पापांकुशा एकादशी के नाम से ही जाहिर है पापों को नाश करने वाली एकादशी. यह एकादशी व्रत रखने और पूजा करने से जाने-अनजाने में किए गए सारे पापों का नाश होता है. इसलिए इस एकादशी को बेहद अहम माना गया है. इस साल आश्विन शुक्ल एकादशी यानी कि पापांकुशा एकादशी व्रत किस तारीख को रखा जाएगा, उस पर कंफ्यूजन है क्योंकि दशहरा 2 दिन पड़ रहा है.
प्रमुख तौर पर अधिकांश जगह 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा या विजयादशमी पर्व मनाया जा रहा है. ऐसे में कुछ लोग सोच रहे हैं कि 21 अक्टूबर को एकादशी है, वहीं कुछ को लग रहा है कि दशहरा 20 और 21 अक्टूबर दोनों को है, इसलिए 22 अक्टूबर को एकादशी व्रत रखा जाएगा. ऐसे में अपना कंफ्यूजन दूर कर लें और एकादशी की सही तारीख व पारण समय जान लें.
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में आश्विन शुक्ल एकादशी यानी कि पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. क्योंकि -
एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट से होगा.
एकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट पर होगी.
उदयातिथि के आधार पर पापांकुशा एकादशी व्रत रखा जाएगा.
पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि को किया जाता है. यह तिथि 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को पड़ रही है. पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण समय 23 अक्टूबर की सुबह 05:51 बजे से 08:08 बजे तक है.
भगवान विष्णु के लिए पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने और पूजा करने से दोगुना फल मिल सकता है क्योंकि यह एकादशी गुरुवार को पड़ रही है. गुरुवार के दिन भी भगवान विष्णु के लिए व्रत रखा जाता है और पूजा की जाती है. इस तरह 22 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी व्रत करने से एकादशी के साथ-साथ गुरुवार व्रत का फल भी मिलेगा.
एकादशी की पूजा में व्रत कथा पढ़ें, आरती करें और ऊं भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें. साथ ही गरीब-जरूरतमंदों को दान दें.
(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)