कार्तिक मास के हर दिन मिलेगा गंगा स्नान का पुण्य, बस घर बैठे कर लें ये आसान काम
Kartik Maas 2026: कार्तिक मास 27 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है. इस महीने में गंगा स्नान का विशेष महत्व है, लेकिन जो लोग गंगा स्नान करने के लिए किसी पवित्र तीर्थ पर नहीं जा पा रहे हैं, वे निराश न हों. घर बैठकर इन उपायों से पुण्य प्राप्त करें.
कार्तिक महीना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम मास माना गया है, जो कि इस साल 27 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 24 नवंबर 2026 तक चलेगा. धार्मिक मान्यता है कि इस महीने में गंगा स्नान करने से 100 यज्ञ करने के बराबर फल मिलता है, साथ ही पाप नष्ट होते हैं. इसलिए कार्तिक मास के गंगा नदी के सारे पवित्र तीर्थों और घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. लेकिन बीमारी, काम या अन्य कारणों के चलते हर व्यक्ति के लिए इन पवित्र तीर्थों पर जाकर गंगा स्नान करना संभव नहीं हो पाता है, ऐसे में वे लोग अपने घर पर ही रहकर कुछ खास उपाय करके गंगा स्नान का फल पा सकते हैं. साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पा सकते हैं.
घर पर करें कार्तिक स्नान
विद्वानों और धर्माचार्यों के अनुसार कार्तिक मास में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें. साथ ही नहाने के पानी में कुछ बूंदें गंगाजल की मिला लें. इससे नहाने का पानी ही गंगाजल बन जाएगा. गंगाजल नहीं है तो अन्य पवित्र नदियों जैसे - यमुना, नर्मदा आदि पवित्र नदियों का जल मिला लें. फिर मंत्र पढ़ें -
"गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥"
इसके बाद इस जल से स्नान करें. ऐसा करने से भी गंगा स्नान जैसा फल मिलने की मान्यता है.
ये काम भी करें
कार्तिक महीने में कुछ आसान काम रोजाना करें. इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं.
- रोजाना सुबह तुलसी को जल चढ़ाएं (एकादशी तिथि और रविवार को छोड़कर). शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं.
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- संभव हो तो सुबह स्नान से पहले अपने शरीर पर तुलसी के पौधे की थोड़ी सी मिट्टी का लेप लगाएं. फिर गंगाजल मिले पानी से स्नान करें.
- नहाते समय ऊपर बताया गया मंत्र पढ़ें. इससे पवित्र नदियों में स्नान का पुण्य मिलता है.
- रोजाना स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दें.
- फिर घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें, मंत्र पढ़ें, आरती करें. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.
(Disclaimer: यह लेख धार्मिक ग्रंथों और पंडितों से मिली जानकारी पर लिखा गया है. इसे आस्था और जानकारी के तौर पर लें, व्यक्तिगत सलाह के तौर पर नहीं.)