झाड़ी वाले हनुमान जी: 1200 साल पुराना चमत्कारिक मंदिर, जहां रात में आते हैं सांप और पूरी होती है हर मन्नत
आज हम आपको श्री झाड़ी वाले हनुमान मंदिर का इतिहास और चमत्कारों के बारे में बातएंगे. साथ ही 1200 साल पुरानी मूर्ति, 21 परिक्रमा के नियम और संतों की तपोस्थली के बारे में डिटेल से जानेंगे.
क्या आपने कभी झाड़ी वाले हनुमान जी के बारे में सुना है, दरअसल ये एक मंदिर का नाम है. इस मंदिर का नाम सुनकर लोगों के मन में एक ही सवाल आता है कि आखिर इस मंदिर का ऐसा नाम क्यों पड़ा.
तो बात ऐसी है कि जब इस मंदिर को बनवाया गया था, उस समय वहां के इलाके में चारों तरफ बस घनी झाड़ी थी.
इसी वजह से मंदिर का नाम श्री झाड़ी वाले हनुमान जी पड़ गया. ये मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित है.
वहां के लोग इस मंदिर के बारे में तरह-तरह की बातें करते हैं. जैसे उनका कहना है कि मंदिर परिसर में दैवीय शक्तियां घूमती रहती हैं.
फिर भी लोग मंदिर में आराम से दर्शन करने जाते हैं. कहा जाता है कि जो भी इस मंदिर में सच्चे मन से दर्शन कर ले उसे सारी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.
1200 साल पुरानी मूर्ति
क्या आपने कभी सोचा है कि 1200 साल पुरानी मूर्ति कैसी दिखती होगी, अगर आप देखना चाहते हैं तो इस मंदिर के दर्शन करने जा सकते हैं.
दरअसल इस मंदिर के गर्भ गृह में भगवान हनुमान जी मूर्ति लगभग 1200 साल पुरानी है. जिसको देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं.
वहां के लोगों में मंदिर को लेकर एक मान्यता है. अगर आपके मन में कोई बात है जो पूरी नहीं हो रही है और बहुत परेशान हैं, तो आप लगातार 21 शनिवार या मंगलवार मंदिर जाकर परिसर की परिक्रमा लगा लिजिए. जिससे आपकी मनोकामना पूरी हो जाएगी.
वहां के लोग कहते हैं कि मंदिर परिसर में बहुत सारे सांप रात के समय भगवान के दर्शन के लिए आते हैं.
जब चोर खुद मंदिर में वापस रख गए चुराई हुई मूर्तियां
अगर मंदिर के या वहां के आस-पास के लोगों से मंदिर के बारे में पुछेंगे तो तरह-तरह की कहानियां सुनाते हैं. उसी में से एक कहानी ये है.
वो बताते हैं कि लगभग 30 साल पहले कुछ चोर हनुमान जी की मूर्ति को चुराने का प्लान बनाते हैं. जिसके बाद उन लोगों ने आधी रात को मंदिर में जाकर मूर्तियां चुरा ली.
लोग जब अगले दिन दर्शन करने के लिए मंदिर गएं तो वहां मूर्ति ही नहीं थी. सब परेशान हो गएं. लेकिन कुछ दिनों बाद वो मूर्तियां वहीं पड़ी मिली. ये कहानी भगवान की दिव्य शक्तियों की गवाही देती हैं.
महान साधु-संतों की तपस्या से पावन हुई ये सिद्ध भूमि
उस इलाके के बहुत फेमस लेखक इतिहासकार और रामस्वरूप सरस कहते हैं कि, झाड़ी वाले हनुमान जी मंदिर का परिसर महान संतों की साधना करने का जगह रहा है.
यही वजह है कि वहां अगर आप जाएंगे तो आपको अलग ही शांति मिलेगी, इसलिए अगर आपको मौका मिलता है इस मंदिर में दर्शन करने जाने का तो जरूर जानें का प्लान बनाना चाहिए.
अगर जा रहे हैं तो मंगलवार और शनिवार का प्लान रखिएगा. क्योंकि इस दिन दर्शन करने से फल ज्यादा मिलता है.
वैसे तो इस दिन बहुत भीड़ रहता है. लेकिन थोड़ी सी मेहनत के बाद आप दर्शन कर लेंगे. जिससे आपके मन को बहुत शांति मिलेगी.
ये भी पढ़ें: घट स्थापना में कलश पर मौली बांधना क्यों है जरूरी? जानिए इसका रहस्य
(Disclaimer): इस लेख में दी गई समस्त जानकारी स्थानीय मान्यताओं, पौराणिक लोक-विश्वासों और क्षेत्र के प्रतिष्ठित लेखकों व पुजारियों से प्राप्त विवरणों पर आधारित है.