों की होती है. जैसे- लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज, कितने रिलेशनशिप हैं, मैरिड लाइफ कैसी रहेगी आदि.
विवाह रेखा कहां होती है?
हथेली की सबसे छोटी उंगली के नीचे हथेली के बाहर से आती हुई छोटी आड़ी रेखाएं विवाह रेखाएं होती हैं. ये एक या इससे ज्यादा हो सकती हैं. प्रमुख तौर पर इन रेखाओं की संख्या, लंबाई, गहराई आदि के आधार पर ही लव रिलेशनशिप, शादी के बारे में जाना जा सकता है.
शादी-प्यार से जुड़े सवाल और हस्तरेखा में उनके जवाब
लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज : यदि विवाह रेखा बुध पर्वत (सबसे छोटी उंगली के नीचे का उभार) की ओर झुक जाए और हृदय रेखा (हथेली में छोटी उंगली से शुरू होकर आड़ी जाने वाली लंबी रेखा, जो इंडेक्स फिंगर या तर्जनी उंगली तक जाती ) तो ऐसे व्यक्ति की लव मैरिज होने या पसंदीदा पार्टनर मिलने के चांसेज बहुत ज्यादा होते हैं.
वहीं विवाह रेखा यदि सीधी होकर आगे बढ़ जाए तो ऐसे व्यक्ति की अरेंज मैरिज होने की संभावना ज्यादा रहती है. हालांकि शुक्र पर्वत (अंगूठे के नीचे का उभार) यदि अच्छी तरह विकसित हो तो ऐसा व्यक्ति जीवन में खूब प्रेम पाता है. फिर चाहे लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज.
शादी जल्दी होगी या लेट : यदि विवाह रेखा छोटी हो तो शादी में देर होने की आशंका रहती है, वहीं विवाह रेखा छोटी उंगली के नीचे जितनी आगे की ओर निकली हुई हो, शादी उतनी जल्दी होती है.
एक शादी: सीधी, स्पष्ट और सुंदर एक रेखा एक विवाह को इंगित करती है.
दो शादी: यदि दो विवाह रेखाएं लंबाई, गहराई और मोटाई में समान एवं समांतर हों, तो ऐसे लोगों के जीवन में 2 विवाह के योग बनते हैं.
अफेयर लाइन: यदि छोटी उंगली के नीचे एक से ज्यादा छोटी आड़ी रेखाएं हैं, जो कि लंबाई, गहराई और मोटाई में समान और समांतर न हों, तो उन्हें अफेयर लाइन माना जाता है. यदि ये ज्यादा हैं तो व्यक्ति बार-बार रिलेशनशिप में आता है और ब्रेकअप होता है.
वैवाहिक जीवन में समस्या : यदि विवाह रेखा टूटी हुई हो तो शादी में शारीरिक एवं मानसिक मनमुटाव तथा मतभेद बने रहते हैं. ऐसे लोगों की अपने पार्टनर से पटती नहीं है और कई बार ऐसे लोग एक घर में रहकर भी एकाकी जीवन बिताते हैं.
शादी में अलगाव : झुकी हुई विवाह रेखा शादी के बाद आने वाली परेशानियों और संबंधों में कड़वाहट का संकेत देती है. यदि रेखा ज्यादा झुकी हुई हो तो ऐसे लोगों का शादी के बाद सेप्रेशन होने की आशंका रहती है.
शादी में शक, असंतुष्टि : विवाह रेखा से निकलने वाली अधोमुखी रेखाएं (विवाह रेखा के पास छोटी-छोटी रेखाएं जो नीचे की ओर झुकी हों) असफल शादी, पति-पत्नी का एक-दूसरे से असंतुष्ट होना, शक करने का इशारा करती हैं.
रिश्ते में जुदाई : यदि विवाह रेखा दो भागों में बंट जाए तो ऐसे लोगों को शादी या रिश्ते में जुदाई झेलनी पड़ जाती है.
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर : यदि विवाह रेखा तीन या तीन से अधिक शाखाओं में बंट जाए तो ऐसे लोग लव ट्रायंगल या एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में इन्वॉल्व हो जाते हैं. ये अपने पार्टनर से बेवफाई कर सकते हैं, कामातुर हो सकते हैं.
फिर लिव-इन-रिलेशनशिप?
कई लोगों का ये सवाल हो सकता है कि शादी और प्यार की बात तो हो गई लेकिन लिव-इन-रिलेशनशिप का स्टेटस हस्तरेखा में कैसे पता किया जाए. तो इसका जवाब है कि चूंकि आजकल लोग बिना शादी के भी शादी जैसे रिश्ते में रहते हैं तो इसका पता हथेली की अन्य रेखाओं, चिह्नों, पर्वत का अध्ययन करके लगाया जाता है.
हालांकि केवल विवाह रेखा से ही रिलेशनशिप के बारे में पूरा नहीं जाना जा सकता है. प्रेम-रोमांस के कारक शुक्र पर्वत, वैवाहिक सुख और भाग्य के कारक गुरु पर्वत की स्थिति का भी प्यार और शादी में अहम रोल होता है.
(Disclaimer-हस्तरेखा शास्त्र एक पारंपरिक मान्यता है. हथेली की रेखाओं के आधार पर विवाह या रिश्तों के भविष्य की निश्चित भविष्यवाणी का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे केवल धार्मिक/ज्योतिषीय मान्यता के तौर पर लें.)