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झाड़ी वाले हनुमान जी: 1200 साल पुराना चमत्कारिक मंदिर, जहां रात में आते हैं सांप और पूरी होती है हर मन्नत

आज हम आपको श्री झाड़ी वाले हनुमान मंदिर का इतिहास और चमत्कारों के बारे में बातएंगे. साथ ही 1200 साल पुरानी मूर्ति, 21 परिक्रमा के नियम और संतों की तपोस्थली के बारे में डिटेल से जानेंगे.

Written By Harsh Singh
Published: Oct 14, 2026, 05:54 PM IST | Updated: Oct 14, 2026, 06:07 PM IST
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क्या आपने कभी झाड़ी वाले हनुमान जी के बारे में सुना है, दरअसल ये एक मंदिर का नाम है. इस मंदिर का नाम सुनकर लोगों के मन में एक ही सवाल आता है कि आखिर इस मंदिर का ऐसा नाम क्यों पड़ा.

तो बात ऐसी है कि जब इस मंदिर को बनवाया गया था, उस समय वहां के इलाके में चारों तरफ बस घनी झाड़ी थी.

इसी वजह से मंदिर का नाम श्री झाड़ी वाले हनुमान जी पड़ गया. ये मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित है.

वहां के लोग इस मंदिर के बारे में तरह-तरह की बातें करते हैं. जैसे उनका कहना है कि मंदिर परिसर में दैवीय शक्तियां घूमती रहती हैं.

फिर भी लोग मंदिर में आराम से दर्शन करने जाते हैं. कहा जाता है कि जो भी इस मंदिर में सच्चे मन से दर्शन कर ले उसे सारी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.

1200 साल पुरानी मूर्ति

क्या आपने कभी सोचा है कि 1200 साल पुरानी मूर्ति कैसी दिखती होगी, अगर आप देखना चाहते हैं तो इस मंदिर के दर्शन करने जा सकते हैं.

दरअसल इस मंदिर के गर्भ गृह में भगवान हनुमान जी मूर्ति लगभग 1200 साल पुरानी है. जिसको देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं.

वहां के लोगों में मंदिर को लेकर एक मान्यता है. अगर आपके मन में कोई बात है जो पूरी नहीं हो रही है और बहुत परेशान हैं, तो आप लगातार 21 शनिवार या मंगलवार मंदिर जाकर परिसर की परिक्रमा लगा लिजिए. जिससे आपकी मनोकामना पूरी हो जाएगी.

वहां के लोग कहते हैं कि मंदिर परिसर में बहुत सारे सांप रात के समय भगवान के दर्शन के लिए आते हैं.

जब चोर खुद मंदिर में वापस रख गए चुराई हुई मूर्तियां

अगर मंदिर के या वहां के आस-पास के लोगों से मंदिर के बारे में पुछेंगे तो तरह-तरह की कहानियां सुनाते हैं. उसी में से एक कहानी ये है.

वो बताते हैं कि लगभग 30 साल पहले कुछ चोर हनुमान जी की मूर्ति को चुराने का प्लान बनाते हैं. जिसके बाद उन लोगों ने आधी रात को मंदिर में जाकर मूर्तियां चुरा ली.

लोग जब अगले दिन दर्शन करने के लिए मंदिर गएं तो वहां मूर्ति ही नहीं थी. सब परेशान हो गएं. लेकिन कुछ दिनों बाद वो मूर्तियां वहीं पड़ी मिली. ये कहानी भगवान की दिव्य शक्तियों की गवाही देती हैं.

महान साधु-संतों की तपस्या से पावन हुई ये सिद्ध भूमि

उस इलाके के बहुत फेमस लेखक इतिहासकार और रामस्वरूप सरस कहते हैं कि, झाड़ी वाले हनुमान जी मंदिर का परिसर महान संतों की साधना करने का जगह रहा है.

यही वजह है कि वहां अगर आप जाएंगे तो आपको अलग ही शांति मिलेगी, इसलिए अगर आपको मौका मिलता है इस मंदिर में दर्शन करने जाने का तो जरूर जानें का प्लान बनाना चाहिए.

अगर जा रहे हैं तो मंगलवार और शनिवार का प्लान रखिएगा. क्योंकि इस दिन दर्शन करने से फल ज्यादा मिलता है.

वैसे तो इस दिन बहुत भीड़ रहता है. लेकिन थोड़ी सी मेहनत के बाद आप दर्शन कर लेंगे. जिससे आपके मन को बहुत शांति मिलेगी.


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(Disclaimer): इस लेख में दी गई समस्त जानकारी स्थानीय मान्यताओं, पौराणिक लोक-विश्वासों और क्षेत्र के प्रतिष्ठित लेखकों व पुजारियों से प्राप्त विवरणों पर आधारित है.

 

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About the Author

हर्ष सिंह जी न्यूज डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. उन्होंने मार्च 2024 में जी न्यूज जॉइन किया था. वर्तमान में हर्ष धर्म और ज्योतिष से जुड़ी खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं. हर्ष को उनकी फैक्ट-आधारित और भरोसेमंद लेखन शैली के लिए जाना जाता है.बनारस के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले हर्ष अपनी पूरी ऊर्जा और समझ के साथ धर्म-कर्म और ऐस्ट्रो की दुनिया के खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं.अगर आप हर्ष सिंह से संपर्क करना चाहते हैं या उनसे जुड़ा कोई सुझाव साझा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस ईमेल आईडी पर लिख सकते हैं: Harsh.singh@India.com
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