SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

करवा चौथ पर भद्रा काल कब से कब तक? पूजा मुहूर्त, चांद टाइम, अर्घ्‍य मंत्र से लेकर हर सवाल का जानें जवाब

करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026, यानी कि आज है. करवा चौथ पर भद्रा काल कब से कब तक रहेगा? पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? आपके शहर में चांद कितने बजे निकलेगा? अर्घ्य देते वक्त कौन सा मंत्र बोलें? करवा चौथ से जुड़े हर सवाल का डिटेल में जवाब यहां पढ़ें.

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 29, 2026, 04:30 AM IST | Updated: Oct 29, 2026, 04:35 AM IST
Image Credit: करवा चौथ व्रत से जुड़ी सारी डिटेल्‍स. (Photo:AI)
Join

सुहागिनों का इंतजार खत्‍म हुआ और आज करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा. हालांकि यह व्रत शायद हर बार की तरह आसान न रहे क्‍योंकि अर्नब तूफान के चलते घने बादलों के बीच चांद लुका-छिपी खेल सकता है. इसके अलावा 29 अक्‍टूबर 2026, गुरुवार को कुछ देर का भद्रा काल भी है. ऐसे में पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त क्‍या है, चांद कब नजर आएगा, चंद्रमा को अर्ध्‍य कब कैसे और किस मंत्र को बोलते हुए दें, जानिए करवा चौथ की सरगी, निर्जला व्रत, पूजा, चंद्र दर्शन से लेकर पारण तक की हर जरूरी जानकारी.

करवा चौथ का सरगी टाइम

सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है, लिहाजा सास द्वारा दी गई मेवे, मिठाई, फल आदि की सरगी सूर्योदय से पहले खा लें. दिल्‍ली में आज सूर्योदय समय सुबह 06:30 बजे है, अलग-अलग शहरों में ये समय भिन्‍न हो सकता है. लिहाजा स्‍थानीय पंचांग के अनुसार, समय पर सरगी ग्रहण करें.

व्रत-पूजा का संकल्‍प

फिर करवा माता, भगवान गौरी-शंकर का स्‍मरण करते हुए व्रत और पूजा का संकल्‍प लें. इसके साथ ही सुबह सूर्योदय से लेकर रात को चंद्रोदय तक के लिए निर्जला व्रत प्रारंभ हो जाता है. वैसे तो करवा चौथ का व्रत निर्जला (बिना अन्‍न और जल) रखा जाता है, लेकिन स्‍वास्‍थ्‍य खराब हो या गर्भवती हों तो निर्जला व्रत न रखें. बल्कि 
फलाहार कर लें.

करवा चौथ व्रत-पूजा

करवा चौथ पर करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश की पूजा की जाती है. शाम को 16 श्रृंगार करें और फिर शुभ मुहूर्त में करवा चौथ की पूजा करें. दिल्‍ली-एनसीआर में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:38 बजे से 06:56 बजे तक है. अलग-अलग पंचांगों में पूजा समय में कुछ अंतर हो सकता है.

(यह भी पढ़ें: करवा चौथ के दिन प्यार वाले ग्रह का उदय, सालों पुरानी शादी में आएगा लव ट्विस्ट, बैंक बैलेंस भी बढ़ेगा!) 

करवा चौथ पर भद्रा काल

करवा चौथ व्रत 29 अक्‍टूबर के सूर्योदय से शुरू होगा और काफी देर पहले ही भद्रा काल समाप्‍त हो जाएगा. भद्रा काल का समय 28 व 29 अक्‍टूबर की रात 01:06 बजे तक ही है. यानी कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में सरगी ग्रहण करने का समय भी भद्रा रहित होगा. लिहाजा इस साल करवा चौथ पर व्रत रखने, पूजा करने, चांद को अर्घ्‍य देने आदि में भद्रा काल कोई बाधा नहीं डालेगा.

चांद निकलने का समय

करवा चौथ व्रत की रात को चांद निकलने का समय उत्‍तर भारत में मोटे तौर पर रात को 8 बजे के बाद ही है. दिल्ली में चांद आज रात 8:17 बजे निकल सकता है. वहीं नोएडा में चांद निकलने का समय रात 8:16 बजे के आसपास रहेगा. गुरुग्राम में रात 8:18 बजे चांद निकलेगा. चांद निकलने के समय में भी अंतर हो सकता है. उस पर चांद तभी नजर आ सकता है, जब आसमान साफ हो.

चंद्र देव को अर्घ्‍य

रात को चंद्रोदय होने के बाद चंद्र देव को अर्घ्‍य दिया जाता है. चंद्र देव की पूजा के साथ ही करवा चौथ व्रत पूरा होता है. 
चंद्रमा को कच्‍चा दूध, थोड़े से साबुत चावल जल में मिलाकर अर्घ्‍य दें. 
अर्घ्‍य देते समय 'ॐ सोमाय नमः' या 'ॐ चन्द्राय नमः' मंत्र का जाप करें. 
छलनी से चांद को देखने की परंपरा परिवार में है, तो उसे पूरा करें. 
अपने परिवार की सुख-शांति की कामना करें.

व्रत का पारण

चंद्र देव को अर्घ्‍य देने, पूजा के बाद करवा चौथ व्रत का पारण करें. यदि पति उस समय घर पर हैं तो उनके हाथ से पानी पीकर व्रत का पारण करें. फिर प्रसाद खाएं. करवा चौथ के पारण के बाद सात्विक भोजन ही करें. परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लें.

(यह भी पढ़ें: करवा चौथ पर बालत्व दोष! नई दुल्हनों को व्रत रखना है या नहीं? ज्योतिषी से जानें

(Disclaimer:  यह जानकारी द्रिक पंचांग और विभिन्न वैदिक पंचांगों के आधार पर दी गई है. शहर के अनुसार चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें.) 
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES